Wipro, भारत की बड़ी IT सेवा कंपनी, ने मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को अपने Q1 FY26 यानी 30 जून 2025 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी करने की तारीख की घोषणा की है। कंपनी ने BSE में दाखिल दस्तावेज़ में बताया कि कंपनी के Board of Directors की अगली बैठक 16-17 जुलाई 2025 को होगी। इस बैठक में कंपनी के condensed, audited standalone और consolidated financial results, जो IndAS के तहत तैयार किए गए हैं, तथा IFRS के तहत consolidated financial results की समीक्षा और अनुमोदन किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी FY26 के लिए interim dividend की घोषणा भी कर सकती है। कंपनी बोर्ड की ओर से इस तिमाही के परिणाम 17 जुलाई 2025 की शाम तक मंजूर कर लिए जाएंगे। Wipro ने यह भी सूचित किया कि कंपनी के securities में ट्रेडिंग की विंडो 16 जून 2025 से 19 जुलाई 2025 तक बंद रहेगी। यह कदम शेयर बाजार नियमों के तहत लिया गया है ताकि अंदरूनी जानकारी के दुरुपयोग को रोका जा सके। Wipro Limited, जो Bengaluru में मुख्यालय रखती है, IT सेवाओं और परामर्श की दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है। इस कंपनी के पास consulting, design, engineering और operations में व्यापक क्षमताएं हैं। कंपनी के 2,30,000 से अधिक कर्मचारी और बिजनेस पार्टनर्स 65 देशों में फैले हुए हैं
Srini Pallia इस कंपनी के वर्तमान CEO हैं। भारतीय IT सेक्टर के लिए Q1 FY26 की शुरुआत बड़ी चुनौती भरी नजर आ रही है। विश्लेषकों की मानें तो इस तिमाही में प्रमुख IT कंपनियों की प्रदर्शन “modest” रहेगा। खासकर consumer और manufacturing सेक्टर की धीमी मांग के कारण बड़े IT खिलाड़ियों को नुकसान हो सकता है। हालांकि, mid-tier कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। विश्लेषकों ने यह भी कहा है कि इस तिमाही में अमेरिकी डॉलर की मजबूती की वजह से कंपनियों को sequential revenue growth हासिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, global आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी IT कंपनियां अपनी FY26 के लिए दी गई guidance को बनाए रखने की कोशिश करेंगी। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ नीति और व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियां discretionary spending को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन तिमाही की शुरुआत में मांग में गिरावट अपेक्षा से कम रही है। डील पाइपलाइन फिलहाल मजबूत बनी हुई है, खासकर cost optimisation, infrastructure modernisation और AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स में। IT सेक्टर की Q1 FY26 की कमाई का सिलसिला गुरुवार, 10 जुलाई से शुरू होगा, जब Tata Consultancy Services (TCS) अपने नतीजे घोषित करेगी
इसके बाद HCL Tech 14 जुलाई, Tech Mahindra और L&T Technology Services 16 जुलाई को रिपोर्ट पेश करेंगे। LTIMindtree 17 जुलाई को अपने Q1 नतीजे देंगे, जबकि Infosys 23 जुलाई को अपनी रिपोर्ट जारी करेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए outlook की बात करें तो क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने भारतीय IT सेवा उद्योग के लिए स्थिर outlook जारी करते हुए कहा है कि इस वित्तीय वर्ष में अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 2-3% की सालाना राजस्व वृद्धि होने की संभावना है। यह वृद्धि FY25 में दर्ज 2.9% से थोड़ी कम रहेगी। ICRA के विश्लेषण के मुताबिक, 15 प्रमुख IT कंपनियों के डेटा के आधार पर जो उद्योग के लगभग 60% राजस्व का प्रतिनिधित्व करती हैं, FY26 में IT सेक्टर में मन्दगति के साथ वृद्धि होगी। इसका मुख्य कारण अमेरिकी टैरिफ नीतियों से उत्पन्न अनिश्चितताएं हैं, जो प्रमुख बाजारों में IT बजट आवंटन पर दबाव डाल सकती हैं। ICRA ने कहा, “हालांकि हाल के तिमाहियों में ऑपरेटिंग इनकम में सुधार देखा गया है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ के कारण उत्पन्न अनिश्चितताएं FY26 में आय वृद्धि के लिए कोई बड़ा लाभ नहीं दे पाएंगी। ” IT सेक्टर के इन हालातों के बीच, निवेशक और बाजार विशेषज्ञ TCS, HCL Tech, Tech Mahindra, L&T Technology Services, LTIMindtree और Infosys के आने वाले परिणामों पर नजर गड़ाए हुए हैं ताकि यह समझा जा सके कि भारतीय IT कंपनियां वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच कैसे मुकाबला कर रही हैं। Wipro के Q1 FY26 के परिणामों से न केवल कंपनी की वित्तीय सेहत का पता चलेगा, बल्कि भारतीय IT सेक्टर की समग्र स्थिति का भी एक स्पष्ट संकेत मिलेगा। इस तिमाही के परिणाम यह तय करेंगे कि क्या बड़े IT खिलाड़ी वैश्विक दबावों के बावजूद अपनी गति बनाए रख पाएंगे या फिर उन्हें और अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा
इस बीच, निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि Wipro समेत समूचे IT सेक्टर की ट्रेडिंग विंडो 16 जून से 19 जुलाई तक बंद रहेगी, जिससे इस अवधि में कंपनी के शेयरों में किसी भी तरह की अंदरूनी जानकारी के आधार पर ट्रेडिंग नहीं हो सकेगी। इस प्रकार, Wipro की बोर्ड बैठक और वित्तीय परिणाम आने वाले हफ्ते में भारतीय IT सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी, जो निवेशकों, बाजार विशेषज्ञों और उद्योग जगत की नजरों में खासा अहम होगा