Vedanta के बोर्ड की बैठक 21 अगस्त, गुरुवार को होने जा रही है, जिसमें कंपनी इस वित्तीय वर्ष के लिए दूसरा interim dividend घोषित करने पर विचार करेगी और उसे मंजूरी देगी। इस साल जून में Vedanta ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹7 प्रति शेयर का पहला interim dividend पहले ही घोषित किया था। कंपनी ने यह भी बताया है कि अगर यह प्रस्तावित dividend घोषित किया जाता है, तो इसके लिए record date 27 अगस्त, 2025 (बुधवार) निर्धारित किया गया है, जिस दिन कंपनी के equity shareholders को इस लाभ का हकदार माना जाएगा। Anil Aggarwal के नेतृत्व वाली Vedanta ने हमेशा से अपने शेयरधारकों को नियमित रूप से dividend के जरिए लाभांश दिया है। पिछले वित्तीय वर्ष में Vedanta ने कुल चार interim dividends घोषित किए थे, जो कुल ₹43.50 प्रति शेयर के बराबर थे। 2003 से अब तक Vedanta ने कुल 45 dividend घोषित किए हैं, और पिछले 12 महीनों में कंपनी ने ₹35.50 प्रति शेयर का equity dividend शेयरधारकों को दिया है। वर्तमान शेयर मूल्य के अनुसार Vedanta का dividend yield 7.89% के करीब है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक रिटर्न का संकेत है। Vedanta के पिछले पांच dividend की सूची इस प्रकार है: जून 24, 2025 को ₹7 प्रति शेयर, दिसंबर 24, 2024 को ₹8.5 प्रति शेयर, सितंबर 10, 2024 को ₹20 प्रति शेयर, अगस्त 2, 2024 को ₹4 प्रति शेयर और मई 24, 2024 को ₹11 प्रति शेयर के interim dividends घोषित किए गए थे। 2003 से अब तक Vedanta ने अपने शेयरधारकों को कुल ₹407.85 प्रति शेयर का dividend दिया है। पिछले दस वित्तीय वर्षों में, यानी FY24 तक, Vedanta ने लगभग ₹94,650 करोड़ का dividend शेयरधारकों को वितरित किया है
FY24 में ₹29.50 प्रति शेयर, FY22 में ₹45 प्रति शेयर, और FY23 में रिकॉर्ड ₹101.50 प्रति शेयर dividend दिया गया था। यह आंकड़े Vedanta की मजबूत वित्तीय स्थिति और शेयरधारकों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। Vedanta ने अपने Q1 FY26 के वित्तीय परिणाम भी जारी किए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का consolidated net profit ₹3,185 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹3,606 करोड़ की तुलना में 12% कम है। हालांकि, कंपनी के operations से होने वाली revenue में 6% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ₹35,764 करोड़ से बढ़कर ₹37,824 करोड़ हो गई है। Vedanta के operating profit या EBITDA में मामूली गिरावट आई है, जो 0.27% घटकर ₹9,918 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल इस तिमाही में यह ₹9,945 करोड़ था। EBITDA margin भी 27.8% से घटकर 26.2% रह गया है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹5,155 करोड़ का capex खर्च किया है, जबकि consolidated dividend payout ₹4,280 करोड़ रही। Vedanta की net debt ₹58,220 करोड़ है, जिससे net debt/EBITDA ratio 1.3x है, जो कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है। Vedanta के शेयर बाजार में भी हल्की गिरावट देखी गई और BSE पर यह ₹448.10 के स्तर पर 0.44% नीचे ट्रेड कर रहे थे
निवेशकों की नजर अब Vedanta के बोर्ड की आगामी बैठक पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि कंपनी अपने शेयरधारकों को और कितना लाभांश देगी। Vedanta की यह परंपरा कि वह नियमित रूप से और समय-समय पर interim dividend घोषित करती रही है, निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है कि कंपनी न केवल मुनाफा कमा रही है, बल्कि उसे शेयरधारकों के साथ बांटने पर भी जोर देती है। यह नीति Vedanta की वित्तीय स्थिरता और कंपनी प्रबंधन की पारदर्शिता को दर्शाती है। कुल मिलाकर, Vedanta के इस फैसले और आगामी dividend की घोषणा से निवेशकों की उम्मीदें बढ़ी हैं। वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी की यह नीति शेयर बाजार में Vedanta के स्टॉक की मजबूती को बनाए रखने में सहायक होगी। कंपनी के Q1 के परिणामों से यह स्पष्ट होता है कि Vedanta ने कठिन आर्थिक माहौल में भी अच्छी कमाई की है और आगामी समय में भी निवेशकों को लाभांश के माध्यम से पुरस्कृत करने का मन बना रही है। इस कारण Vedanta के शेयरधारकों के लिए 21 अगस्त की बोर्ड बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है