FY26 में Rural India की जबरदस्त वापसी! जानिए कैसे बढ़ेगा ग्रामीण क्षेत्र का आर्थिक दायरा

Saurabh
By Saurabh

तीन सालों से मंदी के दौर से गुजर रहे ग्रामीण भारत में FY26 में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Ambit Asset Management के CEO Sushant Bhansali ने अपनी अगस्त न्यूज़लेटर में बताया कि आने वाला वित्तीय वर्ष ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक पुनरुद्धार का साल हो सकता है। यह बदलाव मुख्य रूप से बढ़ती हुई मजदूरी, कम होती महंगाई और मजबूत मानसून की वजह से संभव है। पिछले कुछ वर्षों में खासकर 2020 से 2023 तक ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में कमी और मजदूरी में स्थिरता ने आर्थिक गतिविधियों को धीमा कर दिया था। इस दौरान महंगाई दर 7.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जिससे ग्रामीण परिवारों को अपनी आवश्यकताओं में कटौती करनी पड़ी। हालांकि FY25 के मध्य में स्थिति में सुधार के संकेत मिलने लगे जब महंगाई दर में कमी आई और सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च ने गति पकड़ी। इस बदलाव से ग्रामीण घरों की बचत में सुधार हुआ और FMCG, low-end दोपहिया वाहन और durable goods की बिक्री में बढ़ोतरी शुरू हुई। कृषि क्षेत्र भी मानसून की समय पर बारिश से लाभान्वित हुआ है। जून में वर्षा सामान्य से 105 प्रतिशत रही और जुलाई के अंत तक खरीफ की बुवाई पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत ज्यादा हुई है। यह सभी कारक ग्रामीण किसानों की आय और उत्पादन को बढ़ावा देंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत होगा

Ambit की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि FY26 में ग्रामीण सुधार व्यापक होगा और FMCG, retail, दोपहिया वाहन, consumer durables, agrochemicals और affordable housing जैसे क्षेत्रों में तेजी आएगी। इन सेक्टर्स में कंपनियों जैसे Hindustan Unilever, Dabur, Hero MotoCorp और Bajaj Auto को भी इस सुधार से लाभ मिलने की संभावना है। यह बदलाव महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि पिछले तीन वर्षों में इन कंपनियों ने ग्रामीण बाजार में कमजोर प्रदर्शन दर्ज किया था। अब Ambit ने अपने equity strategies में इन सेक्टर्स के लिए अपनी एक्सपोजर बढ़ा दी है, जो कि FY26 में इन क्षेत्रों की आय वृद्धि के मजबूत संकेत हैं। एक और अहम पॉइंट यह है कि ग्रामीण रोजगार के पारंपरिक संकेतक माने जाने वाले MGNREGA जॉब्स की मांग में कमी आ रही है, जो दर्शाता है कि ग्रामीण इलाकों में गैर-कृषि रोजगार के विकल्प बढ़ रहे हैं और लोग खेती के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी काम पा रहे हैं। हालांकि commodity prices में उतार-चढ़ाव और नीतिगत कार्यान्वयन की अनिश्चितता जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन Ambit का मानना है कि बढ़ती मजदूरी और मजबूत मानसून FY26 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए स्थायी सुधार का आधार तैयार करेंगे। ग्रामीण भारत की इस वापसी से न केवल कृषि बल्कि उपभोक्ता वस्तुओं, वाहन और आवास जैसे विविध क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे समग्र आर्थिक विकास को बल मिलेगा। FY26 ग्रामीण भारत के लिए एक नए युग की शुरुआत साबित हो सकता है, जहां मांग की पुनः वृद्धि और बेहतर आय के कारण बाजार में तेजी आएगी। इस बदलाव की वजह से निवेशकों की नजर भी ग्रामीण-आधारित सेक्टर्स पर टिकी है, जो आने वाले वित्तीय वर्ष में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। Ambit Asset Management ने भी अपने पोर्टफोलियो में इन सेक्टर्स को प्राथमिकता दी है, जो संकेत देता है कि वे इस सुधार में विश्वास रखते हैं

कुल मिलाकर FY26 में ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था में जो पुनरुद्धार होगा, वह न केवल ग्रामीण परिवारों की जीवनशैली सुधारने में मदद करेगा बल्कि देश की समग्र आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। मजबूत मानसून, बेहतर मजदूरी और कम होती महंगाई ग्रामीण भारत को फिर से आर्थिक रूप से जीवंत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे

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