US Markets ने आज मिड-डे ट्रेडिंग में मिश्रित प्रदर्शन दिखाया है, जहां निवेशकों की नजरें अमेरिका के आगामी टैरिफ डेडलाइन पर बनी हैं। S&P 500 मामूली बढ़त के साथ 0.1% ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि Nasdaq Composite ने 0.3% की बढ़त दर्ज की। इसके विपरीत, Dow Jones Industrial Average 76 अंक यानी 0.2% नीचे गिरा। President Donald Trump ने Truth Social पर स्पष्ट किया कि 1 अगस्त से लागू होने वाले टैरिफ की तारीख स्थिर है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। Dow Jones में Chevron, Salesforce और Merck and Co. ने मजबूत प्रदर्शन किया और ये टॉप गेनर्स के रूप में उभरे। S&P 500 में Moderna, Albermarle और Devon Energy ने बढ़त दर्ज की। टेक्नोलॉजी सेक्टर ने बाजार को मजबूती दी, खासकर सेमीकंडक्टर कंपनियों जैसे Nvidia ने तथा AI से जुड़े स्टॉक्स में भी तेजी बनी रही। Financial services सेक्टर ने भी मजबूती दिखाई, जहां private banks और अन्य financials 0.66% ऊपर बंद हुए। यह स्थिर earnings उम्मीदों और टैरिफ वार्ता में सकारात्मक संकेतों के कारण संभव हुआ। वहीं, Consumer discretionary सेक्टर ने मध्यम मजबूती दिखाई, जिसमें Tesla का 2.7% का उछाल खास रहा
दूसरी ओर, Energy stocks दबाव में रहे क्योंकि Oil majors जैसे ExxonMobil 0.4% नीचे आए। यह गिरावट वैश्विक व्यापार असुरक्षा और crude oil की कीमतों में कमी के कारण आई। European Markets ने आज मिश्रित लेकिन सकरात्मक रुख अपनाया। Stoxx Europe 600 इंडेक्स 0.3% ऊपर बंद हुआ, जो सावधानीपूर्ण आशावाद को दर्शाता है। क्षेत्रीय स्तर पर Germany का DAX, France का CAC 40 और UK का FTSE 100 प्रत्येक ने 0.5% की बढ़त दर्ज की। यह बढ़त EU-US व्यापार वार्ता में संभावित अस्थायी समझौते की उम्मीदों के कारण आई, जिससे टैरिफ के प्रभावों को कम करने की संभावना बनी। हालांकि, दोपहर बाद Stoxx 600 ने थोड़ी गिरावट भी देखी और 0.22% नीचे आया, जब bond yields में तेजी आई। Germany के 10-वर्षीय बांड की यील्ड 2.65% पर पहुंच गई और UK की यील्ड 4.64% पर रही। Banks सेक्टर ने 0.8% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि retail stocks 0.8% नीचे आए। Porsche के शेयरों में 0.5% की बढ़त देखी गई, हालांकि चीन में इसके डिलीवरी में 28% की गिरावट रिपोर्ट हुई है
Trade negotiations को लेकर President Donald Trump ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने उन देशों के खिलाफ 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो उनके अनुसार “anti-American” BRICS नीतियों का समर्थन कर रहे हैं। BRICS के Rio de Janeiro समिट में US टैरिफ नीतियों की आलोचना के बाद यह कदम उठाया गया है। 14 देशों में Japan और South Korea भी शामिल हैं, जिन्हें 25 से 40 प्रतिशत के बीच नए टैरिफ रेट्स के पत्र भेजे जा रहे हैं। इन टैरिफ्स की शुरुआत 1 अगस्त से होगी, और यह डेडलाइन अडिग है, भले ही पहले कुछ लचीलापन दिखाने की बात कही गई थी। इस पूरे माहौल में निवेशकों की चिंता टैरिफ के प्रभावों को लेकर बनी हुई है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। US और EU के बीच व्यापार वार्ताओं की प्रगति पर नजर बनी हुई है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती है। इस बीच, टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सेक्टर की मजबूती ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया है, जबकि ऊर्जा और उपभोक्ता क्षेत्र में अस्थिरता देखने को मिल रही है। अमेरिकी बाजार में mixed संकेतों के बीच, यूरोप में बेहतर बंद होने से वैश्विक निवेशकों में कुछ उम्मीद कायम है। हाल के समय में Trade deal और tariff policies पर बनी अनिश्चितता ने विश्व आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है, जिसका असर US और European बाजारों में साफ देखा जा सकता है
अगले कुछ हफ्तों में इन कारकों में किसी भी बदलाव से बाजार में तीव्र प्रतिक्रियाएं आ सकती हैं। अतः निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने और बाजार के तकनीकी संकेतों पर ध्यान देने का है, क्योंकि टैरिफ से जुड़ी नीतियां और अमेरिका के व्यापारिक फैसले बाजार की दिशा निर्धारित करेंगे