Shriram Finance ने अप्रैल-जून तिमाही में अपने standalone net profit में 9% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि में ₹1,981 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹2,156 करोड़ हो गया है। यह वृद्धि कंपनी की बेहतर कार्यप्रणाली और बाजार में मजबूत पकड़ का संकेत देती है। Non-banking financial company (NBFC) के रूप में Shriram Finance ने अपनी total revenue from operations में भी 20% से अधिक की वृद्धि की है, जो Q1 FY26 में ₹11,536 करोड़ पर पहुंच गई, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में ₹9,605 करोड़ थी। Shriram Finance का standalone net interest income (NII) भी वर्ष-दर-वर्ष 12.55% की बढ़त के साथ ₹6,026.43 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹5,354.47 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का earning per share (basic) भी 8.73% बढ़कर ₹11.46 हो गया, जो पिछले वर्ष ₹10.54 था। इसके अलावा, कंपनी के total assets under management (AUM) में भी 16.62% की मजबूती देखी गई, जो जून 30, 2025 को ₹2,33,443.66 करोड़ से बढ़कर इस तिमाही में ₹2,72,249.01 करोड़ हो गया। Shriram Finance के loan losses और provisions में इस तिमाही में sequential basis पर 18% की कमी आई है, हालांकि year-on-year आधार पर यह 8.3% बढ़ा है और कुल ₹1,286 करोड़ रहा। यह संकेत देता है कि कंपनी ने अपने जोखिम प्रबंधन में सुधार किया है, जिससे उसके गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) में भी गिरावट देखी गई। कंपनी का gross NPA ratio 4.53% पर आ गया है, जो Q4 FY25 में 4.55% था, जबकि net NPA ratio 2.57% पर पहुंच गया, जो मार्च तिमाही में 2.64% था। हालांकि, इस सकारात्मक वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद, Shriram Finance के शेयरों का प्रदर्शन कुछ दबाव में रहा
National Stock Exchange पर कंपनी के शेयर ₹611.65 प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुए, जो 3.46% की गिरावट दर्शाता है। यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता और बाजार के मौजूदा माहौल का परिणाम हो सकती है। Shriram Finance ने हाल ही में अपने fixed deposits पर ब्याज दरों को 26 जून से संशोधित किया है। यह कदम निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने और फिक्स्ड डिपॉजिट उत्पादों को और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। कंपनी ने Reserve Bank of India (RBI) से Shriram Overseas Investments Private Limited (SOIPL) में 100% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी भी हासिल की है। यह शेयरधारिता Shriram Investments Holdings Private Limited (SIHPL) से ली जाएगी, जिससे कंपनी के विस्तार के रास्ते और मजबूत होंगे। RBI ने Shriram Finance के Executive Vice Chairman Umesh Revankar और Managing Director & CFO Parag Sharma को SOIPL के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होने की भी मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करेगा और रणनीतिक निर्णयों में सहायता करेगा। Umesh Revankar ने यह भी कहा कि कंपनी FY26 में ₹3 लाख करोड़ से अधिक के AUM के लक्ष्य को पार करने की योजना बना रही है, जबकि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ₹2.5 लाख करोड़ के पार जाने का अनुमान है। Shriram Finance के इस वित्तीय प्रदर्शन से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी ने अपने core lending operations को मजबूत करते हुए वित्तीय स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया है
NII और AUM में वृद्धि, साथ ही NPA में कमी, कंपनी की बेहतर asset quality और prudent risk management को दर्शाती है। हालांकि, शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की गिरावट से यह संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी cautious हैं, शायद वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और वित्तीय सेक्टर की चुनौतियों के कारण। Shriram Finance की यह रिपोर्ट भारतीय NBFC सेक्टर के लिए भी सकारात्मक संकेत लेकर आती है, जहां बढ़ती उधार मांग और सुधारित वित्तीय स्थिति कंपनियों को मजबूती प्रदान कर रही है। साथ ही, RBI की मंजूरी और बोर्ड में शीर्ष नेतृत्व के शामिल होने से कंपनी की रणनीतिक दिशा और विस्तार योजनाएं और भी स्पष्ट होंगी। कुल मिलाकर, Shriram Finance ने Q1 FY26 में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन कर अपने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है, हालांकि शेयर बाजार में इसके प्रभावों को अभी पूरी तरह से पचा नहीं पाया गया है। आने वाले तिमाहियों में कंपनी के वित्तीय और बाजार प्रदर्शन पर नजर रखी जाएगी कि क्या यह सकारात्मक ट्रेंड जारी रख पाती है या नहीं