सिल्वर फ्यूचर्स ने सोमवार को नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया, जिससे कमोडिटी बाजार में हलचल मच गई। Multi Commodity Exchange (MCX) पर सिल्वर के सितंबर और दिसंबर डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट्स ने अपने उच्चतम स्तर को पार किया। सितंबर डिलीवरी के सिल्वर फ्यूचर्स ₹1,14,875 प्रति किलो तक पहुंच गए, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है। हालांकि बाद में यह थोड़ा नीचे आकर ₹1,14,521 प्रति किलो पर ट्रेड हुआ। वहीं दिसंबर डिलीवरी के सिल्वर फ्यूचर्स ₹1,16,566 प्रति किलो तक रैले कर गए। वैश्विक बाजार में भी सिल्वर की कीमतें बढ़कर $39.05 प्रति औंस हो गईं, जो 1.68% की तेजी दर्शाती हैं। Emkay Global Financial Services की रिसर्च एनालिस्ट Riya Singh ने बताया कि सिल्वर की बढ़ती कीमतों के पीछे अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, बढ़ते वैश्विक तनाव और टैरिफ विवादों का असर है। इन सभी कारणों से सिल्वर की डिमांड में तेजी आई है, क्योंकि यह धातु न केवल एक सुरक्षित निवेश मानी जाती है, बल्कि औद्योगिक उपयोग भी इसका बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, इस सप्ताह आने वाले US Consumer Price Index (CPI) और Producer Price Index (PPI) जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी, जो सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। सोने के फ्यूचर्स में भी सोमवार को बढ़त देखी गई
MCX पर अगस्त डिलीवरी के गोल्ड फ्यूचर्स ₹98,138 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए, जो पिछले स्तर से ₹320 या 0.33% अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे नई पोजीशन्स का निर्माण और मजबूत स्पॉट डिमांड है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतें $3,358.72 प्रति औंस तक बढ़ीं, जो 0.09% की मामूली बढ़ोतरी दर्शाती है। जिंक, कॉपर और एल्युमिनियम फ्यूचर्स भी सोमवार को मजबूत दिखे। जिंक की कीमतें ₹259.10 प्रति किलो तक बढ़ीं, जो 35 पैसे की तेजी है। MCX पर अगस्त डिलीवरी के जिंक फ्यूचर्स में 0.14% की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे उद्योगों से बढ़ती मांग और पोजीशन्स का विस्तार माना जा रहा है। कॉपर फ्यूचर्स में भी 0.16% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹890.45 प्रति किलो पर पहुंच गया। ट्रेडर्स की बढ़ती बेट्स के कारण कॉपर की कीमतों में सुधार आया। एल्युमिनियम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और ₹249.95 प्रति किलो तक पहुंच गया, जो पिछले स्तर से 65 पैसे या 0.26% अधिक है
MCX पर इस धातु के अगस्त डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट्स में भी तगड़ी ट्रेडिंग हुई। विश्लेषकों ने बताया कि उद्योगों से मांग बढ़ने और ट्रेडर्स द्वारा नई पोजीशन्स के कारण एल्युमिनियम की कीमतों में तेजी आई है। वहीं, Crude Oil फ्यूचर्स में गिरावट देखी गई। MCX पर अगस्त डिलीवरी के क्रूड ऑयल के भाव ₹5,898 प्रति बैरल पर बंद हुए, जो ₹17 या 0.29% की गिरावट दर्शाता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि कम स्पॉट डिमांड के चलते ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन्स को कम किया, जिससे कीमतों में दबाव आया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर West Texas Intermediate और Brent Crude के भाव थोड़े बढ़े, लेकिन घरेलू बाजार में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कॉटनसीड ऑयल केक फ्यूचर्स में भी सोमवार को तेजी देखी गई। NCDEX पर अगस्त डिलीवरी के कॉटनसीड ऑयल केक ₹3,158 प्रति क्विंटल पर पहुंच गया, जो ₹21 या 0.66% की बढ़त है। इस तेजी के पीछे पशु आहार के लिए बढ़ती मांग और ट्रेडर्स द्वारा नई पोजीशन्स का निर्माण माना जा रहा है। कुल मिलाकर, सोमवार को कमोडिटी मार्केट में सिल्वर और अन्य धातुओं ने नया रिकॉर्ड बनाया और निवेशकों को आकर्षित किया, जबकि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई
इस सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर होगी, जो आने वाले दिनों में कमोडिटी की दिशा तय करेंगे। इस तेजी के बीच निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं, जो सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को बढ़ा रहे हैं। साथ ही, औद्योगिक धातुओं की बढ़ती कीमतें संकेत देती हैं कि मांग में स्थिरता बनी हुई है। ऐसे में कमोडिटी फ्यूचर्स में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है