बुधवार के ट्रेडिंग सेशन में शेयर बाजार ने मजबूत बढ़त दर्ज की। Sensex ने 328 अंक यानी 0.40 फीसदी की तेजी के साथ 80,563.38 के इंट्राडे हाई तक का सफर तय किया, वहीं Nifty ने 127 अंक या 0.51 फीसदी की बढ़त के साथ 24,614.20 के स्तर को छुआ। यह उछाल मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों में मजबूती और घरेलू रिटेल इन्फ्लेशन में गिरावट के चलते आया है। सरकार द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में रिटेल इन्फ्लेशन 1.55 फीसदी पर आ गई है, जो पिछले आठ सालों में सबसे कम है। यह आंकड़ा Reserve Bank की कम्फर्ट जोन से भी नीचे है, जो जनवरी 2019 के बाद पहली बार हुआ है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी ने इस गिरावट में अहम भूमिका निभाई है। इस नरमी को देखते हुए घरेलू इक्विटी बाजारों में निवेशकों का विश्वास बढ़ा, जिससे Sensex और Nifty दोनों सूचकांकों में अच्छी तेजी देखने को मिली। Nifty के अंदर Apollo Hospitals Enterprise, Hindalco Industries, Hero MotoCorp, HDFC Life Insurance Company और Kotak Mahindra Bank जैसे दिग्गज स्टॉक्स ने शानदार प्रदर्शन किया और 6 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की। मेटल और ऑटो सेक्टर की कंपनियों ने भी निवेशकों को आकर्षित किया, जिससे बाजार में तेजी बनी रही। छोटी और मिडकैप कंपनियां भी आज के दिन बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहीं
वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मकता देखने को मिली। एशियाई बाजार जैसे South Korea का Kospi, Japan का Nikkei 225, Shanghai का SSE Composite और Hong Kong का Hang Seng सभी ने अच्छी बढ़त दर्ज की। अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को मजबूती के साथ बंद हुए, जो भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत था। इसके अलावा, अमेरिका और रूस के बीच शुक्रवार को होने वाली Alaska में Trump-Putin समिट के कारण निवेशकों में उम्मीदें बढ़ीं। इस बैठक में रूस-यूक्रेन संकट पर चर्चा होने वाली है, जिसके बेहतर परिणामों की संभावना से बाजार में सकारात्मक भावना देखी गई। हालांकि, निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक से निश्चित रूप से कुछ बड़ा नतीजा निकलेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। अमेरिकी Federal Reserve द्वारा सितंबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें भी बाजार को मजबूती देने का कारण बनीं। जुलाई में अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में सिर्फ 0.2 प्रतिशत की मासिक वृद्धि हुई है, जो कि अपेक्षाकृत कम है। इस आंकड़े के बाद Fed की सितंबर में रेट कट के आसार 86 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं। इस संभावना ने निवेशकों के मनोबल को और बढ़ावा दिया
तकनीकी दृष्टि से, विशेषज्ञ Anand James ने बताया कि पिछले दिन की गिरावट के बाद भी बाजार में 200-day SMA के स्तर 24,049 को पार करना अभी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, 24,450 के स्तर को पार करने पर बाजार में तेजी का सिलसिला शुरू हो सकता है। 24,560 के ऊपर तेजी देखने को मिले तो Nifty 25,000 के स्तर को हासिल कर सकता है। इस तेजी के बीच बाजार में निवेशकों की नजरें इन तकनीकी स्तरों पर बनी रहेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इस तरह की तेजी के बावजूद सतर्क रहना जरूरी है और निवेश निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें। आज के दिन बाजार को मिले ये सकारात्मक संकेत भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी दे रहे हैं। रिटेल इन्फ्लेशन के नरम होने से मौद्रिक नीति और निवेश के लिए बेहतर माहौल बना है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार और भी ऊंचाईयों को छू सकता है। Sensex और Nifty की यह तेजी निवेशकों के लिए उत्साहवर्धक साबित हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि बाजार में यह सकारात्मक रुख लगातार बना रहेगा