Sri Lotus Developers & Realty का IPO अंततः 6 अगस्त 2025 को NSE और BSE पर लिस्ट होने जा रहा है। कंपनी ने कुल ₹792 करोड़ का IPO बाजार में पेश किया था, जिसे निवेशकों ने जबरदस्त उत्साह से स्वीकार किया। तीन दिनों के सब्सक्रिप्शन पीरियड में इस इश्यू को कुल 69.14 गुना सब्सक्राइब किया गया, जो कि इस IPO की लोकप्रियता और निवेशकों के बीच इसके प्रति विश्वास का बड़ा सबूत है। IPO में कुल 3,96,58,730 शेयर ऑफर किए गए थे, जबकि निवेशकों ने 2,74,18,69,400 शेयरों की बोली लगाई। इस दौरान Qualified Institutional Buyers (QIBs) ने 1,84,97,37,200 शेयर के लिए बोली लगाई, जो कि ऑफर किए गए 1,12,85,714 शेयरों से 163.90 गुना अधिक है। वहीं Non-Institutional Investors का सब्सक्रिप्शन 57.71 गुना रहा, और Retail Individual Investors ने 20.28 गुना सब्सक्रिप्शन दिखाया। इस तरह हर सेक्टर से निवेशकों ने इस रियल एस्टेट कंपनी के IPO में भारी दिलचस्पी दिखाई। Sri Lotus Developers ने IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपनी तीन प्रमुख सब्सिडियरीज – Dhyan Projects Private Limited, Tryksha Real Estate Private Limited और Richfeel Real Estate Private Limited में निवेश के लिए किया जाएगा। ये फंड कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स The Arcadian, Varun और Amalfi के विकास और निर्माण में लगाए जाएंगे। इसके अलावा, कुछ राशि सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी रिजर्व रखी गई है
Sri Lotus Developers के वित्तीय आंकड़े भी कंपनी की मजबूती को दर्शाते हैं। FY25 में कंपनी ने ₹5,496.82 मिलियन का ऑपरेशनल रेवेन्यू कमाया, जबकि FY26 के लिए यह अनुमानित रूप से ₹4,615.75 मिलियन रहा। FY25 में कंपनी का प्रॉफिट ₹2,278.86 मिलियन था, जो FY26 में घटकर ₹1,191.44 मिलियन रह गया। हालांकि कुल खर्चों में भी वृद्धि देखी गई है, जिसमें निर्माण और विकास की लागत FY26 में ₹3,188.79 मिलियन रही। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट्स की विस्तार योजनाओं के चलते खर्च बढ़ाए हैं, जो भविष्य में विकास के लिए सकारात्मक संकेत हो सकते हैं। IPO के लिस्टिंग से पहले, Sri Lotus Developers के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में ₹188 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे हैं, जो इसके IPO के ऊपर प्राइस बैंड ₹150 के मुकाबले 25.33% का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) दर्शाता है। यह GMP इस IPO के प्रति निवेशकों के उत्साह और भविष्य में इसके स्टॉक की संभावित बढ़त का संकेत है। हालांकि निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि GMP एक अनऑफिशियल इंडिकेटर है और स्टॉक एक्सचेंज या SEBI द्वारा नियंत्रित नहीं होता। Sri Lotus Developers के इस IPO की सफलता ने भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाया है। इसके अलावा, कंपनी के प्रोजेक्ट्स की लोकेशन, विकास की गुणवत्ता और वित्तीय मजबूती ने इसे निवेशकों के बीच आकर्षक विकल्प बनाया है
IPO के माध्यम से जुटाए गए फंड से कंपनी न केवल अपने मौजूदा प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करेगी बल्कि नई परियोजनाओं में भी निवेश करेगी, जिससे कंपनी के विकास के नए रास्ते खुलेंगे। अब जब Sri Lotus Developers के शेयर 6 अगस्त 2025 को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होंगे, तो निवेशकों की नजर इस पर टिकी रहेगी कि क्या ये शेयर अपनी ग्रे मार्केट प्रीमियम के अनुरूप प्रदर्शन कर पाएंगे। IPO की सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट और वित्तीय आंकड़ों को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि कंपनी का स्टॉक लिस्टिंग के दिन सकारात्मक शुरुआत करेगा। कुल मिलाकर, Sri Lotus Developers IPO ने निवेशकों के बीच अपनी जगह पक्की कर ली है। इसका लिस्टिंग डे भारतीय शेयर बाजार में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बड़ी खबर साबित होने वाला है। निवेशकों के लिए यह एक मौका हो सकता है कि वे इस तेजी से उभरते हुए रियल एस्टेट डेवलपर के शेयरों में हिस्सेदारी लेकर भविष्य में अच्छे रिटर्न हासिल करें। Sri Lotus Developers के इस IPO की सफलता न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक अच्छा संकेत है, जो बताता है कि निवेशक अब इस सेक्टर में ज्यादा भरोसा करने लगे हैं। 6 अगस्त को लिस्टिंग के बाद बाजार में इस स्टॉक की चाल पर हर किसी की नजर रहेगी