Maruti Suzuki ने इस साल की शुरुआत से अपने शेयरों में 16 प्रतिशत से अधिक की मजबूती दर्ज की है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और वैश्विक बाजारों में उसके प्रदर्शन को दर्शाता है। जून तिमाही में Maruti Suzuki ने अपने प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए विदेशी बिक्री में 37.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जबकि बाकी इंडस्ट्री में 2.1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। यह कंपनी अब भारत के कुल पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट का लगभग आधा, यानी 47 प्रतिशत हिस्सा संभालती है। Maruti Suzuki के प्रबंधन ने अपनी इस सफलता का श्रेय लंबे समय से की गई वैश्विक नेटवर्किंग और घरेलू बिक्री तथा सेवा रणनीतियों को विदेशी बाजारों के अनुरूप ढालने को दिया है। कंपनी के अधिकारियों ने पोस्ट-अर्निंग कॉल में बताया कि यह बढ़त पिछले दशक में धीरे-धीरे हासिल की गई है। बेहतर डीलरशिप नेटवर्क, विस्तृत उत्पाद पोर्टफोलियो और ग्राहक सहभागिता की बेहतर नीतियों ने इस विकास में अहम भूमिका निभाई है। एक बड़ा सहायक तत्व Suzuki के वैश्विक डिस्ट्रिब्यूटर नेटवर्क तक पहुंच को माना जा रहा है, जिसने Maruti के विस्तार को लगभग 100 देशों तक पहुंचाने में मदद की है। जून तिमाही में जापान Maruti Suzuki का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बन गया है, जो कई पारंपरिक बाजारों से आगे निकल गया। कंपनी का मानना है कि जैसे ही वह इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का वैश्विक स्तर पर निर्यात शुरू करेगी, खासकर यूरोप और जापान में, तो इससे और वृद्धि की उम्मीद है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो जून तिमाही में Maruti Suzuki का नेट प्रॉफिट 3,712 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 2 प्रतिशत अधिक है
इस दौरान कंपनी की कुल आय 38,414 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष के 35,531 करोड़ रुपये से 8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की गैर-परिचालन आय यानी अन्य आय लगभग दोगुनी हो गई है। Maruti Suzuki के जून तिमाही के नतीजे ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों से भी बेहतर रहे हैं। सात प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों के सर्वे के अनुसार, कंपनी की राजस्व अनुमानित 36,570 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 3,181 करोड़ रुपये था। इसी तरह, कंपनी की EBITA (ईबिटडा) जून तिमाही में 11 प्रतिशत गिरकर 3,995 करोड़ रुपये पर आ गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 4,502 करोड़ रुपये थी। परिचालन मार्जिन भी 12.67 प्रतिशत से घटकर 10.40 प्रतिशत हो गया है। इन आंकड़ों के बावजूद, Maruti Suzuki की मजबूत विदेशी बिक्री और वैश्विक विस्तार की रणनीति ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है, जिससे कंपनी के शेयरों में इस साल शानदार उछाल देखने को मिली है। कंपनी की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता को उसके दीर्घकालीन निवेशों और निरंतर नवाचार का परिणाम माना जा रहा है। Maruti Suzuki की रणनीति में जापान जैसे नए बाजारों पर फोकस, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के वैश्विक निर्यात की योजना, कंपनी के भविष्य को और भी उज्जवल बनाती दिख रही है। वैश्विक ऑटोमोबाइल मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Maruti Suzuki ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जो आने वाले वर्षों में कंपनी के लिए और अधिक अवसरों के द्वार खोल सकती है
कंपनी की इस तेजी से बढ़ती विदेशी बिक्री और मजबूत वित्तीय परिणामों ने बाजार में Maruti Suzuki के प्रति विश्वास को बढ़ाया है, और यह संकेत देता है कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में Maruti Suzuki की अग्रणी भूमिका आने वाले समय में और भी मजबूत होगी