Oval Projects Engineering का IPO गुरुवार, 28 अगस्त को खुल गया है और यह 1 सितंबर, सोमवार को बंद होगा। यह IPO केवल Fresh Issue है जिसमें कंपनी ने 54,99,200 शेयर जारी किए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग ₹46.74 करोड़ है। कंपनी ने इस IPO के लिए ₹80 से ₹85 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस आईपीओ के जरिए जुटाए गए फंड का उपयोग कंपनी लंबे समय के वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी। Oval Projects Engineering एक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी है जो इंडस्ट्रीयल इंफ्रास्ट्रक्चर के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) से जुड़ी सेवाएं प्रदान करती है। यह कंपनी खासतौर पर Oil & Gas सेक्टर में Upstream, Midstream और Downstream फैसलिटी डेवलपमेंट जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसमें प्रॉसेसिंग प्लांट्स, पाइपलाइन लगाना, टर्मिनल स्टेशन्स, हॉरिजॉन्टल डायरेक्शनल ड्रिलिंग, City Gas Distribution (CGD) जैसे काम शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी PNG और PNG सेवाओं का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) भी करती है, साथ ही कैप्टिव पावर प्लांट्स के लिए O&M सर्विसेज भी देती है। फाइनेंशियल प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 (FY23) में ₹59.02 करोड़ की ऑपरेशन रेवेन्यू दर्ज की, जो FY24 में बढ़कर ₹77.96 करोड़ और FY25 में अनुमानित रूप से ₹102.28 करोड़ होगी। नेट प्रॉफिट के मामले में FY23 में ₹3.18 करोड़, FY24 में ₹4.40 करोड़ और FY25 में ₹9.33 करोड़ का अनुमान है
ये आंकड़े कंपनी के स्थिर और बढ़ते वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाते हैं, जो निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है। Oval Projects Engineering IPO का लॉट साइज 1,000 शेयर का है और व्यक्तिगत निवेशक कम से कम दो लॉट, यानी 2,000 शेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस IPO की बुक रनिंग लीड मैनेजर SMC Capitals है और रजिस्ट्रार MAS Services Ltd है। इस IPO के लिए सभी आवंटन, रिफंड, और शेयर क्रेडिट की प्रक्रियाएं तयशुदा समय पर पूरी होंगी। IPO की टाइमलाइन के अनुसार, आवंटन का बेस 2 सितंबर को जारी होगा, रिफंड 3 सितंबर से शुरू होंगे, और इसी दिन शेयर निवेशकों के डिमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएंगे। Oval Projects Engineering के शेयर 4 सितंबर को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। IPO के Grey Market Premium (GMP) की जानकारी भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Oval Projects Engineering के अनलिस्टेड शेयरों की कीमत ₹93 प्रति शेयर तक पहुंच गई है, जो प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा ₹85 से लगभग 9.41% अधिक है। ये Grey Market Premium निवेशकों के बीच IPO को लेकर उत्साह और सकारात्मकता को दर्शाता है। हालांकि, निवेशकों को GMP को एक अनौपचारिक संकेत के रूप में देखना चाहिए क्योंकि यह स्टॉक एक्सचेंज या SEBI द्वारा नियंत्रित नहीं होता और इसके आधार पर निवेश निर्णय लेने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए
Oval Projects Engineering की मुख्य ताकत इसका Oil & Gas सेक्टर में फोकस और EPC के साथ O&M सर्विसेज का कॉम्बिनेशन है। भारत में ऊर्जा क्षेत्र का विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की बढ़ती जरूरत कंपनी के बिजनेस ग्रोथ के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करती है। साथ ही, कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी इसके स्थिर और बढ़ते कारोबार की पुष्टि करते हैं। इस IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रदर्शन और IPO की कीमत रेंज का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, Grey Market Premium को एक संकेत के तौर पर समझते हुए पूरी जानकारी जुटाकर ही निवेश करना फायदेमंद रहेगा। Oval Projects Engineering का यह IPO BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा, जो छोटे और मझोले उद्यमों को पूंजी जुटाने में मदद करता है। कुल मिलाकर, Oval Projects Engineering IPO निवेशकों के लिए एक मौका हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं। निवेशक IPO के बंद होने से पहले आवेदन कर सकते हैं और आवंटन की प्रक्रिया के बाद शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार कर सकते हैं। इस IPO के माध्यम से कंपनी अपनी पूंजी संरचना मजबूत करेगी और भविष्य के विकास के लिए आवश्यक संसाधन जुटाएगी। निवेशकों की नजर इस IPO पर बनी रहेगी क्योंकि इसके शेयर Grey Market में पहले ही प्राइस बैंड से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जो IPO के प्रति बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया का संकेत है
Oval Projects Engineering का IPO 1 सितंबर को बंद होने वाला है, इसलिए जो निवेशक इस सेक्टर में हिस्सेदारी चाहते हैं, उन्हें जल्द निर्णय लेना होगा। आने वाले दिनों में कंपनी की लिस्टिंग और शेयर प्रदर्शन पर भी नजर बनी रहेगी