Nifty 50 में तेजी के बीच छुपा है बड़ा खतरा, एक्सपर्ट्स ने जताई सतर्क रहने की जरूरत

Saurabh
By Saurabh

आज का ट्रेडिंग सत्र Dalal Street पर सकारात्मक रहा, जहां Nifty 50 ने 0.54 प्रतिशत की मजबूती दिखाई और 24,619.35 के स्तर पर बंद हुआ। Sensex भी 304.32 अंक की बढ़त के साथ 80,539.91 पर बंद हुआ। हालांकि, इस बढ़त के बावजूद पिछले एक महीने में Nifty 50 लगभग दो प्रतिशत नीचे है, जो बाजार की मौजूदा अनिश्चितता को दर्शाता है। आज के कारोबार में लगभग 2099 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 1806 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 142 शेयर स्थिर रहे। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों ने बाजार को सपोर्ट दिया। अमेरिकी जुलाई के Consumer Price Index (CPI) में 2.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो अनुमान से थोड़ी कम रही। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि आगामी FOMC बैठक में रेपो रेट में कटौती हो सकती है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना गया। घरेलू मोर्चे पर भी भारत की रिटेल महंगाई दर 1.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले आठ वर्षों में सबसे कम है। यह डाटा बाजार में उत्साह बढ़ाने वाला रहा। सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो, Nifty Pharma ने सबसे अधिक 1.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की

इसके बाद Nifty Metal में 1.3 प्रतिशत और Nifty Auto में 1.1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। Nifty Media, Realty और Infra सेक्टर भी मजबूती के साथ बंद हुए, जबकि FMCG, PSU Bank और Energy इंडेक्स में मामूली गिरावट रही। आज के कारोबार में broader markets ने भी बेहतर प्रदर्शन किया, जहां Nifty Midcap 100 ने 0.62 प्रतिशत और Nifty Smallcap 100 ने 0.61 प्रतिशत की बढ़त हासिल की, जो Nifty 50 के 0.54 प्रतिशत की बढ़त से बेहतर है। हालांकि इस साप्ताहिक तेजी के बावजूद बाजार विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। Choice Equity Broking के Technical & Derivative Analyst Amruta Shinde ने कहा कि मौजूदा माहौल में अनिश्चितता और उच्च वोलैटिलिटी के चलते ट्रेडर्स को “wait-and-watch” रणनीति अपनानी चाहिए, खासकर जब व्यापारिक पोजीशन लीवरेज्ड हों। उन्होंने सुझाव दिया कि रैलियों के दौरान आंशिक मुनाफा बुक करना और tight trailing stop-loss का उपयोग करना बेहतर जोखिम प्रबंधन उपाय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई लंबी पोजीशन्स तभी लेनी चाहिए जब Nifty 24,750 के ऊपर स्थिर हो। Geojit Investments के Chief Investment Strategist VK Vijayakumar ने भी निवेशकों के लिए उचित समय बताते हुए कहा कि तीन साल या उससे अधिक के लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए बैंकिंग, टेलीकॉम, कैपिटल गुड्स, एविएशन और कुछ मिडकैप IT कंपनियों में निवेश करना सही रहेगा। उन्होंने कहा कि इन सेक्टर्स में जोखिम और रिटर्न का संतुलन निवेशकों के लिए फायदेमंद है। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार की धारणा को बेहतर बनाया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी “bull trap” भी साबित हो सकती है

इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए और बाजार के प्रमुख ब्रेकआउट स्तरों और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए। आज के कारोबार में कुल मिलाकर Dalal Street ने हरे रंग में कारोबार किया, लेकिन बाजार की अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक स्थिति के चलते जोखिम अभी भी बना हुआ है। निवेशकों को चाहिए कि वे अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाएं और जोखिम प्रबंधन के लिए उचित रणनीति अपनाएं। इस समय बाजार में सतर्कता और धैर्य ही सफलता की कुंजी साबित हो सकती है। समाप्त

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