Tariff का डर खत्म, अब Market में Earnings और Growth ही हैं असली Focus! Equitree Capital के CIO Pawan Bharaddia ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि वर्तमान में बाजारों का ध्यान tariff-led चिंताओं से हटकर कंपनियों की earnings trajectory और उनकी adaptability पर केंद्रित हो गया है। उन्होंने कहा कि अब narrative सिर्फ tariffs पर नहीं बल्कि व्यापार की visibility, execution capability और growth momentum पर ज्यादा केंद्रित है। उनके मुताबिक, tariff के प्रभाव को लेकर जो शोर था, वह धीरे-धीरे कम हो रहा है क्योंकि निवेशक अब कंपनियों के वास्तविक प्रदर्शन और आर्थिक सुधार की दिशा पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। Pawan Bharaddia ने यह भी बताया कि tariff का प्रभाव भारत के लिए सीमित हो सकता है क्योंकि भारत का अमेरिका को निर्यात उतना बड़ा नहीं है जितना कि अन्य देशों का है। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैश्विक सप्लाई चेन के interconnected होने के कारण tariff के indirect प्रभाव हो सकते हैं। भारत जिन प्रोडक्ट्स में ग्लोबल मार्केट में मजबूत स्थिति रखता है, वे दबाव में आ सकते हैं। वहीं, technology और engineering सेक्टर्स, जहां ग्लोबल alternatives कम हैं, वे अपेक्षाकृत सुरक्षित रहेंगे। इसलिए हर सेक्टर की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है और headline noise से अलग करके देखना होगा। Pawan Bharaddia ने US-China tariff के उदाहरण से समझाया कि शुरुआत में बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा गया था, लेकिन बाद में कुछ राहत और समझौते हुए। वे मानते हैं कि फिलहाल भी बाजारों ने tariff की चिंताओं को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया है और अब earnings और growth recovery को प्राथमिकता दी जा रही है
यह दर्शाता है कि निवेशक केवल tariffs के प्रभाव पर नहीं बल्कि कंपनियों की सफलता और विकास क्षमता पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। जब उन्होंने आर्थिक मंदी और संभावित सुधार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीनों में मांग में कमी सबसे बड़ी चुनौती रही है। Interest rates में गिरावट और संभावित tax cuts से consumption को बढ़ावा मिलेगा। इससे capacity utilisation बढ़ेगी और private capital expenditure में सुधार होगा। अगर ये उपाय समन्वित रूप से लागू होते हैं तो इसका व्यापक आर्थिक सुधार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। Cement, hospitality और real estate सेक्टर्स पर उनकी राय स्पष्ट थी। Cement सेक्टर में consolidation हो रहा है, जिससे price wars कम हुए हैं और steady demand के कारण earnings में सुधार संभव है। Infrastructure और housing की मांग से यह सेक्टर मजबूती पा रहा है। Hospitality सेक्टर में travel और tourism का जोरदार पुनरुद्धार दिख रहा है, खासकर भारत के विश्व के टॉप 10 tourist destinations में शामिल होने के कारण। Occupancy rates और average room rates दोनों बढ़ रहे हैं
Real estate में मांग मिश्रित है, कुछ micro-markets में स्थानीय demand-supply dynamics के कारण अच्छा प्रदर्शन हो रहा है जबकि कुछ अभी भी पिछड़े हुए हैं। मजबूत balance sheets और execution track records वाले developers को फायदा मिल रहा है। Pawan Bharaddia ने capital goods और travel-related stocks को होल्ड करने की सलाह दी है। Capital goods सेक्टर को ongoing infrastructure push और private capex में सुधार से फायदा होगा। Travel सेक्टर, जिसमें hospitality और aviation शामिल हैं, अभी भी demand upcycle में है क्योंकि leisure और business travel दोनों सामान्य हो रहे हैं और बढ़ रहे हैं। हालांकि, selectivity और valuation discipline बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सेक्टर का overall outlook सकारात्मक है। सरकार की तरफ से भी समर्थन की उम्मीद जताई गई है। उन्होंने बताया कि लगभग Rs 25,000 करोड़ के समर्थन पैकेज की घोषणा प्रस्तावित है, जो अभी Finance Ministry की final clearance का इंतजार कर रहा है। इसके साथ ही राजनयिक प्रयास भी जारी हैं, जिनमें हाल की उच्चस्तरीय यात्राएं और China, Russia, Brazil के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं शामिल हैं। ये कदम tariffs के प्रभाव को कम करने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हैं
इस fiscal stimulus और diplomatic outreach का संयोजन आर्थिक गति को बनाए रखने की सरकारी नीयत को दर्शाता है। संक्षेप में, Pawan Bharaddia के विचारों से यह स्पष्ट होता है कि बाजार में tariff से जुड़ी चिंता अब कम हो रही है और निवेशक कंपनियों की वास्तविक क्षमता, earnings में सुधार, और आर्थिक सुधार की दिशा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। Capital goods और travel सेक्टर में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जबकि सरकार भी निर्यात और आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए सक्रिय है। यह बदलाव निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि अब बाजारों में growth और execution की क्षमता ही असली खेल बन गई है