सकhiya Skin Clinic ने हाल ही में BSE के SME प्लेटफॉर्म पर अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) फाइल किया है, जिससे यह कंपनी जल्द ही अपने Initial Public Offering (IPO) के जरिए पूंजी जुटाने के लिए तैयार है। इस IPO में कुल 50.10 लाख नए equity shares जारी किए जाएंगे, साथ ही promoters Rupalben Jagdishbhai Sakhiya और Jagdishkumar Jadavbhai Sakhiya अपने 11.62 लाख शेयरों की Offer for Sale (OFS) भी कर रहे हैं। कंपनी का उद्देश्य IPO से जुटाई गई रकम का उपयोग भारतभर में नए क्लीनिक्स खोलने में ₹42.57 करोड़ तक, अपनी subsidiary Dr Sakhiya’s Advanced Skin Science LLP में ₹9.65 करोड़ के निवेश के लिए और ₹3.2 करोड़ का कर्ज चुकाने में करना है। इसके अलावा कुछ धनराशि टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों में भी लगाई जाएगी। 2011 में स्थापित सकhiya Skin Clinic मुख्य रूप से डर्मेटोलॉजी, कॉस्मेटोलॉजी और एस्थेटिक ट्रीटमेंट्स में विशेषज्ञता रखती है। इसके अलावा कंपनी के पास खुद का cosmeceutical प्रोडक्ट लाइन भी है। FY25 में कंपनी ने अपने हेल्थकेयर सर्विसेज से ₹52.87 करोड़ की आय दर्ज की और ₹10.92 करोड़ का पॉस्ट टैक्स प्रॉफिट कमाया। कंपनी ने अब तक 24 शहरों में फैले अपने 35 क्लीनिक्स के माध्यम से 5.40 लाख से अधिक मरीजों को सेवा दी है, जिनमें गुजरात और महाराष्ट्र प्रमुख राज्य हैं। सकhiya Skin Clinic के प्रमोटर Dr Jagdishkumar Jadavbhai Sakhiya, जो कि डर्मेटोलॉजी और कॉस्मेटोलॉजी के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं, इस कंपनी के नेतृत्व में हैं। कंपनी ने अपने क्लीनिक्स में 37 योग्य डॉक्टर्स और 128 स्किन थेरेपिस्ट को कार्यरत रखा है
FY24 और FY25 में कंपनी का patient retention rate लगभग 79% के आसपास रहा है, जो इसके स्थिर ग्राहक आधार और अच्छी सर्विस क्वालिटी का परिचायक है। IPO के दौरान GYR Capital Advisors को lone book-running lead manager नियुक्त किया गया है, जबकि KFin Technologies IPO के registrar के रूप में काम करेगा। इन प्रयासों के माध्यम से कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर अपने equity shares को सूचीबद्ध कराना चाहती है। हालांकि, इस IPO में कुछ जोखिम भी जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा जोखिम इस बात का है कि कंपनी अपने डॉक्टर्स और अन्य विशेषज्ञों पर काफी हद तक निर्भर है। यदि कंपनी इन पेशेवरों को बनाए रखने या नए विशेषज्ञों को आकर्षित करने में असफल रहती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव व्यवसाय पर पड़ सकता है। इसके अलावा, टेक्नोलॉजी और उपकरणों में निरंतर निवेश और अनुसंधान एवं विकास (R&D) की क्षमता कंपनी की सफलता के लिए अहम है। अगर कंपनी इन क्षेत्रों में पिछड़ जाती है, तो उसके कारोबार पर विपरीत असर पड़ सकता है। FY25 में कंपनी की कुल आय का लगभग 47.33% हिस्सा उसके टॉप पांच क्लीनिक्स से आता है, इसलिए यदि इन क्लीनिक्स में कोई भी समस्या उत्पन्न होती है, तो इसका व्यवसाय पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। IPO से मिलने वाली धनराशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार के लिए कर रही है, जिससे अगले कुछ वर्षों में सकhiya Skin Clinic का नेटवर्क और मजबूत होने की संभावना है
भारत में बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता और कॉस्मेटिक उपचार की मांग को देखते हुए यह कदम कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा सकता है। इस IPO के साथ ही Vikran Engineering, Jain Resource समेत अन्य कंपनियां भी अगस्त के अंत तक ₹4,700 करोड़ के कुल मूल्य के पांच IPO लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जो पूंजी बाजार में निवेशकों के लिए एक उत्साहजनक दौर लेकर आएगा। सकhiya Skin Clinic IPO भारतीय स्किन केयर और हेल्थकेयर सेक्टर में एक नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है। निवेशकों के लिए यह IPO एक ऐसा अवसर हो सकता है, जिससे वे इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बना सकें। हालांकि, निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, जोखिम और विस्तार योजनाओं को समझना जरूरी होगा। इस प्रकार, सकhiya Skin Clinic का IPO न केवल कंपनी के लिए बल्कि हेल्थकेयर सेक्टर के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। आने वाले समय में इस IPO की सब्सक्रिप्शन स्थिति और शेयर की लिस्टिंग पर नजर रखना निवेशकों के लिए फायदेमंद रहेगा