इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में व्यापक सूचकांक मुख्य सूचकांकों से कमजोर प्रदर्शन करते हुए 1 से 2.5 प्रतिशत के बीच गिरावट दर्ज की गई। अगस्त के पहले सप्ताह (1 अगस्त तक) के दौरान बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें कमजोर कॉर्पोरेट आय, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिक्री, डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होना और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ की घोषणा शामिल हैं। इन सब कारणों से निवेशकों का भरोसा डगमगाया और बाजार में दबाव बढ़ा। BSE के प्रमुख सूचकांक में BSE Large-cap Index 1.2 प्रतिशत, BSE Mid-cap Index 1.8 प्रतिशत और BSE Small-cap Index 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, BSE Sensex ने 863.18 अंक या 1.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,599.91 के स्तर पर बंद हुआ। Nifty50 भी 271.65 अंक या 1.09 प्रतिशत गिरकर 24,565.35 पर बंद हुआ। जुलाई महीने में Sensex और Nifty दोनों ने लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार पांचवें सप्ताह बिकवाली जारी रखी, इस दौरान उन्होंने 20,524.42 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) 15वें सप्ताह लगातार खरीदारी करते हुए 24,300.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। जुलाई महीने में FII ने कुल 47,666.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि DII ने 60,939.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो Nifty Realty Index में सबसे ज्यादा 5.7 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा Nifty Metal 3.4 प्रतिशत, Nifty PSU Bank 3.2 प्रतिशत और Nifty Media 3 प्रतिशत नीचे गए। इसके विपरीत, Nifty FMCG में 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो निवेशकों के बीच स्थिरता का संकेत है। Geojit Investments के Head of Research Vinod Nair ने कहा कि घरेलू इक्विटी बाजार ने एक अस्थिर सप्ताह देखा, जो ट्रेड वार चिंताओं और कमजोर आय के बीच उतार-चढ़ाव करता रहा। निवेशक विदेशी जोखिमों से बचते हुए घरेलू और गैर-वैकल्पिक क्षेत्र के शेयरों की ओर आकर्षित हुए, जिससे FMCG सेक्टर को फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी महंगाई बढ़ने और Fed व BoJ के कड़े रुख के कारण बाजार दबाव में रहे, जिससे उभरते बाजार प्रभावित हुए। इस सप्ताह BSE Small-cap Index में भी काफी गिरावट देखी गई। Home First Finance Company India, Zen Technologies, Paras Defence and Space Technologies, Redington, Five-Star Business Finance, SML Isuzu, Kitex Garments जैसे कई शेयर 10 से 17 प्रतिशत तक नीचे आए। वहीं, Jayaswal Neco Industries, Saurashtra Cement, Vimta Labs, Advait Energy जैसे कुछ शेयर 15 से 24 प्रतिशत तक बढ़त पर रहे। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, Rupak De, Senior Technical Analyst at LKP Securities ने बताया कि Nifty ने 200-DMA (डेली मूविंग एवरेज) को पुनः छूने में विफलता जताई है और 50-EMA से नीचे बना हुआ है
उन्होंने चेतावनी दी कि Nifty में हालिया समर्थन स्तर 24,600 के नीचे टूट गया है, जिससे आगे गिरावट की संभावना 24,400-24,450 के स्तर तक बनी हुई है। यदि ये स्तर भी टूट गया तो और नीचे गिरावट आ सकती है, जबकि ऊपर की ओर 24,600-24,650 और 24,850 तक प्रतिरोध बना हुआ है। Religare Broking के SVP Ajit Mishra ने कहा कि अगस्त की शुरुआत नकारात्मक रही और बाजार में सुधार की संभावना फिलहाल कम लग रही है। उन्होंने बताया कि Nifty का अगला महत्वपूर्ण समर्थन 24,450 पर है, जो टूटने पर यह 200-दिन की मूविंग एवरेज के करीब 24,180 तक गिर सकता है। उन्होंने निवेशकों को सतर्क रहने और हेजिंग के साथ निवेश करने की सलाह दी। HDFC Securities के Senior Technical Research Analyst Nagaraj Shetti के अनुसार Nifty 24,500 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के करीब है, लेकिन अभी तक कोई स्थिर सुधार नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि बाजार में नकारात्मक पैटर्न बना हुआ है और लगातार पांचवें सप्ताह नकारात्मक साप्ताहिक कैंडल फॉर्मेशन हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24,500 का समर्थन टूट गया तो Nifty 24,100-24,000 के स्तर तक गिर सकता है, जबकि ऊपर की ओर 24,950 का स्तर मजबूत प्रतिरोध है। कुल मिलाकर, इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, और व्यापार तनावों ने दबाव बनाए रखा। घरेलू निवेशक सक्रिय रहे, लेकिन वैश्विक और घरेलू कारकों का असर बाजार पर साफ दिखा
आने वाले सप्ताह में RBI की ब्याज दर की घोषणा और व्यापार वार्ता की प्रगति पर नजर रहेगी, जो बाजार की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल निवेशक सतर्कता के साथ बाजार में कदम बढ़ा रहे हैं, जबकि Nifty और Sensex में सुधार की उम्मीद अब भी अनिश्चित बनी हुई है