L&T ने जीता ₹1,500 करोड़ का मिडिल ईस्ट का अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर, Hydrocarbon Offshore बिजनेस में बढ़ी ताकत भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) ने अपने Hydrocarbon Offshore बिजनेस के लिए एक बेहद अहम और भारी ऑर्डर हासिल किया है। इस बार L&T को मिडिल ईस्ट के एक क्लाइंट से ₹1,500 करोड़ से अधिक का ऑर्डर मिला है, जो कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह ऑर्डर कई ऑफशोर पैकेजों को कवर करता है, जिसमें इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन और इंस्टॉलेशन के साथ-साथ मौजूदा सुविधाओं के अपग्रेडेशन का काम शामिल है। L&T के Hydrocarbon Offshore वर्टिकल को ऑफशोर ऑयल और गैस सेक्टर में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन, इंस्टॉलेशन एवं कमीशनिंग (EPCIC) के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। कंपनी ने इस ऑर्डर को लेकर कहा है कि यह अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर उनके काम की गति और सटीकता का प्रमाण है, जो वे दुनियाभर में जटिल परियोजनाओं को विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों के साथ समय पर पूरा करते हैं। यह ऑर्डर L&T के लिए न केवल वित्तीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कंपनी की ग्लोबल उपस्थिति और तकनीकी क्षमताओं को भी मजबूती प्रदान करता है। इस ऑर्डर के जरिए कंपनी को मिडिल ईस्ट जैसे स्ट्रैटेजिक मार्केट में अपने पद को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा, जो भविष्य में और भी बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए दरवाजे खोल सकता है। L&T जल्द ही Q1 FY26 के नतीजे भी जारी करेगा, जो कि 29 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद घोषित किए जाएंगे। विशेषज्ञों की मानें तो कंपनी के लिए यह तिमाही डबल डिजिट ग्रोथ दिखा सकती है, खासकर बेहतर प्रोजेक्ट एक्सेक्यूशन की वजह से। हालांकि, Q4 FY25 की ऊंची बेसलाइन की वजह से कुछ हद तक सीक्वेंशियल गिरावट देखने को मिल सकती है
शेयर बाजार में L&T के शेयर इस वक्त ₹3,453.60 पर ट्रेड कर रहे हैं, जो NSE पर 0.92% की तेजी के साथ खुले हैं। पिछले एक महीने में L&T के शेयर लगभग 6% गिर चुके हैं, जबकि वर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक कुल मिलाकर लगभग 5.8% की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹4.75 लाख करोड़ के आसपास है, जो भारतीय बाजार में इसकी मजबूती को दर्शाता है। पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो L&T ने Q4 FY25 में 25% की बढ़ोतरी के साथ ₹5,497 करोड़ का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹4,396 करोड़ था। रेवेन्यू की बात करें तो Q4 FY25 में यह ₹74,392 करोड़ था, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹67,078 करोड़ से 11% अधिक था। L&T की EBITDA भी Q4 में 13.4% बढ़कर ₹8,202 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹7,234 करोड़ थी। कंपनी की EBITDA मार्जिन भी 11% पर थी, जो पिछले साल की 10.8% से थोड़ी बेहतर रही। इस वित्त वर्ष में कंपनी ने कुल ₹3,56,631 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18% अधिक हैं। केवल Q4 FY25 में ही कंपनी ने ₹89,613 करोड़ के ऑर्डर प्राप्त किए, जो 24% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्शाता है
इनमें से 70% यानी ₹62,739 करोड़ के ऑर्डर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले हैं। L&T ने अपने आर्थिक परिदृश्य के बारे में कहा है कि कंपनी इस वक्त अपने बड़े ऑर्डर बुक की समय पर पूर्ति, लिक्विडिटी की सुरक्षा और पूंजी व संसाधनों के बेहतर उपयोग पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही वह सतर्क लेकिन आशावादी नजरिए के साथ नए अवसरों को तलाशती रहेगी। कंपनी का लक्ष्य अपने शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देना जारी रखना है। L&T के लिए यह ऑर्डर और Q1 के नतीजे दोनों ही भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं। Hydrocarbon Offshore सेक्टर में मिली यह बड़ी सफलता और लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन कंपनी की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है। निवेशकों के लिए भी यह वक्त काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी के प्रदर्शन से भारतीय और वैश्विक बाजारों में इसकी छवि और प्रतिष्ठा और मजबूत होती नजर आ रही है