भारतीय शेयर बाजार में निफ्टी 50 ने लगातार छठे सप्ताह भी गिरावट जारी रखी है, जो 2020 के कोविड-19 संकट के बाद सबसे लंबी सप्ताहिक गिरावट का दौर है। इस दौरान बाजार में मंदी का माहौल साफ दिखाई दे रहा है और तकनीकी विश्लेषण भी इस कमजोरी की पुष्टि कर रहा है। SBI Securities के Head – Technical and Derivatives Research, Sudeep Shah ने हाल ही में इस स्थिति पर अपनी राय दी है, जिसमें उन्होंने निफ्टी के नजदीकी भविष्य को लेकर सतर्कता जताई है, लेकिन कुछ चुनिंदा स्टॉक्स में तेजी की उम्मीद भी दिखाई दी है। Sudeep Shah के मुताबिक, निफ्टी 50 का तकनीकी सेटअप फिलहाल संकोचपूर्ण है। बाजार में ऊपर की ओर रैलियां रुकावटों का सामना कर सकती हैं और ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि निफ्टी 50 लगातार चार सप्ताह से एक bearish candle बना रहा है जिसमें लंबी upper shadow है, जो दर्शाता है कि हर रैली को बिकवाली के कारण दबाया जा रहा है। इसके साथ ही निफ्टी 50 अपने 20-day, 50-day और 100-day EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो लगातार गिरावट की ओर इशारा करता है। RSI इंडिकेटर ने भी सुपर बेयरिश ज़ोन में प्रवेश कर लिया है जबकि MACD भी bearish क्षेत्र में बना हुआ है। इन सभी तकनीकी संकेतों से स्पष्ट होता है कि बिकवाली का दबाव अभी जारी रहेगा। Sudeep Shah ने निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल भी बताए हैं
उन्होंने कहा कि 24,200-24,150 का ज़ोन 200-day EMA और 38.2% Fibonacci retracement के साथ महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करता है। यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे गिरता है तो 23,750 तक नीचे जाने की संभावना बढ़ जाएगी। वहीं, ऊपर की ओर 24,570-24,600 का 100-day EMA ज़ोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुख पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस महीने FIIs ने लगभग ₹14,018 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जो बाजार में नकारात्मक भावना को दर्शाता है। FII long-short ratio भी 8.28% पर पहुंच गया है, जो बहुत कम है और यह दर्शाता है कि वे शॉर्ट पोजिशन में ज्यादा झुके हुए हैं। हालांकि, Sudeep Shah ने कहा कि इतने अधिक bearish पोजिशनिंग का मतलब यह भी हो सकता है कि बाजार अल्पकालिक रूप से oversold है और यदि कोई सकारात्मक ट्रिगर आता है तो शॉर्ट कवरिंग से तेज सुधार आ सकता है। बैंक निफ्टी की बात करें तो यह भी कमजोर बना हुआ है। पिछले सप्ताह बैंक निफ्टी ने bearish candle बनाई और 100-day EMA के आसपास ट्रेड करते हुए सपोर्ट ज़ोन 54,950-54,850 पर है। यदि यह स्तर टूटता है तो गिरावट 54,000-53,900 तक जा सकती है। ऊपर की ओर 55,700-55,800 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस होगा
Sudeep Shah ने इस नकारात्मक माहौल में कुछ स्टॉक्स को लेकर आशावादी रुख अपनाया है। उन्होंने Kajaria Ceramics और Affle 3i को बुलिश बताया है। Kajaria Ceramics ने हाल ही में एक horizontal trendline को ब्रेकआउट किया है, साथ ही वॉल्यूम भी मजबूत रहा है। यह स्टॉक सभी प्रमुख मूविंग एवरेजेज़ के ऊपर ट्रेड कर रहा है और तकनीकी संकेत बुलिश हैं। इस स्टॉक को ₹1,310-1,300 के दायरे में खरीदने की सलाह दी गई है, साथ ही ₹1,250 पर स्टॉप लॉस रखने की सलाह है। लक्ष्य ₹1,410 तक का रखा गया है। Affle 3i ने भी अपने 100-day EMA के पास मजबूत सपोर्ट पाया है और एक स्थिर आधार बना रहा है। वर्तमान में यह स्टॉक 20-day EMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है और तकनीकी संकेत सकारात्मक हैं। इसे ₹1,970-1,950 के दायरे में खरीदने की सलाह दी गई है, स्टॉप लॉस ₹1,880 पर रखा गया है, और लक्ष्य ₹2,150 तय किया गया है। इसके अलावा, Cummins India और Global Health भी मजबूत बुलिश ट्रेंड में बने हुए हैं
इनके वीकली चार्ट पर अच्छी खरीदारी दिखाई दे रही है और ये प्रमुख मूविंग एवरेजेज़ के ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। तकनीकी संकेत भी लगातार खरीदारी की पुष्टि कर रहे हैं, जिससे इन स्टॉक्स में आगे भी तेजी की संभावना बनी हुई है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स की बात करें तो Sudeep Shah ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कीमतों का पैटर्न फ्लैग फॉर्मेशन नहीं है क्योंकि यह इंडेक्स पिछले 59 ट्रेडिंग सत्रों से व्यापक रेंज में कंसॉलिडेट हो रहा है। हालांकि, निफ्टी ऑटो ने कमजोर बाजार में भी बेहतर प्रदर्शन किया है और 100-day तथा 200-day EMA के ऊपर बना हुआ है। यदि यह 24,000 के स्तर को पार करता है तो तेज रैली हो सकती है। कुल मिलाकर बाजार के लिए Sudeep Shah का संदेश साफ है कि फिलहाल बाजार में गिरावट का दबाव है और रैलियों को मजबूती से रेजिस्टेंस मिलेगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और तकनीकी संकेत बाजार में सावधानी बरतने को कहते हैं। फिर भी, कुछ चुनिंदा स्टॉक्स में तेजी के संकेत हैं, जहां निवेशकों को अवसर मिल सकता है। बाजार की दिशा के लिए अब यह देखने वाली बात होगी कि क्या कोई सकारात्मक ट्रिगर बाजार को शॉर्ट कवरिंग और तेज उछाल की ओर ले जा पाएगा या नहीं