भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे छह दिनों की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया। BSE Sensex में लगभग 694 अंक की गिरावट दर्ज हुई और यह 81,306.85 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं NSE Nifty 50 भी करीब 214 अंक यानी 0.85% नीचे आकर 24,870.10 पर बंद हुआ। यह पहली बार था जब 4 जुलाई के बाद Domestic Institutional Investors (DIIs) नेट सेलर्स बने और भारतीय इक्विटी में 329 करोड़ रुपये की बिकवाली की गई। इसी तरह, Foreign Institutional Investors (FIIs/FPIs) ने भी 1,623 करोड़ रुपये की बिक्री की, जो बाजार की कमजोरी को दर्शाता है। ट्रेडिंग सेशन के दौरान FIIs ने कुल 10,179 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, लेकिन 11,802 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 10,106 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 10,436 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। साल भर देखें तो FIIs अब तक 1.88 लाख करोड़ रुपये के शेयरों के नेट सेलर्स रहे हैं, जबकि DIIs ने 4.74 लाख करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है। यह आंकड़ा बताता है कि घरेलू संस्थागत निवेशक अभी भी बाजार में कुछ हद तक विश्वास बनाए हुए हैं, लेकिन शुक्रवार को उनकी बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को बढ़ा दिया। शुक्रवार को आई गिरावट के पीछे मुख्य वजह निवेशकों के मन में आने वाले Federal Reserve के चेयरमैन Jerome Powell के Jackson Hole संबोधन को लेकर बढ़ी अनिश्चितता है। वैश्विक बाजारों में इस बात की चिंता बनी हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियां भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल सकती हैं। इससे निवेशकों की धारणा नकारात्मक हो गई और व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिली
सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो IT और Financials सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां लगभग 0.6% से 0.9% तक की गिरावट दर्ज हुई। यह गिरावट मुख्यत: दर कटौती की उम्मीदों में कमी और वैश्विक दबावों के कारण आई। FMCG, Metals, Realty, Oil & Gas, PSU Banks और Private Banks में भी 0.5% से 1% तक की गिरावट देखने को मिली। मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स भी मंदी के असर से अछूते नहीं रहे और उनमें भी मामूली गिरावट आई। हालांकि, कुछ सेक्टर्स में मजबूती देखने को मिली। Media stocks में करीब 1% की तेजी आई, जिसमें Zee Entertainment ने लगभग 5% की जोरदार बढ़त दर्ज की। Pharma सेक्टर भी 0.4% की बढ़त के साथ रक्षा मांग के चलते सकारात्मक रहा। कंपनी स्तर पर भी कुछ बड़े नामों ने बाजार के उलट प्रदर्शन किया। Mahindra & Mahindra, Maruti Suzuki, Bharat Electronics, Bharti Airtel और Titan Company ने लाभ कमाए जबकि Asian Paints, Grasim Industries, Adani Enterprises, Hero MotoCorp और UltraTech Cement जैसे दिग्गज भारी दबाव में रहे। Geojit Investments के Head of Research, Vinod Nair ने इस गिरावट पर कहा कि छह सत्रों की लगातार तेजी खत्म हो गई है, लेकिन घरेलू आर्थिक मौलिक बातें अभी भी बाजार को सहारा दे सकती हैं
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है। PMIs में सकारात्मक संकेत और GST सुधारों को लेकर बनी उम्मीदें भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक कारक बने रहेंगे। कुल मिलाकर शुक्रवार की बिकवाली ने बाजार की नाजुक स्थिति को उजागर किया है। DIIs और FIIs दोनों के नेट सेलिंग मूव ने निवेशकों के भरोसे पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेड की नीतियों को लेकर असमंजस ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। आने वाले हफ्तों में Nifty 24,700 के स्तर के नीचे गिरने पर बाजार में और गिरावट आ सकती है, जिससे Bearish ट्रेंड और मजबूत हो सकता है। इस बीच निवेशकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखें और अपने निवेश निर्णय सोच-समझकर लें। घरेलू आर्थिक संकेत और वैश्विक घटनाक्रम दोनों को ध्यान में रखते हुए ही आगे की रणनीति बनाना उचित होगा