बाजार में आज फिर से सावधानी का माहौल बना रहा, जहां Nifty 50 और Sensex ने हरे और लाल रंग के बीच उतार-चढ़ाव का सामना किया। 22 जुलाई को ट्रेडिंग सत्र के अंत में Sensex मामूली गिरावट के साथ 13.53 अंक नीचे आकर 82,186.81 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 29.80 अंक गिरकर 25,060.90 के स्तर पर रहा। कुल मिलाकर बाजार में तेजी की कमी नजर आई और निवेशक किसी बड़े ट्रेंड के बिना ही सतर्कता बरतते दिखे। कुल 1,552 शेयर बढ़त में रहे, 1,998 गिरावट के साथ बंद हुए और 124 शेयर बिना बदलाव के रहे। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर रहे, खासकर Nifty Pharma, Nifty Media, Nifty Realty और Nifty PSU Bank में करीब दो प्रतिशत की गिरावट देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी कमजोर प्रदर्शन करते दिखे, जहां Nifty Midcap 100 में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि Nifty Smallcap में 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मगर सबसे दिलचस्प बात रही India VIX का 11 के नीचे आकर 10.82 पर पहुंचना, जो बाजार में डर और अनिश्चितता के कम होने का संकेत है। यह 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है, जो निवेशकों के मनोबल में सुधार को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बाजार की मजबूती के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, अमेरिकी बाजारों का बुलिश रुख
S&P 500 ने इस साल अब तक दस बार नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जिससे वैश्विक निवेशकों को सकारात्मकता मिल रही है। Geojit Investments के Chief Investment Strategist VK Vijayakumar ने बताया कि अमेरिकी बाजार की यह मजबूती भारतीय बाजार को भी मनोवैज्ञानिक समर्थन दे रही है। दूसरा अहम कारण है बाजार में लगातार बनी हुई लिक्विडिटी सपोर्ट। Domestic Institutional Investors (DIIs) ने इस महीने 15 में से 14 ट्रेडिंग दिनों में खरीदार की भूमिका निभाई है। यह एफआईआई (Foreign Institutional Investors) की बिक्री को काफी हद तक संतुलित कर रहा है। VK Vijayakumar ने कहा कि DIIs की यह सक्रियता बाजार में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। तकनीकी दृष्टिकोण से, SAMCO Securities के Derivatives Research Analyst Dhupesh Dhameja ने कहा कि शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर अभी भी नीचे की ओर झुका हुआ है। उन्होंने बताया कि 25,200 से 25,320 का क्षेत्र अब एक मजबूत सप्लाई जोन बन गया है। हालांकि, यदि Nifty 24,800 के ऊपर बना रहता है, तो समर्थन के लिए एक रास्ता खुला है। Dhameja ने यह भी कहा कि 25,250 के ऊपर निर्णायक क्लोजिंग ही इस शॉर्ट-टर्म बेयरिश ट्रेंड को पलटने और बाजार में तेजी लौटाने का संकेत दे सकती है
आज के सत्र में बाजार में कोई स्पष्ट दिशा न होने के बावजूद, कुछ स्टॉक्स में तेज़ी और कमजोरी के मिश्रित लहजे नजर आए। खासकर फार्मा, मीडिया, रियल्टी और PSU बैंक सेक्टर के शेयरों ने दबाव महसूस किया, जो व्यापक बाजार के कमजोरी की कहानी कह रहे हैं। वहीं, DIIs की खरीदारी ने बाजार की गिरावट को सीमित रखने में मदद की है। कुल मिलाकर, निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्कता जरूरी है क्योंकि बाजार में तकनीकी स्तरों के पास मजबूत सपोर्ट और रेसिस्टेंस मौजूद हैं। India VIX में गिरावट और अमेरिकी बाजारों की मजबूती से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन बाजार की दिशा तय करने के लिए Nifty के 25,250 के स्तर से ऊपर क्लोजिंग बेहद महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशक छोटी अवधि में बाजार के संकेतों पर नजर रखे हुए हैं। इस तरह की अनिश्चितता के बीच, बाजार के प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty ने सीमित दायरे में ही कारोबार किया, जबकि India VIX में आई गिरावट ने बाजार में भय को कम करने में मदद की। आने वाले दिनों में, DIIs की खरीदारी और वैश्विक बाजारों का रुख भारतीय बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा