टेक्सटाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Trident के शेयरों में आज जोरदार तेजी देखने को मिली है। National Stock Exchange पर Trident के शेयर लगभग 7% तक उछलकर ₹33.66 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। दिन के अंत तक यह ₹33.18 पर बंद हुए, जो कि 5.23% की बढ़त दर्शाता है। पिछले एक महीने में Trident के शेयरों में 7% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि साल की शुरुआत से अब तक यह लगभग 3% नीचे हैं। लेकिन जनवरी 27, 2025 के बाद से कंपनी के शेयर 11.5% की बढ़त दर्ज कर चुके हैं। कंपनी ने जुलाई 31, 2024 को ₹41.45 के इंट्राडे हाई स्तर को छुआ था, जबकि 52 सप्ताह का निचला स्तर अप्रैल 7, 2025 को ₹23.11 था। आज के तेजी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण कंपनी के तिमाही नतीजों का बेहतरीन प्रदर्शन है। Trident ने Q1 FY26 में ₹140 करोड़ का consolidated net profit दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹73.5 करोड़ था। यह लगभग 89.5% की जबरदस्त वृद्धि है। हालांकि कंपनी की revenue from operations में 2% की गिरावट आई है
Q1 FY26 में यह ₹1,707 करोड़ रहा, जबकि Q1 FY25 में ₹1,743 करोड़ था। लेकिन EBITDA में 29.5% की वृद्धि हुई है और यह ₹292 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹225 करोड़ था। इस तिमाही में कंपनी के margin में भी सुधार हुआ है, जो पिछले साल की 13% के मुकाबले अब 17% पर पहुंच गया है। Trident के शेयरों में तेजी का एक और बड़ा कारण India-UK के बीच हाल ही में हुए Free Trade Agreement को माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के तहत दोनों देशों ने कार, टेक्सटाइल, व्हिस्की और अन्य कई उत्पादों पर लगने वाले टैक्स हटाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री Modi ने इस समझौते को केवल आर्थिक साझेदारी से अधिक बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और MSME सेक्टर के लिए नए अवसर खोलेगी। इस समझौते के बाद भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को यूके बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे Trident जैसे कंपनियों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, Bhagalpur silk, Pashmina shawls, Kolhapuri chappals और Thanjavur dolls जैसे पारंपरिक भारतीय उत्पाद अब ब्रिटेन के बाजारों में प्रमुखता से दिखाई देंगे। यह भारत के हस्तशिल्प और स्थानीय उद्योगों के लिए भी एक बड़ा अवसर है। Trident के Q1 के नतीजों में मार्जिन विस्तार और लाभांश वृद्धि ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है
कंपनी का EBITDA और Net Profit दोनों में सुधार यह संकेत देते हैं कि कंपनी ने अपने संचालन को और अधिक कुशल बनाया है, भले ही कुल राजस्व में थोड़ी गिरावट आई हो। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लाभांश सुधार और व्यापारिक समझौतों के प्रभाव से Trident के शेयरों में स्थिरता और वृद्धि की संभावना बनी रहेगी। पिछले छह महीनों में 11.5% की बढ़त के साथ Trident ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। आज की तेजी से संकेत मिलता है कि कंपनी के Q1 नतीजे और India-UK ट्रेड डील ने निवेशकों की उम्मीदों को और मजबूत किया है। टेक्सटाइल सेक्टर में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है और इस समझौते के कारण Trident जैसे कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिलेगा। इस बीच, Trident के शेयरों में आई इस तेजी ने बाजार में टेक्सटाइल सेक्टर के प्रति उत्साह को भी बढ़ाया है। निवेशक अब इस सेक्टर की कंपनियों पर अधिक नजर बनाए हुए हैं, खासकर उन कंपनियों पर जो अच्छे नतीजे और मजबूत व्यापारिक साझेदारियां बना रही हैं। Trident ने अपनी Q1 रिपोर्ट के जरिए यह साबित कर दिया है कि वह इस प्रतिस्पर्धी माहौल में टिकाऊ विकास कर सकती है। कुल मिलाकर, Trident के शेयरों की इस उछाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी ने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी संभावनाएं बढ़ा ली हैं। आने वाले महीनों में India-UK Free Trade Agreement के सकारात्मक प्रभाव और कंपनी के मजबूत Q1 नतीजों से Trident के शेयरों में और तेजी देखने को मिल सकती है
निवेशकों की नजरें अब इस कंपनी पर और भी ज्यादा टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में लाभकारी साबित हो सकती है