Nifty Auto index लगातार तीसरे दिन गिरावट में रहा क्योंकि अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय वस्तुओं पर कड़े टैरिफ लागू करने के बाद बाजार का मूड दबाव में रहा। इस दबाव का असर प्रमुख ऑटो शेयरों पर भी दिखा, जिसमें Mahindra & Mahindra (M&M) और Ashok Leyland के शेयरों में खासा नुकसान देखा गया। M&M के शेयरों में 2% की गिरावट आई, जिससे उनके शेयर चार लगातार सत्रों में कुल 6% तक नीचे आ गए। 29 अगस्त को Balkrishna Industries के शेयर Nifty Auto index में सबसे ज्यादा गिरने वाले रहे, जो 2.5% की गिरावट के साथ ₹2,261 प्रति शेयर पर बंद हुए। इसके बाद M&M और Bharat Forge के शेयर क्रमशः 2% और 1% नीचे आए। Ashok Leyland के शेयर भी 0.8% गिरकर ₹128.78 पर कारोबार करते दिखे। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब ऑटो सेक्टर के लिए संभावित Goods and Services Tax (GST) में कटौती की उम्मीदें बनी हुई हैं, जो इस क्षेत्र के लिए अच्छी खबर हो सकती थीं। हालांकि, इस मामले में अभी स्पष्टता की कमी के कारण निवेशकों में संशय बना हुआ है। Motilal Oswal Financial Services Ltd ने बताया कि सरकार द्वारा GST दरों को 28% से घटाकर 18% करने का प्रस्ताव ऑटो सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण राहत हो सकती है। इसका प्रभाव वाहन की कीमतों में लगभग 7% की कटौती के रूप में सामने आ सकता है, जिससे मांग में तेजी आने की संभावना है
लेकिन Ambit Capital का मानना है कि फिलहाल डीलरों के पास अधिक मात्रा में स्टॉक मौजूद है, जो उन्होंने उच्च कीमत पर खरीदा है, और यह इन्वेंट्री 30 दिनों से अधिक समय से बनी हुई है। इस वजह से खरीदार अपनी खरीदारी को स्थगित कर सकते हैं। साथ ही, यह भी देखना होगा कि क्या डीलर नई कम कीमतों को ग्राहकों तक पहुंचाएंगे या सरकार उन्हें उस अंतर का कोई मुआवजा देगी, जो उन्होंने ज्यादा कीमत पर स्टॉक खरीदने में लगाया था। Ambit Capital ने यह भी कहा कि 2QFY25 और 3QFY25 के कुछ हिस्सों में मांग में मंदी बनी रह सकती है जब तक GST में कटौती को लेकर अधिक स्पष्टता नहीं मिलती। वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी Jefferies ने भी GST कटौती को ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक बताया है। Jefferies का मानना है कि GST में कमी विशेष रूप से दोपहिया और छोटे पैसेंजर वाहनों के लिए मांग बढ़ाने में मदद करेगी। कम टैक्स दर से कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे कीमत-संवेदनशील ग्राहकों की खरीद क्षमता बढ़ेगी। यह बदलाव ऑटो निर्माताओं को हाल के कुछ तिमाहियों में देखी गई कमजोर मांग से उबरने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन प्रदान करेगा। हालांकि, इस बीच बाजार में अमेरिकी टैरिफ के चलते निरंतर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाए जाने से निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं
यह भी संभव है कि इससे ऑटो सेक्टर की सप्लाई चेन प्रभावित हो और लागत में वृद्धि आए, जो अंततः कंपनियों के लाभप्रदता पर नकारात्मक असर डाल सकती है। Mahindra & Mahindra के ऑटोमोटिव डिविजन ने हाल ही में NU_IQ प्लेटफॉर्म पर आधारित नई पीढ़ी के एसयूवी मॉडल लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही Vision.S, Vision.X, Vision.T और Vision.SXT जैसे नए SUV कॉन्सेप्ट्स भी पेश किए गए हैं, जिनका उत्पादन 2027 से शुरू होने की उम्मीद है। यह पहल कंपनी की भविष्य की रणनीति को दर्शाती है, लेकिन मौजूदा बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशकों की नजरें इन नए उत्पादों पर बनी रहेंगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो सेक्टर के लिए GST कटौती आने वाले महीनों में एक बड़ा सकारात्मक कारक साबित हो सकती है, लेकिन फिलहाल अमेरिकी टैरिफ और इन्वेंट्री की समस्या के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशक अब सरकार से GST में जल्द से जल्द स्पष्टता और टैरिफ के प्रभाव को कम करने वाले उपायों की उम्मीद कर रहे हैं। इस पूरी स्थिति के बीच Nifty Auto index का दबाव जारी रहना संकेत देता है कि बाजार अभी भी बाहरी आर्थिक कारकों और नीतिगत अनिश्चितताओं के प्रभाव से उबर नहीं पाया है। आने वाले दिनों में GST कटौती और अमेरिकी टैरिफ की स्थिति में किसी भी सकारात्मक बदलाव से ही सेक्टर को मजबूती मिलने की संभावना है। फिलहाल, M&M और Ashok Leyland जैसे बड़े खिलाड़ियों के शेयरों में कमजोरी जारी रहने की संभावना बनी हुई है