Axis Bank अपने जून क्वार्टर के नतीजे 17 जुलाई को घोषित करेगा, जो बैंकिंग सेक्टर की कमाई सीजन की शुरुआत मानी जा रही है। विशेषज्ञों की राय है कि इस बार Axis Bank का standalone net profit केवल कम-से-कम एक अंकों की वृद्धि दर्ज करेगा। अनुमान है कि बैंक का net profit सालाना आधार पर 3-5% बढ़कर ₹6,310 करोड़ से ₹6,400 करोड़ के बीच होगा। हालांकि, यह वृद्धि अपेक्षा से कम होगी, क्योंकि बैंक के loan book की ग्रोथ धीमी रही है और provisioning बढ़ी है। पिछले साल के इसी क्वार्टर में Axis Bank ने ₹6,035 करोड़ का standalone net profit रिपोर्ट किया था, जबकि पिछले क्वार्टर में यह ₹7,118 करोड़ था। Net interest income (NII) में भी मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। बैंक का NII साल-दर-साल 1-2% बढ़कर ₹13,550 करोड़ से ₹13,650 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है। पिछले साल इसी अवधि में NII ₹13,448 करोड़ था और Q4FY25 में यह ₹13,810 करोड़ था। निवेशक इस बार bank के key performance indicators जैसे कि net interest margin, loan disbursement में वृद्धि, और gross तथा net non-performing assets (NPAs) पर खास नजर रखेंगे। साथ ही, RBI के हाल के repo rate कटौती के बाद बैंक के management की business outlook पर टिप्पणी भी महत्वपूर्ण रहेगी
Q1 परिणामों की घोषणा से पहले, बुधवार को Axis Bank के शेयर ₹1,165 के स्तर पर बंद हुए, जो पिछले कुछ महीनों में लगभग 8.7% की रिटर्न दे चुके हैं। तकनीकी दृष्टिकोण से देखा जाए तो, Axis Bank के शेयर ने महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन ₹1,150 की ओर झुकाव दिखाया है और फिलहाल यह अपने 21-दिन और 50-दिन के exponential moving averages (EMAs) से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत देता है। हालांकि, कुल मिलाकर शेयर की चाल ₹1,180 और ₹1,150 के बीच साइडवेज बनी हुई है। ट्रेडर्स के लिए यह जरूरी होगा कि वे इस रेंज और ट्रेंडलाइन के ब्रेकआउट पर ध्यान दें, क्योंकि बंद होने के आधार पर इसका ब्रेक आगे के ट्रेंड का संकेत देगा। Options मार्केट में भी Axis Bank के लिए दिलचस्प परिदृश्य है। 31 जुलाई की समाप्ति के लिए open interest डेटा बताता है कि 1,200 के कॉल ऑप्शन पर भारी कंसंट्रेशन है, जो इस क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण resistance जोन बनाता है। वहीं, बैंक का at-the-money (ATM) स्ट्राइक ₹1,170 है, जहां कॉल और पुट ऑप्शन दोनों की प्राइस ₹50 के आसपास है। इसका मतलब यह है कि बैंक के शेयर में ±4.3% तक की कीमत में उतार-चढ़ाव की उम्मीद की जा रही है। पिछले earnings घोषणा के दौरान Axis Bank के शेयर के मूवमेंट को देखकर ट्रेडर्स के पास विकल्प हैं कि वे volatility के अनुसार रणनीति अपना सकते हैं। यदि कोई sharp price movement की उम्मीद करता है, तो Long Straddle ऑप्शन स्ट्रेटेजी उपयुक्त होगी, जिसमें ATM कॉल और पुट ऑप्शन दोनों खरीदे जाते हैं
यह रणनीति तब लाभदायक होती है जब शेयर की कीमत ±4.3% से अधिक ऊपर या नीचे जाती है। वहीं, यदि बाजार में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है, तो Short Straddle स्ट्रेटेजी अपनाई जा सकती है जिसमें ATM कॉल और पुट ऑप्शन बेचे जाते हैं, यह दर्शाता है कि शेयर की कीमत अपेक्षित रेंज के भीतर रहेगी। इसके अलावा, जो निवेशक मानते हैं कि Axis Bank ₹1,180 से ₹1,150 के बीच की रेंज या ट्रेंडलाइन से ऊपर या नीचे टूटेगा, वे Bull Call Spread या Bear Put Spread जैसी रणनीतियों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग में जोखिम होता है और इसे केवल अनुभवी ट्रेडर्स को ही करना चाहिए जो स्टॉप-लॉस जैसे जोखिम प्रबंधन उपकरणों का सख्ती से पालन करते हैं। कुल मिलाकर, Axis Bank के Q1 परिणाम निवेशकों और ट्रेडर्स दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। बैंक की धीमी ग्रोथ और बढ़ी हुई provisioning के कारण मुनाफे में मामूली वृद्धि की संभावना है, लेकिन RBI की मौद्रिक नीति और loan book की स्थिति भविष्य की राह तय करेगी। तकनीकी विश्लेषण और ऑप्शन डेटा से संकेत मिलते हैं कि शेयर फिलहाल एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन पर है और 31 जुलाई तक ±4.3% की कीमत में उतार-चढ़ाव संभावित है। इसलिए, निवेशकों को Axis Bank के नतीजों और बाजार के रुख पर बारीकी से नजर रखनी होगी