IndiaFirst Life की Chief Investment Officer Poonam Tandon ने हाल ही में शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति और आने वाले समय की संभावनाओं को लेकर अहम बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक जिन कंपनियों ने अपने Q1 FY25 के नतीजे घोषित किए हैं, उनमें EBITDA और PAT ग्रोथ लगभग उम्मीदों के मुताबिक रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पूरे तिमाही नतीजों के आने के बाद EPS अनुमान में कुछ कटौती हो सकती है। उन्होंने कहा कि Cement सेक्टर और कुछ NBFCs ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ Consumption-आधारित कंपनियां उम्मीदों से कमजोर रही हैं। Poonam ने यह भी कहा कि सितंबर तिमाही से बाजार में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। इसके पीछे RBI द्वारा सिस्टम में तरलता बढ़ाने और पॉलिसी रेट्स को काफी हद तक कम करने जैसे कदम हैं, साथ ही सरकार द्वारा हाल ही में बजट में दिए गए टैक्स रिबेट भी इस सुधार को बढ़ावा देंगे। Poonam Tandon ने बताया कि मार्च-अप्रील 2025 में बाजार ने जो निचले स्तर देखे थे, वहां से रिकवरी हुई है और वर्तमान में बाजार के मूल्यांकन (valuations) औसत से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। टैरिफ पॉलिसी और भू-राजनीतिक तनावों को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई है और यदि ये तनाव बढ़ते हैं तो यह बाजार की भावना को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के घरेलू मैक्रो फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं, जो RBI की प्रगतिशील मौद्रिक नीति और सरकार की फिस्कल पॉलिसी के कारण संभव हो पाया है
RBI ने ब्याज दरों में कटौती की है और सिस्टम में तरलता बढ़ाई है, जबकि बजट में सेवा वर्ग के लिए टैक्स में राहत दी गई है, जिससे आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। शेयर बाजार के हालिया नतीजों को लेकर Poonam ने यह भी कहा कि जून तिमाही के प्रबंधन के कमेंट्री के आधार पर सितंबर तिमाही में सुधार देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि शहरी उपभोग (urban consumption) धीरे-धीरे सुधरेगा और ग्रामीण उपभोग (rural consumption) में और भी ज्यादा सुधार होगा, खासकर समय पर हुई मानसून और मजबूत खरीफ फसल बुवाई के चलते। जहां तक कुछ सेक्टर्स की बात है, उन्होंने बताया कि Cement और NBFC सेक्टर्स ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि Consumption सेक्टर के कुछ नाम कमजोर रहे हैं। Q1 के लिए ईपीएस ग्रोथ अपेक्षाकृत कम रही है, लेकिन पूरे वर्ष के लिए Nifty 50 के ईपीएस ग्रोथ की उम्मीद मिड-टीन्स (mid-teens) में बनी हुई है। इसलिए अगले कुछ महीनों में ईपीएस अनुमान में संशोधन हो सकता है। ऑटो सेक्टर की स्थिति पर बात करते हुए Poonam ने कहा कि ऑटो सेक्टर डिमांड की कमजोरी से प्रभावित हुआ है, खासकर Passenger Vehicle (PV) सेगमेंट में। हालांकि, 2W और ट्रैक्टर सेगमेंट में बेहतर संभावनाएं हैं। इस सेक्टर में निवेश करते समय उन्हें काफी सावधानी बरतनी होगी। अमेरिका के Federal Reserve के आगामी FOMC मीटिंग को लेकर उन्होंने कहा कि US Fed अभी भी डेटा पर निर्भर है और टैरिफ तथा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपना सकता है
US Fed इस साल दो बार पॉलिसी रेट कम कर सकता है, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिल सकता। FMCG सेक्टर के बारे में Poonam ने कहा कि इसे भी उपभोग में मंदी के कारण नुकसान हुआ है और इस वजह से इस सेक्टर के स्टॉक्स की कीमतें प्रभावित हुई हैं। हालांकि कुछ कंपनी के मूल्यांकन अभी भी उच्च हैं, लेकिन निवेश में चयनात्मक रहना जरूरी होगा क्योंकि बाजार में कुछ चिंताएं पहले से ही शामिल हो चुकी हैं। कुल मिलाकर, Poonam Tandon का मानना है कि 2025 में बाजार में मध्यम सुधार देखने को मिल सकता है, खासकर सितंबर तिमाही से शुरू होकर। RBI की प्रगतिशील नीतियां और सरकार के टैक्स रिबेट से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, जिससे कंपनियों के नतीजों में सुधार आएगा। लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जो बाजार की भावना पर दबाव बना सकते हैं। निवेशकों के लिए इस दौर में सतर्कता और चयनात्मक निवेश जरूरी होगा