NTPC के पहले क्वार्टर के वित्तीय परिणामों को लेकर मार्केट में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। हाल ही में 6 प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों की एक सर्वे रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि कंपनी का net profit लगभग 20% की वृद्धि के साथ Rs 4,741 करोड़ तक पहुंच सकता है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह Rs 3,951 करोड़ था। हालांकि, कुछ ब्रोकरेज हाउसों ने regulatory deferral adjustments को ध्यान में नहीं रखा, जिसके कारण नेट प्रॉफिट में थोड़ा अंतर देखा गया। कंपनी की operating performance में भी सुधार की उम्मीद है। EBITDA margins 27.0% से बढ़कर 29.1% तक पहुंचने का अनुमान है। इस बढ़ोतरी का श्रेय बेहतर टैरिफ स्ट्रक्चर और नए capacity addition को दिया जा रहा है। NTPC ने Q1FY26 में लगभग 2 गीगावाट की नई क्षमता जोड़कर अपनी विस्तार योजनाओं को मजबूती दी है, जिसमें North Karanpura और Barh थर्मल प्लांट के Unit 3 से 660 मेगावाट की वृद्धि शामिल है। कुल मिलाकर 33.7 गीगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनमें थर्मल, हाइड्रो और रिन्यूएबल एनर्जी के मिश्रण शामिल हैं। हालांकि, बिजली की मांग में कमी और कोयले पर आधारित उत्पादन में गिरावट ने कंपनी के प्रदर्शन पर दबाव डाला है। गर्मी का मौसम नरम होने और मानसून के जल्दी आने के कारण पूरे देश में बिजली की खपत में गिरावट दर्ज की गई है
Kotak Institutional Equities के अनुसार, NTPC की बिजली उत्पादन क्षमता Q1FY26 में 12% घट सकती है, जबकि Equirus Securities का अनुमान है कि देश में कोयला आधारित उत्पादन 7% कम हुआ है, जिससे NTPC की राजस्व वृद्धि भी प्रभावित हुई है। राजस्व के मामले में mixed outlook है। कुछ ब्रोकरेज, जैसे Motilal Oswal, ने standalone revenue में 2% की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो Rs 45,300 करोड़ तक पहुंच सकता है। वहीं, Equirus ने राजस्व में 5% की गिरावट की संभावना जताई है। इस अस्थिरता के बावजूद, NTPC की operating profitability अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती borrowing costs की रही है। Axis Securities और Kotak Bank दोनों ने इस तिमाही में बढ़े हुए interest expenses को कंपनी के profitability पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला बताया है। इस कारण PAT में YoY और sequential दोनों ही स्तर पर गिरावट की संभावना है। Kotak ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले तिमाही के कुछ prior-period sales के अभाव में इस बार PAT थोड़ा कमजोर रह सकता है। NTPC के regulated business मॉडल से कंपनी को कुछ हद तक स्थिरता मिलती है
Elara Capital के अनुसार कंपनी का regulated equity standalone स्तर पर Rs 90,900 करोड़ और consolidated स्तर पर Rs 1.087 लाख करोड़ है। यह मॉडल बाजार की अस्थिरता के बावजूद नियमित रिटर्न सुनिश्चित करता है, जो कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन के लिए सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञ इस तिमाही में NTPC के renewable capacity के विस्तार, थर्मल प्रोजेक्ट्स की प्रगति, कोयला सप्लाई और PLF (plant load factor) की स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। साथ ही कंपनी की बिजली मांग में सुधार की दिशा में दी जाने वाली टिप्पणियां भी निवेशकों के लिए अहम होंगी। कुल मिलाकर, NTPC ने Q1FY26 में चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों के बावजूद अपनी क्षमता विस्तार योजनाओं को जारी रखा है और बेहतर टैरिफ स्ट्रक्चर के माध्यम से राजस्व में कुछ बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, बिजली की मांग में कमी और बढ़ती borrowing costs ने कंपनी के bottom line पर दबाव डाला है। भविष्य में नए प्रोजेक्ट्स के कमिशनिंग और नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से विस्तार से कंपनी की आय में सुधार होने की संभावना बनी हुई है। NTPC के आंकड़े और इंडस्ट्री ट्रेंड्स से यह साफ है कि कंपनी फिलहाल शॉर्ट टर्म प्रेशर्स को झेल रही है, लेकिन लम्बे समय में इसके पास मजबूती से वृद्धि करने की क्षमता है। निवेशक इस बात पर खास ध्यान देंगे कि कंपनी कैसे बढ़ती लागतों और कमजोर मांग के बीच संतुलन बनाती है और अपने विस्तार के जरिए नए अवसरों का लाभ उठाती है