Westlife Foodworld के Q1 में मुनाफा 62% गिरा, लेकिन बिक्री में 6.7% की बढ़ोतरी ने दी उम्मीदें

Saurabh
By Saurabh

Westlife Foodworld, जो McDonald’s के रेस्तरां West और South India में संचालित करता है, ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में अपनी साझा शुद्ध लाभ (consolidated net profit) में भारी गिरावट दर्ज की है। कंपनी ने बुधवार, 23 जुलाई को बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में उसका शुद्ध लाभ ₹1.22 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के ₹3.25 करोड़ के मुकाबले लगभग 62% कम है। हालांकि, कंपनी की कुल बिक्री में 6.7% का इजाफा हुआ है और यह ₹658 करोड़ पर पहुंच गई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹616 करोड़ थी। Westlife Foodworld के Q1 FY26 के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की बिक्री में सुधार के बावजूद मुनाफे पर दबाव बना हुआ है। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट या EBITDA में हालांकि 8.5% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹78.5 करोड़ से बढ़कर ₹85.2 करोड़ हो गया है। इस वृद्धि के पीछे कंपनी की बेहतर संचालन दक्षता और खर्च नियंत्रण का हाथ है। इसके अलावा, कंपनी ने FY26 के लिए ₹2 के फेस वैल्यू वाले प्रति इक्विटी शेयर 75 पैसे का अंतरिम लाभांश भी बोर्ड की मंजूरी से घोषित किया है। कंपनी ने Q1 में लगातार तीसरी तिमाही के लिए सकारात्मक Same Store Sales Growth (SSSG) दर्ज की, जो 0.5% YoY रही। यह वृद्धि स्थिर ग्राहक संख्या और औसत बिल की बढ़ोतरी से हुई है। ऑन-प्रिमाइसेस बिक्री में सालाना 8% की बढ़ोतरी हुई, जबकि ऑफ-प्रिमाइसेस बिक्री 4% बढ़ी

Off-Premise बिजनेस की हिस्सेदारी लगभग 41% बनी हुई है, जो पिछले तीन वर्षों के औसत के अनुरूप है। कंपनी का कहना है कि इसका मजबूत omnichannel उपस्थिति इस मॉडल को लगातार सशक्त बना रही है। Westlife Foodworld के अनुसार, खाने-पीने की आदतों में स्थिरता आई है और इस साल धीरे-धीरे बाहर खाने का रुझान बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि कम मुद्रास्फीति और सरकार की प्रोत्साहन नीतियां इस सुधार में मदद करेंगी। McSaver Meals और McSaver+ Combo प्लेटफॉर्म ने किफायती विकल्प प्रदान कर ग्राहक संख्या बढ़ाने में मदद की है। मार्च में लॉन्च किए गए लिमिटेड टाइम कोरियन रेंज के बर्गर, साइड्स और ड्रिंक्स ने भी ग्राहकों का ध्यान आकर्षित किया है। डिजिटल बिक्री कंपनी के लिए एक बड़ा आधार बन चुकी है, जो लगभग 75% की हिस्सेदारी के साथ पिछले साल की तुलना में 500 बेसिस पॉइंट्स से अधिक बढ़ी है। यह वृद्धि मोबाइल ऐप्स और Self-Ordering Kiosks (SOKs) के कारण हुई है, जो ग्राहकों को तेज़ और सुविधाजनक सेवा प्रदान कर रहे हैं। कंपनी की ग्रॉस मार्जिन में भी सुधार हुआ है, जो 160 बेसिस पॉइंट्स की बढ़त के साथ 71.6% पर पहुंच गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से सप्लाई चेन में दक्षता सुधार के कारण संभव हुई है

कंपनी का अनुमान है कि भविष्य में भी ग्रॉस मार्जिन 70% के आस-पास बना रहेगा। रेस्टोरेंट ऑपरेटिंग मार्जिन में लगभग 80 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है, जो ऑपरेशनल उत्कृष्टता को दर्शाता है। ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन स्थिर रहकर 13.0% पर बना हुआ है। कंपनी 2027 तक ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन को 18-20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। नकद लाभ (Cash Profit) कर के बाद ₹47.4 करोड़ रहा, जो कुल बिक्री का 7.2% है। इस तिमाही में कंपनी ने नौ नए रेस्टोरेंट खोले जबकि तीन रेस्टोरेंट बंद किए। Westlife Foodworld ने अपनी 2027 तक 580-630 रेस्टोरेंट्स की संख्या तक पहुंचने की योजना जारी रखी है। वहीं, NSE पर कंपनी के शेयर बुधवार को ₹772.10 पर बंद हुए, जो पिछले बंद भाव से 1.57% अधिक है। यह परिणाम बाजार के खुलते समय घोषित किए गए। Westlife Foodworld के Q1 परिणामों ने एक मिश्रित तस्वीर पेश की है जहां बिक्री सुधार के बावजूद मुनाफे में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क किया है

कंपनी की डिजिटल रणनीतियां और मूल्य संवेदनशील उत्पादों की पेशकश ने बिक्री में मजबूती दी है, लेकिन लागत दबाव और अन्य आर्थिक कारक मुनाफे को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले समय में कंपनी के विस्तार और संचालन दक्षता सुधार की रणनीतियों पर निगाहें रहेंगी

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