बैंकों के शेयरों में आज फिर गिरावट देखने को मिली है, जिससे पूरे बैंकिंग सेक्टर पर दबाव बना हुआ है। 28 अगस्त को PSU बैंक के कई शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई, जिससे Nifty PSU Bank index लगातार छठे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। दोपहर के सत्र में यह इंडेक्स लगभग 0.7 प्रतिशत नीचे आकर 6,803 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा था। इस तरह छह लगातार सत्रों में यह इंडेक्स लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज कर चुका है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। Punjab & Sind Bank (PSB) इस इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला बैंक रहा, जिसके शेयर लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 28 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे थे। इसी तरह Union Bank of India, Bank of Maharashtra, UCO Bank और Bank of India के शेयर भी 1 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ बंद हुए। Punjab National Bank (PNB), Canara Bank और Central Bank of India के शेयर भी लगभग 1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे। Bank of Baroda, Indian Bank, State Bank of India (SBI) और Indian Overseas Bank (IOB) के शेयर भी मामूली नुकसान के साथ लाल निशान में बंद हुए। प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में भी स्थिति कुछ खास नहीं थी। AU Small Finance Bank के शेयर लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ नीचे आए
HDFC Bank और ICICI Bank के शेयर भी 1 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ बंद हुए। Kotak Mahindra Bank, Canara Bank, Bank of Baroda और IDFC First Bank के शेयर भी लगभग 1 प्रतिशत नीचे गए। बैंकों के इस व्यापक कमजोर प्रदर्शन ने Nifty Bank index को भी प्रभावित किया। बीते दिन के मुकाबले यह इंडेक्स लगभग 0.9 प्रतिशत गिरकर 53,969 के स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार गिरावट संकेत करता है कि बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों की धारणा फिलहाल नकारात्मक बनी हुई है। PL Capital की Technical Research की Vice President, Vaishali Parekh ने कहा कि Bank Nifty ने अहम सपोर्ट जोन 55,000 के नीचे ब्रेक कर दिया है, जिससे बाजार में कमजोरी बढ़ने की संभावना है। उनके अनुसार, Bank Nifty का अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट 53,500 के आसपास है, जहां तक गिरावट जारी रह सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर बैंकिंग इंडेक्स में सुधार के लिए कोई मजबूती दिखानी है तो इसे 50EMA की बाधा 55,700 के ऊपर जाना होगा। ऐसा होने पर बाजार में फिर से तेजी आने की उम्मीद की जा सकती है। वहीं Bankex इंडेक्स ने भी 61,000 के सपोर्ट जोन के नीचे गिरावट दर्ज की है, जिससे बाजार में कमजोरी का रुख बना हुआ है
इसके अगले स्तर पर 200 DMA का समर्थन 59,900 है, जो टूटने पर और बिकवाली आ सकती है। हालांकि सरकार ने बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। हाल ही में भारत सरकार ने Goldman Sachs को चार PSU बैंकों – UCO Bank, Central Bank of India, Punjab & Sind Bank और Indian Overseas Bank (IOB) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए Transaction Advisor नियुक्त किया है। सरकार इन बैंकों में अपनी हिस्सेदारी अगले दो से तीन वर्षों में 5 प्रतिशत तक घटा सकती है। यह कदम बैंकिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने की मंशा को दर्शाता है, लेकिन फिलहाल बाजार में इसके असर को देखने की जरूरत है। यह गिरावट बाजार में जोखिम और अनिश्चितता को दर्शाती है, जो वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू नीतियों के चलते बनी हुई है। बैंकिंग सेक्टर की यह कमजोरी इक्विटी बाजार के अन्य सेक्टर्स पर भी असर डाल रही है क्योंकि बैंकिंग इंडेक्स का बड़ा वजन बाजार में होता है। निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और किसी भी बड़े फैसले से पहले बाजार की स्थिति का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। इस बीच, कई अन्य सेक्टरों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की लगातार गिरावट ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में बैंकिंग सेक्टर की दिशा तय करने के लिए तकनीकी स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा
अगर Bank Nifty और Bankex अपने जरूरी सपोर्ट स्तरों को बरकरार नहीं रख पाते हैं तो बाजार में और गिरावट आ सकती है। कुल मिलाकर, PSU बैंक के शेयरों में आई इस गिरावट ने बैंकिंग सेक्टर के निवेशकों की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है। फिलहाल बाजार के इस दबाव और कमजोर निवेश धारणा के बीच, निवेशकों के लिए सावधानीपूर्वक कदम उठाना आवश्यक होगा। बैंकिंग सेक्टर की यह स्थिति भारतीय शेयर बाजार की दिशा में भी असर डाल रही है, जिससे पूरे बाजार में बेचैनी का माहौल बना हुआ है