आज के ट्रेडिंग सेशन में भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर से दबाव का सामना किया। Sensex 849.37 अंक यानी लगभग 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,786.54 पर बंद हुआ, जबकि Nifty भी 255.70 अंक या 1.02 प्रतिशत गिरकर 24,712.05 पर बंद हुआ। BSE Midcap Index में 1.3 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई, वहीं Smallcap Index में यह गिरावट और भी ज्यादा, 1.7 प्रतिशत रही। आज का बाजार विदेशी निवेशकों (FIIs/FPIs) के लिए सबसे नकारात्मक रहा। उन्होंने भारतीय इक्विटीज़ में कुल मिलाकर ₹6,517 करोड़ की नेट सेलिंग की, जो मई 20 के बाद से उनकी सबसे बड़ी बिकवाली है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹7,060 करोड़ के शेयर खरीदे, जो 8 अगस्त के बाद से उनकी सबसे बड़ी खरीदारी मानी जा रही है। ट्रेडिंग सेशन के दौरान FIIs ने कुल ₹44,147 करोड़ के शेयर खरीदे, लेकिन ₹50,663 करोड़ के शेयर बेच दिए। वहीं DIIs ने ₹22,000 करोड़ की खरीदारी के साथ ही ₹14,940 करोड़ की बिक्री भी की। इस साल अब तक FIIs कुल ₹1.97 लाख करोड़ के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने ₹4.84 लाख करोड़ के शेयर खरीदे हैं। यह साफ दिखाता है कि विदेशी निवेशकों का रुख अब बिकवाली की तरफ है, वहीं घरेलू निवेशक बाजार में विश्वास दिखा रहे हैं
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो FMCG सेक्टर को छोड़कर सभी क्षेत्रों ने लाल निशान लगाई। Nifty के सबसे बड़े नुकसान में Shriram Finance, Sun Pharma, Tata Steel, Bajaj Finance, और Trent शामिल रहे। दूसरी ओर, Eicher Motors, HUL, Maruti Suzuki, Nestle India और ITC ने बाजार में कुछ राहत देने का काम किया। HDFC Securities के Deputy Vice President, Nandish Shah ने कहा कि आज के दिन व्यापक बाजार में गिरावट और भी अधिक तेज थी। Nifty Midcap 100 Index में 1.62 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि Nifty Smallcap Index 2 प्रतिशत से अधिक नीचे आया। बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार तीसरे दिन बना रहा, और BSE का Advance Decline Ratio 0.42 रहा, जो कमजोर बाजार संकेत देता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो Nifty ने अपने महत्वपूर्ण 20 और 50-दिन के DEMA सपोर्ट्स को तोड़ दिया है। Shah ने कहा कि Nifty अब उस ऊपर की ओर बने गैप को पूरा कर रहा है जो कि 24,673 से 24,852 के बीच था। यदि Nifty 24,673 के नीचे गिरता है तो इसका अगला सपोर्ट 24,340 के आसपास हो सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 24,900 का स्तर अल्पकालिक प्रतिरोध के रूप में काम करेगा
आज के सत्र में बाजार की कमजोर स्थिति ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण दिख रहा है। इसके अलावा, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अधिक दबाव ने बाजार की नकारात्मकता को और गहरा किया है। वैश्विक स्तर पर भी अनिश्चितताएं बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं। वैश्विक निवेशक चीन के आर्थिक आंकड़ों और यूएस के मौद्रिक नीति फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं। इन सबके बीच, घरेलू बाजार ने भी कमजोर संकेत दिखाए हैं, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को दर्शाता है। कुल मिलाकर, आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। Sensex और Nifty दोनों ही महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों को टूटते हुए देखे गए। विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार में मिश्रित माहौल बनाया है। निवेशक अब अगली दिशा के लिए बाजार की आगामी चालों पर नजर बनाए हुए हैं