भारतीय शेयर बाजार में 29 जुलाई को शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी और सेंसेक्स में तीसरे दिन लगातार गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और कमजोर कंपनी परिणामों के चलते निवेशकों का मनोबल प्रभावित रहा। सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स करीब 117.96 अंक यानि 0.15 फीसदी की गिरावट के साथ 80,773.06 पर था, जबकि निफ्टी भी 17.55 अंक या 0.07 फीसदी नीचे 24,663.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कुल मिलाकर 1317 शेयर बढ़त में, 1062 शेयर गिरावट में और 129 शेयर स्थिर थे। बाजार की कमजोरी में IT सेक्टर की कंपनियों का प्रदर्शन खासा प्रभावित रहा। Infosys, Wipro जैसे बड़े IT स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिली, जिससे निफ्टी IT इंडेक्स 0.46 फीसदी नीचे आ गया। वहीं, छोटे कैप शेयरों का दबाव लगातार जारी रहा और निफ्टी Smallcap 100 इंडेक्स नौवें दिन भी गिरावट में रहा। इसके विपरीत, Nifty Oil & Gas, Nifty Metal, और Nifty Energy सेक्टर्स ने मामूली बढ़त दिखाई। Nifty Oil & Gas 0.52 फीसदी, Nifty Metal 0.33 फीसदी और Nifty Energy 0.22 फीसदी ऊपर रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता बाजार पर भारी पड़ रही है
Geojit Financial Services के Chief Investment Strategist V K Vijayakumar ने बताया कि अगस्त के पहले दिन डील का टाइम लिमिट खत्म होने वाला है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। अमेरिका द्वारा जापान और यूरोपीय यूनियन के साथ सफल व्यापार समझौते करने के बाद भारत के साथ कड़े रुख की भी संभावना जताई जा रही है, जो आगे बाजार की दिशा तय कर सकता है। कंपनी स्तर पर IndusInd Bank के शेयर 2 फीसदी से अधिक चढ़ गए क्योंकि बैंक ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए। हालांकि, standalone net profit में 68 फीसदी की गिरावट रही और consolidated basis पर नफा 72 फीसदी घटकर 604 करोड़ रुपये पर आ गया। दूसरी ओर, Bharat Electronics के शेयर 2 फीसदी से अधिक गिर गए, जबकि कंपनी ने जून तिमाही में 25 फीसदी सालाना लाभ वृद्धि दर्ज की। यह गिरावट मुख्य रूप से sequential decline के कारण आई है। हालांकि CLSA ने इस स्टॉक पर अपना outperform कॉल बरकरार रखा है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी ने लंबे समय से चली आ रही कंसोलिडेशन फेज से decisively नीचे टूटकर कई महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स को तोड़ा है। यदि निफ्टी 24,650 के स्तर को क्लोजिंग बेसिस पर तोड़ता है, तो बाजार में तेज बिकवाली देखी जा सकती है और इंडेक्स 24,500 से 24,450 के बीच और नीचे जा सकता है। वहीं, ऊपर की ओर रेसिस्टेंस जोन 24,960 से 25,000 के बीच शिफ्ट हो गया है
इस स्तर पर किसी भी राहत रैली को नई सप्लाई दबाव का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 25,000 के ऊपर स्थिर नहीं होता, तब तक बाजार का मूड नकारात्मक ही रहेगा और रैली को रिवर्सल के बजाय शॉर्ट करने का अवसर समझा जाएगा। इस दिन विशेष रूप से JSW Steel, IndusInd Bank, Jio Financial Services, ONGC और Tata Consumer Products के शेयरों में मजबूती दिखी और ये निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। दूसरी ओर, Bharat Electronics, Eternal, Infosys, Wipro और SBI Life Insurance के शेयरों में कमजोरी रही, जो बाजार की समग्र नकारात्मकता को दर्शाता है। भारतीय बाजारों में विदेशी और घरेलू निवेशक दोनों ही सतर्क दिखे, खासकर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के परिणामों को लेकर। US बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला, जहां शुरुआती तेजी के बाद अंत में मिलेजुले परिणाम सामने आए। एशियाई बाजार भी दबाव में रहे, जिससे भारतीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इस तरह की स्थिति में निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि तकनीकी और मौलिक दोनों ही स्तरों पर बाजार की वर्तमान दशा कमजोर नजर आ रही है। आगे के कुछ दिनों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा और वैश्विक बाजारों की चाल बाजार की मुख्य दिशा तय करेगी। फिलहाल, बाजार में तेजी की बजाय गिरावट की संभावना अधिक बनी हुई है