Mahendra Realtors & Infrastructure Limited ने NSE SME पर 20 अगस्त 2025 को अपनी लिस्टिंग की शुरुआत की, लेकिन यह शुरुआत कंपनी और निवेशकों दोनों के लिए निराशाजनक साबित हुई। IPO की बुक बिल्डिंग प्रक्रिया 12 से 14 अगस्त के बीच पूरी हुई थी, जिसमें कंपनी को 25.15 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। खास बात यह थी कि QIB ने 43.57 गुना, NII ने 27.02 गुना और व्यक्तिगत निवेशकों ने 25.59 गुना सब्सक्रिप्शन किया था, जो निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दर्शाता है। लेकिन इसके बावजूद, Mahendra Realtors के शेयरों ने पहली ट्रेडिंग दिन में ही 20% की भारी गिरावट के साथ ₹68 पर ओपन किया और बाद में ₹64.60 तक नीचे आ गया, जिससे निवेशकों को कुल मिलाकर लगभग 24% का नुकसान हुआ। IPO की कीमत ₹85 प्रति शेयर थी, जिसमें न्यूनतम निवेश ₹2,72,000 यानी 3,200 शेयरों का था। इतनी मजबूत सब्सक्रिप्शन के बाद भी पहली दिन की ट्रेडिंग पर इस तरह की गिरावट ने बाजार में इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज सेक्टर के प्रति निवेशकों की अनिश्चितता को स्पष्ट कर दिया। बाजार विशेषज्ञ इसे इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और संभावित जोखिमों की वजह से निवेशकों की सतर्कता के रूप में देख रहे हैं। Mahendra Realtors की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो कंपनी ने FY25 में ₹128.69 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो FY24 के ₹105.11 करोड़ से 22% अधिक था। इसी तरह, शुद्ध लाभ (PAT) भी ₹14.87 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹11.58 करोड़ की तुलना में 28% की बढ़ोतरी दर्शाता है। कंपनी की ROE 23.43% और ROCE 30.56% जैसी मजबूत वित्तीय मेट्रिक्स भी इसकी क्षमता को दर्शाती हैं
कंपनी का debt-to-equity ratio मात्र 0.22 है, जो इसकी वित्तीय स्थिरता का संकेत देता है। EBITDA मार्जिन 17.55% और PAT मार्जिन 11.91% भी इसे लाभप्रदता की ओर इंगित करते हैं। कंपनी का व्यापार मॉडल मुख्य रूप से सरकारी और PSU कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर है। Mahendra Realtors ने IIT Bombay, Airport Authority of India समेत कई प्रतिष्ठित ग्राहकों के लिए 200 से अधिक प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। यह विशेषज्ञता और अनुभव कंपनी के मजबूत पक्ष हैं। साथ ही, कंपनी के पास स्ट्रक्चरल रिपेयर, वाटरप्रूफिंग, कॉर्पोरेट इंटीरियर्स, BOT प्रोजेक्ट्स, मेंटेनेंस, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर रेस्टोरेशन जैसे विभिन्न सर्विसेज का पोर्टफोलियो है, जो इसे बाजार में विविधता प्रदान करता है। हालांकि, IPO की खराब शुरुआत ने यह भी दर्शाया कि निवेशक अभी भी इस सेक्टर की चुनौतियों को लेकर सतर्क हैं। मुख्य चुनौतियों में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर अत्यधिक निर्भरता, जो भुगतान में देरी और नीति परिवर्तनों के जोखिम को बढ़ाती है, शामिल है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्धा, प्राइसिंग प्रेशर और मार्जिन पर दबाव कंपनी की मुनाफाखोरी को प्रभावित कर सकते हैं। Mahendra Realtors के प्रोजेक्ट्स ज्यादातर कुछ सीमित राज्यों में केंद्रित हैं, जिससे भौगोलिक विविधता की कमी हो सकती है और क्षेत्रीय आर्थिक जोखिम बढ़ सकते हैं
IPO से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी ने ₹30.40 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया है, जिससे प्रोजेक्ट्स के निष्पादन और संचालन में मदद मिलेगी। बाकी की राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और इश्यू व्यय में खर्च की जाएगी। कुल मिलाकर, Mahendra Realtors & Infrastructure Limited ने वित्तीय रूप से स्थिर और विकासशील बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किया है, लेकिन इसकी पहली दिन की ट्रेडिंग में आई गिरावट ने निवेशकों की इस क्षेत्र में चिंता को उजागर किया है। कंपनी के लिए अब यह आवश्यक है कि वह अपने ऑपरेशनल प्रदर्शन को बेहतर बनाए, निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए ठोस रणनीतियाँ अपनाए और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करे ताकि भविष्य में सुधार की संभावनाएं बढ़ सकें