8 अगस्त को बाजार में धातु (metal) और रियल्टी (realty) सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जो US President Trump के टैरिफ फैसले के बाद निवेशकों के बीच चिंताओं के कारण आई। इस दिन Nifty Metal index लगभग 2 प्रतिशत गिर गया, जबकि Nifty Realty index में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई, जिससे दोनों सेक्टर्स के शेयरों को लगातार चौथे दिन नुकसान हुआ। Trump ने 6 अगस्त को भारत पर लगाए गए टैरिफ को दोगुना करते हुए 50 प्रतिशत तक पहुंचा दिया, जो एशिया के अन्य देशों के मुकाबले सबसे ऊंचा है। उन्होंने भारत की रूस से तेल आयात को इस टैरिफ बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया। हालांकि, धातु उत्पादों को इस नई टैरिफ वृद्धि से बाहर रखा गया है, लेकिन पहले से लागू भारी टैरिफ की वजह से इन सेक्टरों पर पहले से ही दबाव बना हुआ था। इसके अलावा, वैश्विक मांग और मूल्य निर्धारण में अनिश्चितता भी धातु कंपनियों की स्थिति को प्रभावित कर रही है। रुपया भी इस दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और 8 अगस्त को 15 पैसे की बढ़त के साथ खुला। यह मजबूती Trump के भारत के साथ ट्रेड वार्ता को खारिज करने वाले बयान के बावजूद आई। रुपया मजबूत होने से विदेशी खरीदारों के लिए भारतीय कंपनियों से धातु खरीदना महंगा हो जाता है, जो स्टॉक्स पर अतिरिक्त दबाव डालता है। रियल्टी सेक्टर पर भी टैरिफ के बढ़ने के प्रभाव साफ दिखे
हालांकि रियल एस्टेट कंपनियों की अधिकांश आय घरेलू बाजार से आती है, मगर टैरिफ के कारण बढ़े धातु के दाम उनके इनपुट कॉस्ट को बढ़ा सकते हैं, जिससे उनकी मार्जिन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अलावा, RBI के गवर्नर Sanjay Malhotra द्वारा MPC के फैसले में रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखने की घोषणा ने भी रियल्टी सेक्टर के शेयरों में गिरावट को बढ़ावा दिया। रेपो रेट का होम लोन दरों पर सीधा प्रभाव होता है, जो EMI और कर्ज लागत को प्रभावित करता है। इस तरह की दर स्थिरता से बाजार में मंदी का माहौल बन सकता है। कुछ प्रमुख कंपनियों के कमजोर वित्तीय परिणामों ने भी निवेशकों को निराश किया और शेयरों पर दबाव डाला। Nifty Metal index में Jindal Stainless Steel सबसे ज्यादा प्रभावित हुई और लगभग 5 प्रतिशत नीचे गिर गई। Adani Enterprises के शेयर भी 3 प्रतिशत से अधिक टूटे। JSW Steel और Jindal Steel & Power के शेयर लगभग 2 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए। Hindustan Copper और SAIL के शेयरों में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। Vedanta, National Aluminium Company (NALCO) और Tata Steel के शेयर लगभग 1 प्रतिशत नीचे रहे, वहीं APL Apollo Tubes, NMDC और Hind Zinc के शेयर मामूली नुकसान में रहे
रियल्टी सेक्टर में Sobha और Godrej Properties के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए और लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। Phoenix Mills और Oberoi Realty के शेयर 2 प्रतिशत तक नीचे आए, जबकि Prestige Estates, Anant Raj और Raymond के शेयर 1 प्रतिशत से अधिक टूटे। Macrotech Developers (Lodha), DLF और Brigade Enterprises के शेयर भी लगभग 1 प्रतिशत तक गिरावट के साथ बंद हुए। इस पूरे घटनाक्रम ने बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट को बढ़ा दिया है। Trump के टैरिफ निर्णय के कारण धातु और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना हुआ है, जो वैश्विक आर्थिक हालात और घरेलू नीतिगत फैसलों से और भी जटिल हो गया है। निवेशक इस समय सतर्कता बरतते हुए बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इन सेक्टरों के प्रदर्शन से व्यापक बाजार भावना पर भी असर पड़ता है। बाजार के विशेषज्ञ भी मानते हैं कि फिलहाल अमेरिकी टैरिफ नीति और भारतीय आर्थिक नीतियों के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। इससे धातु उत्पादकों की निर्यात क्षमता और रियल्टी कंपनियों के निर्माण लागत दोनों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में आगामी वित्तीय रिपोर्ट और RBI के अगले कदम बाजार के मूड को प्रभावित कर सकते हैं। अतः Trump के टैरिफ फैसले के चलते धातु और रियल्टी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, और यह स्थिति बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी