Nifty 50 ने 28 जुलाई को 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जिससे इसका तीन दिन का लगातार डाउनट्रेंड बना हुआ है। यह इंडेक्स Bollinger Bands की नीचे की लाइन से नीचे बना हुआ है और साथ ही शॉर्ट- और मिडियम-टर्म मूविंग एवरेजेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। तकनीकी संकेतक भी कमजोर हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि Nifty में और भी कंसोलिडेशन हो सकता है, लेकिन नेगेटिव बायस के साथ। एक्सपर्ट्स के अनुसार, 24,600 से 24,550 का जोन, जो कि 100-day EMA के आसपास है, और 24,470 जो जून का लो है, ये दोनों महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल हैं। अगर ये लेवल टूटते हैं, तो मार्केट में बड़ा Sell-off देखने को मिल सकता है। अगर बाजार में कोई रिबाउंड होता है, तो 24,800 से 24,900 तक का रेंज रेसिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। फिलहाल, daily charts पर Nifty ने bearish candle के साथ upper shadow बनाया है, जो ऊपर के स्तरों पर बिक्री दबाव को दर्शाता है। इंडेक्स ने lower highs और lower lows का एक और दिन बनाया है और RSI 40 से नीचे आकर 36.92 पर पहुंच गया है, जबकि MACD histogram भी कमजोर होता दिख रहा है। यह सारी चीजें बढ़ती हुई bearish momentum की तरफ इशारा कर रही हैं। Bank Nifty ने भी 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है
यह इंडेक्स भी 50-day EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है और इसमें भी bearish crossover देखने को मिला है। RSI और Stochastic RSI दोनों ने नकारात्मक संकेत दिए हैं। साथ ही MACD histogram में भी कमजोरी बनी हुई है। यह बैंकिंग सेक्टर में भी नकारात्मक ट्रेंड की पुष्टि करता है। Bank Nifty के लिए 56,442, 56,579 और 56,801 के पिवट रेसिस्टेंस महत्वपूर्ण हैं, जबकि 55,998, 55,861 और 55,639 के सपोर्ट लेवल्स नजर रखे जाने चाहिए। ऑप्शंस डेटा की बात करें तो Nifty के Call ओपन इंटरेस्ट में 25,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स (1.58 करोड़) देखे गए हैं, जो कि एक मजबूत रेसिस्टेंस लेवल बन सकता है। इसके बाद 25,200 और 25,500 स्ट्राइक भी महत्वपूर्ण हैं। वहीं, Call writing ज्यादा 24,800 स्ट्राइक पर हुई है, जो 79.25 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स बढ़ी है, इसके बाद 24,700 और 24,900 स्ट्राइक पर भी Call writing हुई है। Call unwinding सबसे ज्यादा 24,000 स्ट्राइक पर हुआ है, जो बाजार में सपोर्ट का संकेत हो सकता है। Put ऑप्शंस की तरफ देखें तो 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा Put ओपन इंटरेस्ट (83.9 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स) है, जो Nifty के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है
इसके बाद 24,500 और 24,600 स्ट्राइक Put ओपन इंटरेस्ट के मामले में अहम हैं। Put writing 24,600 और 24,200 स्ट्राइक पर देखी गई है, जो बाजार में नीचे की तरफ दबाव का संकेत हो सकता है। Put unwinding 25,000 और 24,850 स्ट्राइक पर हुई है, जो सपोर्ट मजबूत होने का संकेत देता है। Bank Nifty ऑप्शंस में 57,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा Call ओपन इंटरेस्ट (24.03 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स) है, जो कि इस इंडेक्स के लिए मुख्य रेसिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 58,000 और 57,500 स्ट्राइक भी महत्वपूर्ण हैं। Call writing 56,500, 57,000 और 56,400 स्ट्राइक पर हुई है। Put ऑप्शंस में 56,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट (12.01 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स) है, जो सपोर्ट के रूप में काम करेगा। मार्केट के मूड को दिखाने वाला Nifty Put-Call Ratio (PCR) 28 जुलाई को 0.64 पर आ गया, जो 18 दिसंबर 2024 के बाद सबसे कम है। यह बताता है कि Call ऑप्शंस की बिक्री Put ऑप्शंस की बिक्री से ज्यादा हो रही है, जो bearish sentiment को दर्शाता है। अगर यह रेशियो 0.7 से ऊपर होता तो बाजार में बुलिश मूड माना जाता, लेकिन नीचे आने का मतलब है कि ट्रेडर्स बाजार के कमजोर होने की उम्मीद कर रहे हैं
India VIX, जो कि बाजार की नर्वसनेस या fear index है, 12.06 पर पहुंच गया है, जो 8 जुलाई के बाद सबसे उच्च स्तर है। यह लगातार तीसरे दिन बढ़ा है और बाजार में सतर्कता बढ़ने का संकेत देता है। ओपन इंटरेस्ट के आधार पर 40 स्टॉक्स में Long build-up देखा गया है, यानी इन स्टॉक्स में खरीदारी बढ़ रही है। वहीं, 91 स्टॉक्स में Long unwinding हुआ है, जो बिकवाली को दर्शाता है। Short build-up 62 स्टॉक्स में हुआ है, यानी इन स्टॉक्स में शॉर्ट पोजीशंस बढ़ी हैं, जबकि 35 स्टॉक्स में Short-covering हुआ है, जिसमें शॉर्ट पोजीशंस कम होकर प्राइस बढ़ा है। F&O सेगमेंट में फिलहाल कोई नया स्टॉक बैन नहीं हुआ है। RBL Bank को F&O बैन में रखा गया है, जो पहले से ही इस लिस्ट में है। कुल मिलाकर, Nifty और Bank Nifty दोनों ही टेक्निकल रूप से कमजोर स्थिति में हैं, और यदि वे 24,600 और 56,000 के सपोर्ट लेवल्स को तोड़ते हैं तो बाजार में तेज बिकवाली आ सकती है। फिलहाल, निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि मार्केट में नकारात्मकता का दबाव बना हुआ है