2025 में Artificial Intelligence (AI) की क्रांति ने अमेरिकी शेयर बाजारों में तहलका मचा दिया है। Nvidia Corp., जो AI तकनीक के लिए सबसे अहम चिप्स बनाती है, अब दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन चुकी है, जिसकी मार्केट कैप लगभग $4.5 ट्रिलियन है। वहीं, OpenAI और Anthropic जैसे स्टार्टअप्स ने AI में अरबों डॉलर का निवेश जुटाया है। लेकिन इस तकनीकी उछाल के साथ ही कई परंपरागत कंपनियों की माली हालत डगमगा गई है, क्योंकि निवेशक अब AI के कारण हो रहे व्यवधान को लेकर चिंतित हैं और ऐसे सेक्टर्स से अपने पैसे वापस ले रहे हैं जिन्हें AI से खतरा सबसे ज्यादा है। विशेष तौर पर Wix.com Ltd., Shutterstock Inc., और Adobe Inc. जैसे वेब-डेवलपमेंट और डिजिटल इमेजिंग क्षेत्र की कंपनियां इस नए दौर में सबसे अधिक जोखिम में हैं। Bank of America की एक रिसर्च रिपोर्ट में 26 कंपनियों की एक सूची बनाई गई है जिन्हें AI से सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। इन कंपनियों के शेयर 2025 में S&P 500 इंडेक्स की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत कमतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, Wix.com और Shutterstock के शेयर 33% से अधिक गिरे हैं, जबकि Adobe के शेयर 23% नीचे आ गए हैं। Adobe को लेकर खास चिंता यह है कि उसके क्लाइंट AI प्लेटफॉर्म का सहारा लेने लगे हैं, जैसे कि Coca-Cola ने AI जनित विज्ञापन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस AI के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा उदाहरण है ManpowerGroup Inc., जो स्टाफिंग सेवाएं प्रदान करता है, का शेयर इस साल 30% गिरा है
इसके साथ ही Robert Half Inc. तो अपना आधे से अधिक मूल्य खो चुका है और पिछले पांच वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस साल निवेशकों की भावना खासा नकारात्मक हो गई है क्योंकि AI न केवल इन्फॉर्मेशन एक्सेस के तरीके को बदल रहा है, बल्कि कॉलेजों और अन्य संस्थानों में भी इसका गहरा असर दिखने लगा है। Microsoft Corp. और Meta Platforms Inc. जैसी टेक दिग्गज कंपनियां भी AI में भारी निवेश कर रही हैं और साथ ही कर्मचारियों की कटौती कर रही हैं, ताकि नई AI तकनीकों के लिए जगह बनाई जा सके। इससे साफ संकेत मिलता है कि AI तकनीक भविष्य में व्यवसायों के स्वरूप को पूरी तरह बदलने वाली है। Gartner Inc. के हालिया अनुभव ने भी इस बात को रेखांकित किया है। कंपनी ने अपनी वार्षिक रेवेन्यू प्रोजेक्शन घटाई, जिसके कारण उसके शेयर में पांच दिनों में 30% की गिरावट आई, जो उसकी अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। हालांकि कंपनी ने इसे अमेरिकी सरकारी नीतियों और टैरिफ से जोड़कर बताया, लेकिन विश्लेषक मानते हैं कि AI के सस्ते और प्रभावी विकल्प बाजार में आने से Gartner के बिजनेस मॉडल को बड़ा झटका लग रहा है। इतिहास में नई तकनीकों ने कई उद्योगों को पूरी तरह से बदल दिया है या समाप्त कर दिया है। टेलीग्राफ की जगह टेलीफोन, घोड़ा-गाड़ी की जगह ऑटोमोबाइल और Blockbuster की जगह Netflix जैसे उदाहरण बताते हैं कि तकनीकी क्रांति का क्या असर हो सकता है। AI के मामले में भी ऐसा ही होता दिख रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे व्यवसाय जहां मानव श्रमिकों को AI कहीं तेज और सस्ते तरीके से काम कर सकता है, वे खतरे में हैं। ग्राफिक डिजाइन, प्रशासनिक कार्य और डेटा एनालिसिस जैसे क्षेत्र इसके प्रमुख उदाहरण हैं। हालांकि, कुछ कंपनियां AI के इस बदलाव को अवसर में बदलने में सफल भी हुई हैं। Duolingo Inc. ने अपनी 2025 की बिक्री उम्मीदों को बढ़ाते हुए AI को अपने व्यवसाय में प्रभावी ढंग से शामिल किया है और उसका शेयर पिछले एक साल में लगभग दोगुना हो गया है। लेकिन फिर भी निवेशकों के मन में इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि AI की अगली पीढ़ी किस हद तक मौजूदा कंपनियों के लिए खतरा बन सकती है। AI पर निवेश का उछाल इस साल शेयर बाजार में जीत और हार की कहानी का केंद्र बिंदु बन चुका है। शुरुआती 2025 में चीन में सस्ते AI मॉडल्स के आने से अमेरिकी कंपनियों की दबदबा खतरे में दिखाई दी थी, लेकिन Microsoft, Meta, Alphabet Inc. और Amazon.com Inc. ने मिलकर AI पर भारी निवेश कर स्थिति को संभाला है। इन चारों कंपनियों के संयुक्त पूंजी व्यय में लगभग 50% की वृद्धि हुई है, जो लगभग $350 बिलियन के करीब है, और इसका बड़ा हिस्सा AI इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में खर्च हो रहा है। Nvidia जैसे कंपनियों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है क्योंकि उनके चिप्स AI कम्प्यूटिंग के लिए सबसे ज्यादा मांग में हैं। कुछ कंपनियों के लिए AI जोखिम स्पष्ट है
Alphabet, जो AI के क्षेत्र में अग्रणी मानी जाती है, Bank of America की AI जोखिम सूची में शामिल है, क्योंकि उसे इंटरनेट सर्च मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बचानी है। वहीं, विज्ञापन एजेंसी Omnicom Group Inc. के शेयर इस साल 15% नीचे आ गए हैं क्योंकि Meta पूरी तरह से AI के जरिये विज्ञापन निर्माण को स्वचालित करने की दिशा में बढ़ रहा है। इसका सामना कर रही WPP Plc के शेयर में 50% से अधिक की गिरावट आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक विज्ञापन एजेंसी मॉडल पर AI का दबाव बढ़ रहा है और इसका असर और गंभीर होगा जब जनरेटिव AI का दायरा बढ़ेगा। निवेशक इस AI के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं और आने वाले समय में बाजार और भी सख्त और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। AI न केवल नई कंपनियों को जन्म दे रहा है, बल्कि पुराने बिजनेस मॉडल्स को पूरी तरह से बदलकर निवेशकों के लिए नए जोखिम और अवसर भी प्रस्तुत कर रहा है। इस बदलते परिदृश्य में निवेशकों को सतर्कता बरतनी अनिवार्य हो गई है, क्योंकि AI के कारण कई उद्योगों में बड़े पैमाने पर व्यवधान आने वाला है