भारत के सबसे बड़े equity AUM वाले mutual fund में से एक SBI Mutual Fund ने जून 2025 में कैश होल्डिंग्स में सबसे बड़ा कटौती की है। कंपनी ने अपने कैश पोर्टफोलियो को 250 करोड़ रुपये घटाकर 1,007 करोड़ रुपये कर दिया है। इसका कैश एलोकेशन जून में 8.6 प्रतिशत से गिरकर 8.1 प्रतिशत हो गया है। यह बदलाव देश के शीर्ष mutual funds के बीच एक नई निवेश रणनीति को दर्शाता है, जहां बढ़ते equity inflows और बाजार में तेजी के चलते कैश की तुलना में स्टॉक्स में अधिक निवेश हो रहा है। Motilal Oswal के Fund Folio के ताजातरीन आंकड़ों के अनुसार, भारत के प्रमुख mutual funds ने जून में अपने कैश होल्डिंग्स में कमी की है। कैश का कुल equity assets में हिस्सा मई के 6.8 प्रतिशत से घटकर 5.8 प्रतिशत रह गया है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि निवेशक अब बाजार में अधिक सक्रिय होकर स्टॉक्स में पैसा लगा रहे हैं। जून में net equity inflows में भी जबरदस्त वृद्धि हुई और यह 24,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो मई के 20,100 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। वहीं, systematic investment plan (SIP) की जमा राशि भी रिकॉर्ड 27,270 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो निवेशकों के भरोसे और बढ़ती निवेश क्षमता को दर्शाता है। SBI Mutual Fund के अलावा अन्य बड़े mutual funds ने भी कैश होल्डिंग्स में कटौती की है
HDFC Mutual Fund ने 110 करोड़ रुपये घटाकर अपना कैश 972 करोड़ रुपये कर दिया, जो कि कुल equity assets का 7.2 प्रतिशत है। Axis Mutual Fund और Nippon India Mutual Fund ने क्रमशः 38 करोड़ और 91 करोड़ रुपये की कटौती की है। इसके विपरीत, Motilal Oswal Mutual Fund ने अपने कैश में 49 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है, जिससे इसका कुल कैश 468 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इसके equity assets में वृद्धि के कारण इसका कैश प्रतिशत 16.4 प्रतिशत से घटकर 10.1 प्रतिशत हो गया है। PPFAS Mutual Fund, जो अपनी value investing approach के लिए जाना जाता है, ने अपने कैश होल्डिंग्स को 298 करोड़ रुपये तक बढ़ाया है। यह प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक है, जो 19.6 प्रतिशत पर पहुंच गया है, हालांकि यह मई के 21.6 प्रतिशत से थोड़ा कम है। अन्य mutual funds जैसे UTI Mutual Fund ने 78 करोड़ रुपये, Mirae Asset ने 44 करोड़ रुपये, और DSP Mutual Fund ने 26 करोड़ रुपये की कटौती की है। वहीं, Invesco Mutual Fund ने अपने कैश में 23 करोड़ रुपये की वृद्धि की है। Bandhan Mutual Fund और Sundaram Mutual Fund ने भी कैश में कमी की है। इस अवधि के दौरान Nifty में 3.1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई और यह जून के अंत में 25,517 के स्तर पर बंद हुआ
Mutual fund equity AUMs में भी 4.3 प्रतिशत की मासिक वृद्धि हुई, जो कुल 36.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस तेजी के बीच fund managers ने NBFCs, retail, consumer durables और telecom सेक्टर्स में अपना अलोकेशन बढ़ाया है। वहीं, private banks, automobiles, technology और utilities सेक्टर्स में एक्सपोजर कम किया गया है। यह बदलाव यह दर्शाता है कि mutual funds ने बाजार की संभावनाओं को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो को संतुलित किया है और तेजी के बीच जोखिम प्रबंधन के साथ निवेश बढ़ाया है। बढ़ती equity inflows और SIP contributions से भी यह साफ होता है कि निवेशक लंबी अवधि के लिए शेयर बाजार में विश्वास बनाए हुए हैं। कुल मिलाकर, जून 2025 में mutual funds ने कैश होल्डिंग्स को घटाकर बाजार में निवेश को बढ़ावा दिया है, जो भारतीय शेयर बाजार की मजबूती और निवेशकों की बढ़ती सक्रियता का संकेत है। यह प्रवृत्ति आने वाले महीनों में equity markets के लिए सकारात्मक बनी रहने की उम्मीद जताती है