Infosys ने Q1 FY26 के नतीजे बुधवार को जारी किए, जिनमें कंपनी ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उसके शेयर गुरुवार को शुरुआती कारोबार में लगभग 1% गिरावट के साथ खुले। यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि निवेशक और बाजार अब भी IT सेक्टर की आगे की दिशा को लेकर अधिक स्पष्ट संकेतों की तलाश में हैं। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में ₹6,921 करोड़ का समेकित नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि के ₹6,368 करोड़ से 8.7% अधिक है। रेवेन्यू भी ₹42,279 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 7.53% और तिमाही के मुकाबले 3.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से AI (Artificial Intelligence) क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन और नए डील्स के कारण संभव हुई है। हालांकि, तिमाही के मुकाबले नेट प्रॉफिट में 1.5% की गिरावट आई है, जो जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में कम है। Infosys के CEO और MD, Salil Parekh ने कहा कि Q1 का प्रदर्शन कंपनी की एंटरप्राइज AI क्षमताओं की मजबूती और क्लाइंट कंसॉलिडेशन में हुई सफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने कुल USD 3.8 बिलियन के बड़े डील्स जीते हैं, जो कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और ग्राहक संबंधों की गहराई को दर्शाता है। Parekh ने कहा, “हमारे कर्मचारियों की समर्पण भावना और हमारे एंटरप्राइज AI में नेतृत्व ने इस तिमाही को मजबूत बनाया है। क्लाइंट कंसॉलिडेशन में हमारी सफलता और AI एजेंट्स की बढ़ती मांग हमारे विकास के मुख्य कारक रहे हैं
” कंपनी ने पूरे वर्ष के लिए राजस्व वृद्धि के अनुमान में सुधार किया है, जिसमें उसने पहले 0-3% के रेंज में जो भविष्यवाणी की थी, उसे बढ़ाकर 1-3% कर दिया है। हालांकि, राजस्व वृद्धि की ऊपरी सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो कि बाजार में शेयरों के दबाव का एक कारण माना जा रहा है। मार्जिन गाइडेंस 20-22% पर बरकरार रखा गया है। कंपनी का कुल कर्मचारी संख्या भी इस तिमाही में थोड़ा बढ़कर 3,23,788 हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में 2.6% अधिक है। Infosys ने इस वित्तीय वर्ष में 20,000 नए फ्रेशर्स की भर्ती करने के अपने लक्ष्यों की पुष्टि की है। क्षेत्रीय आधार पर देखें तो, North America ने कुल राजस्व में 56.5% का योगदान दिया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 58.9% था। वहीं, यूरोप का हिस्सा बढ़कर 31.5% हो गया, जो कि पिछले वित्त वर्ष की Q1 में 28.4% था। सेक्टोरल योगदान की बात करें तो, Financial Services ने 27.9%, Manufacturing ने 16.1% और Retail ने 13.4% की हिस्सेदारी दर्ज की है। विश्लेषकों की राय में, Antique ने कहा कि जून तिमाही Infosys के लिए मजबूत रही, लेकिन ऑर्गेनिक ग्रोथ के अनुमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि डील्स तो मजबूत हैं, लेकिन डिस्क्रीशनरी खर्च अभी भी कमजोर है और मार्जिन पर दबाव बना हुआ है
इसलिए FY26 और FY27 के EPS (Earnings Per Share) के अनुमान अपरिवर्तित रखे गए हैं। दूसरी ओर, CLSA ने कंपनी के Q1 प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि Infosys ने सभी सही बॉक्स टिक किए हैं और राजस्व वृद्धि अनुमान से बेहतर रही है। कंपनी की यह रिपोर्ट IT सेक्टर के धीमे और उदासीन नतीजों के बीच एक सकारात्मक ओएसिलेशन की तरह देखी जा रही है। हालांकि, बाजार को अभी भी IT सेक्टर के भविष्य को लेकर स्पष्ट संकेत चाहिए, जिससे शेयरों की कीमतों में स्थिरता आ सके। Infosys के इस तिमाही प्रदर्शन ने यह दिखाया है कि AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में निवेश और तकनीकी क्षमता बढ़ाने से कंपनी को फायदा हो रहा है, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और खर्चों में कटौती की प्रवृत्ति के कारण निवेशकों की सतर्कता बरकरार है। इस प्रकार, Infosys ने Q1 FY26 में वित्तीय मजबूती और तकनीकी नेतृत्व की मिसाल कायम की है, लेकिन शेयर बाजार में इसका असर सीमित रहा है क्योंकि निवेशक और विश्लेषक अभी भी IT सेक्टर के व्यापक परिदृश्य को लेकर सावधानी बरत रहे हैं