शुक्रवार, 22 अगस्त को बाजार में तेजी का सिलसिला टूट गया और निवेशकों ने मुनाफा बुकिंग के चलते मजबूती से बिकवाली की। निफ्टी 50 ने महत्वपूर्ण समर्थन स्तर 25,000 को खो दिया, जबकि सेंसेक्स में 700 अंक से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बीच, निवेशक अगली बड़ी चाल के लिए Jackson Hole symposium में आने वाले ब्याज दरों के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। सेसेंक्स शुक्रवार को 693.86 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,306.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 213.65 अंक यानी 0.85 प्रतिशत नीचे आकर 24,870.10 पर बंद हुआ। कुल मिलाकर, 1693 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 2208 शेयर गिरावट में और 143 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए। सेक्टोरल स्तर पर भी अधिकांश NSE इंडेक्स लाल निशान पर समाप्त हुए। Nifty Auto में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं Nifty IT और Nifty Metal ने क्रमशः 0.9 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत की कमजोरी दिखाई। FMCG, PSU Bank, Realty, Energy और Infra सेक्टर्स ने भी 1.1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की। इसके विपरीत, Nifty Pharma 0.38 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ और Nifty Media सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1.03 प्रतिशत उछला। बाजार के व्यापक हिस्से ने निफ्टी 50 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया
Nifty Midcap 100 केवल 0.2 प्रतिशत गिरा, जबकि Nifty Smallcap 100 में 0.3 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। हालांकि, वर्ष 2023 की शुरुआत से अब तक की तुलना में, बड़े कैप्स में 5.2 प्रतिशत की बढ़त है, जबकि मिडकैप्स में 0.7 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी और स्मॉलकैप्स में 4.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। Geojit Investments के Chief Investment Strategist VK Vijayakumar ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के टैरिफ के कारण बाजार के सामने कुछ गंभीर चुनौतियां हैं, जो पिछले छह दिनों की तेजी को रोक सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अगस्त में 25 प्रतिशत का टैरिफ लागू होता है, तो भारत की आर्थिक वृद्धि पर इसका प्रभाव पहले से अनुमानित 20-30 बेसिस पॉइंट्स से कहीं अधिक होगा। ऐसे में बाजार को इस नकारात्मक प्रभाव को पहले से समायोजित करना होगा। तकनीकी विश्लेषक Vaishali Parekh, जो PL Capital में Vice President – Technical Research हैं, ने बताया कि निफ्टी 50 के लिए 24,850 का स्तर 50EMA के रूप में मजबूत नजदीकी समर्थन के तौर पर काम करेगा। वहीं, ऊपर की ओर 25,250-25,300 के क्षेत्र को पार करना आवश्यक होगा ताकि बाजार में स्थिरता और मजबूती बनी रहे और आगे की तेजी के संकेत मिले। वास्तव में, शुक्रवार को बाजार की कमजोरी ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है। पिछले छह सत्रों में लगातार तेजी के बाद यह गिरावट संकेत देती है कि निवेशक लाभ सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। Jackson Hole symposium से मिलने वाले संकेतों को बाजार अगली बड़ी चाल के लिए निर्णायक मान रहा है
इस दौरान, निफ्टी 50 की गिरावट ने बड़े कैप स्टॉक्स की कमजोरी को दर्शाया, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप में मामूली गिरावट ने व्यापक बाजार की स्थिति को दर्शाया। इसके बावजूद, बड़े कैप्स की साल-दर-साल बढ़त बेहतर निवेश आकर्षण को दर्शाती है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में यदि निफ्टी 50 25,250-25,300 के स्तर को पार कर लेता है, तो यह तेजी की पुष्टि होगी। वहीं, 24,850 के स्तर से नीचे गिरावट से बाजार में और कमजोरी आ सकती है। साप्ताहिक कारोबार के अंतिम दिन निवेशकों की बेचैनी और मुनाफा बुकिंग ने बाजार को निगेटिव मोड में धकेल दिया। इस गिरावट के बावजूद, वर्ष 2023 में बड़े कैप्स की बढ़त ने निवेशकों को उम्मीद दी है कि बाजार में दीर्घकालिक सुधार जारी रह सकता है। फिर भी, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, खासकर अमेरिकी ब्याज दरों और व्यापार नीतियों के प्रभाव से बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है। निवेशकों के लिए जरूरी होगा कि वे तकनीकी स्तरों पर नजर रखें और आने वाले आर्थिक संकेतों के मुताबिक ही अपने निवेश निर्णय लें। इस प्रकार, 22 अगस्त का दिन बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट रहा, जहां छह दिनों की लगातार तेजी के बाद बाजार ने ठहराव लिया और निवेशकों ने सतर्कता दिखाई। अब सबकी निगाहें Jackson Hole symposium पर टिकी हैं, जो अगले कदम के लिए दिशा तय करेगा