Sebi के नए कदम: Chotti SIP से लेकर MF Lite तक, म्यूचुअल फंड बनेंगे हर ..

Saurabh
By Saurabh

Sebi के नए कदम: Chotti SIP से लेकर MF Lite तक, म्यूचुअल फंड बनेंगे हर भारतीय के लिए आसान भारत में म्यूचुअल फंड उद्योग अब सिर्फ बड़े शहरों या अमीरों का खेल नहीं रहा, बल्कि यह देश के छोटे शहरों और नए निवेशकों के लिए भी एक बड़ा अवसर बन गया है। Sebi के अध्यक्ष Tuhin Kanta Pandey ने AMFI के 30वें Foundation Day के मौके पर यह बात कही और बताया कि कैसे Sebi ने निवेशकों की पहुंच बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड अब भारत की वित्तीय लोकतंत्र का प्रतीक बन गए हैं, जो लाखों छोटे और पहली बार निवेश करने वाले लोगों को भारत की विकास कहानी में साझेदार बना रहे हैं। Tuhin Kanta Pandey ने विशेष रूप से Chotti SIP जैसी पहल का उल्लेख किया, जिससे छोटे निवेशक भी कम राशि से निवेश शुरू कर सकते हैं। उन्होंने इसे निवेश के ‘sachetization’ के रूप में बताया, जो पहली बार निवेश करने वालों और छोटे निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड की दुनिया में आत्मविश्वास के साथ प्रवेश का द्वार खोलता है। यह उत्पाद अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन इसके संभावित प्रभाव को आने वाले वर्षों में बहुत बड़ा माना जा रहा है। इसके अलावा Sebi ने Mutual Fund Lite (MF Lite) योजना शुरू की है, जिससे इंडेक्स फंड और ETFs जैसे पैसिव इन्वेस्टिंग विकल्पों को खरीदना और भी सरल हो गया है। यह उन निवेशकों के लिए खास है जो कम जोखिम के साथ निवेश करना चाहते हैं। साथ ही, Specialised Investment Funds (SIFs) की शुरुआत से म्यूचुअल फंड और PMS (Portfolio Management Services) के बीच के अंतर को कम करने का प्रयास किया गया है। निवेशकों की सुविधा के लिए Sebi ने Mitra और MF Central जैसे पोर्टल भी विकसित किए हैं, जो निवेशकों को बेहतर जानकारी और सेवाएं प्रदान करते हैं

Tuhin Kanta Pandey ने निवेशकों को अधिक पारदर्शिता देने के लिए एक्सपेंस, हाफ-इयरली रिटर्न्स, यील्ड्स और रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न की जानकारी को अलग-अलग डिस्क्लोज करने की पहल को भी रेखांकित किया। हालांकि Sebi के अध्यक्ष ने इस सफलता पर संतोष व्यक्त करने की बजाय सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि “अगर इस उद्योग की वृद्धि इसका शरीर है, तो विश्वास इसकी आत्मा है और इस विश्वास की रक्षा हर दिन करनी होगी। ” उन्होंने निवेशकों के बीच निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि किसी भी निवेशक वर्ग को सब्सक्रिप्शन या रिडेम्प्शन के दौरान कोई विशेषाधिकार नहीं मिलना चाहिए। साथ ही, बढ़ती डिजिटल सहभागिता के बीच साइबर सुरक्षा की अहमियत को भी Sebi ने उजागर किया। Pandey ने कहा कि “जैसे-जैसे निवेशक डिजिटल माध्यम से जुड़ रहे हैं, एक भी सुरक्षा उल्लंघन से निवेशकों का भरोसा टूट सकता है। इसलिए निवेशकों के डेटा की सुरक्षा उतनी ही जरूरी है जितना उनके पैसों की सुरक्षा। ” आगे बढ़ते हुए Sebi ने देश में म्यूचुअल फंड की पहुंच को और बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। आज भारत की केवल लगभग 5% आबादी ही म्यूचुअल फंड में निवेश करती है, जो इस क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाओं को दर्शाता है। निवेशकों के दायरे को बढ़ाने के लिए Sebi वितरणकर्ताओं को प्रोत्साहन देने की योजना पर काम कर रहा है ताकि वे B30 शहरों से पहली बार निवेश करने वालों को आकर्षित कर सकें

महिलाओं के निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे, क्योंकि Pandey ने कहा कि “जब तक महिलाओं को बराबरी का प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा, वित्तीय समावेशन अधूरा रहेगा। ” Sebi ने AMCs के लिए 50 से अधिक नियमित रिपोर्ट और फाइलिंग्स को भी हटा दिया है ताकि अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। आने वाले महीनों में म्यूचुअल फंड नियमों में व्यापक सरलीकरण पर भी काम किया जाएगा। Tuhin Kanta Pandey ने कहा कि तकनीक, समावेशन और जिम्मेदार नवाचार म्यूचुअल फंड उद्योग के भविष्य को परिभाषित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हमारा असली मापदंड केवल AUM (Assets Under Management) नहीं है, बल्कि विश्वास और उसका प्रबंधन है। ” इस प्रकार Sebi की ये नई पहलें और नियम न सिर्फ म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की पहुंच और पारदर्शिता बढ़ा रहे हैं, बल्कि निवेशकों के लिए इसे और अधिक सुरक्षित, आसान और भरोसेमंद भी बना रहे हैं। यह कदम भारत के वित्तीय लोकतंत्र को मजबूत करने और देश के हर कोने तक निवेश के अवसर पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं

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