SEBI ने किया साफ़: Weekly F&O Expiry खत्म करने का कोई प्लान नहीं, लेकिन बड़े बदलाव संभव!

Saurabh
By Saurabh

SEBI के चेयरमैन Tuhin Kanta Pandey ने हाल ही में उठे उन सवालों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि Securities and Exchange Board of India जल्द ही weekly futures और options (F&O) expiry cycles को बंद करने की योजना बना रही है। उन्होंने मीडिया में चल रही ऐसी अटकलों को “गलत और अनावश्यक” करार देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल weekly expiries पर कोई प्रतिबंध लगाने का विचार नहीं है। 6 अगस्त को BSE का share price दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद करीब 1.5% की तेजी के साथ ₹2,403 के आसपास बंद हुआ। दिन के दौरान यह ₹2,282 तक भी गिर गया था। पिछले दिनों ऐसी खबरों के चलते capital market stocks में तेज बिकवाली देखने को मिली थी। उदाहरण के तौर पर, BSE का share price एक दिन में 5% से अधिक गिर गया था। वहीं Angel One और Motilal Oswal के share price में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जो क्रमशः लगभग 1% से ऊपर थे। SEBI के चेयरमैन Pandey ने दोहराया कि weekly index expiries को लेकर अभी कोई रोक-टोक नहीं की जा रही है, हालांकि भविष्य में इस स्ट्रक्चर की समीक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि SEBI derivatives market पर निगरानी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर Jane Street में हुई alleged manipulation की जांच के बाद। यह कदम expiry-day trading के व्यवहार और मार्केट की ईमानदारी को बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं

फिलहाल weekly expiry को लेकर कोई बदलाव एजेंडे में नहीं है। Pandey ने यह भी संकेत दिया कि weekly expiry schedule पर तत्काल प्रतिबंध नहीं है, लेकिन SEBI भविष्य में नए आंकड़ों के आधार पर expiries के बीच दूरी बढ़ाने या लंबे समय तक चलने वाले derivatives पर विचार कर सकता है। इसके अलावा, margin requirements बढ़ाने और Securities Transaction Tax (STT) में बदलाव जैसे सुधारों पर भी काम चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, SEBI वित्त मंत्रालय से मांग कर सकता है कि cash market transactions पर STT कम किया जाए, जबकि option trades पर STT बढ़ाया जाए। SEBI के वरिष्ठ सदस्य Ananth Narayan ने पिछले महीने कहा था कि regulator F&O market की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए tenure और maturity को बढ़ाने पर विचार करेगा। उन्होंने बताया कि expiry दिनों पर index options का turnover underlying cash market के मुकाबले 350 गुना या उससे भी अधिक होता है, जो असामान्य और जोखिम भरा है। इस असंतुलन के कारण कई नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं, इसलिए सुधार की जरूरत है। SEBI की जुलाई में जारी रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि पिछले दो वर्षों में F&O में unique individual investors की संख्या में 24% की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पिछले साल की तुलना में यह संख्या 20% घटी है। खासतौर पर ₹1 लाख से कम के टर्नओवर वाले ट्रेडर्स में गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार FY25 में individual traders के नेट नुकसान में 41% की वृद्धि हुई, जो ₹1,05,603 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि FY24 में यह ₹74,812 करोड़ था

एक पिछली SEBI सर्वे के मुताबिक F&O में निवेश करने वाले 9 में से 10 निवेशक नुकसान में हैं, जो चिंता का विषय है। SEBI की weekly F&O expiries को लेकर कोई तत्काल प्रतिबंध न लगाने की घोषणा से regulatory environment में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन भविष्य में बड़े structural reforms की संभावना बनी हुई है। रिटेल निवेशकों के बढ़ते नुकसान और intraday volatility को देखते हुए SEBI संभवतः लंबे समय तक चलने वाले derivatives, expiry के बीच अंतराल और STT में संशोधन जैसे विकल्पों पर विचार करेगा। मार्केट की ईमानदारी और निवेशकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव आगामी तिमाहियों में F&O मार्केट को नया रूप दे सकते हैं। इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि SEBI फिलहाल weekly expiry को खत्म नहीं करने जा रहा, लेकिन बाजार की बेहतर संरचना और निवेशकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुधारों पर काम कर रहा है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि regulator सतर्क है और बाजार के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा

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