सोने की कीमतों में सोमवार, 25 अगस्त 2025 को मामूली गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद आज सोने की कीमतों में छोटे-छोटे सुधार हुए हैं, लेकिन इस गिरावट के बावजूद Gold अभी भी भारतीय निवेशकों और परिवारों के लिए एक भरोसेमंद और स्थिर निवेश विकल्प बना हुआ है। 24K gold की कीमत ₹11 की गिरावट के साथ ₹10,151 प्रति ग्राम पर आ गई है। इसी तरह, 22K gold ₹10 कम होकर ₹9,305 प्रति ग्राम और 18K gold ₹7.40 की कमी के साथ ₹7,614 प्रति ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। ये मामूली corrections बाजार की अस्थिरता और तकनीकी समायोजन को दर्शाते हैं, लेकिन कुल मिलाकर Gold की मांग और निवेशकों की भावना मजबूत बनी हुई है। देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में आई यह गिरावट सुबह 10:40 बजे के आसपास दर्ज की गई। Mumbai, Chennai, Bangalore, Hyderabad और Kerala में 24K gold की कीमत ₹10,151 प्रति ग्राम, 22K gold ₹9,305 प्रति ग्राम और 18K gold लगभग ₹7,614 प्रति ग्राम रही। वहीं दिल्ली में 24K gold की कीमत थोड़ा अधिक ₹10,166 प्रति ग्राम, 22K ₹9,320 प्रति ग्राम और 18K ₹7,626 प्रति ग्राम पर रही, जो राजधानी में सोने की मांग और सप्लाई के अंतर को दिखाती है। पिछले कुछ दिनों के Gold price movements पर नजर डालें तो 24 अगस्त को 24K gold ₹10,162, 22K ₹9,315 और 18K ₹7,621.40 प्रति ग्राम पर था। 23 अगस्त को 24K gold ₹10,075 पर गिरा था, जबकि 22K ₹9,230 और 18K ₹7,552 पर ट्रेड हुआ था
22 अगस्त को 24K gold ₹10,053, 22K ₹9,215 और 18K ₹7,540 पर था। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव तो हो रहे हैं, परन्तु कुल मिलाकर कीमतें स्थिरता के करीब बनी हुई हैं। Gold की यह कीमतों में मामूली गिरावट वित्तीय बाजार की सामान्य लहर का हिस्सा है। विश्लेषकों का मानना है कि सोना Inflation और बाजार की अस्थिरता से बचाव का एक मजबूत माध्यम है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, नीतिगत बदलावों और मुद्रास्फीति के दबावों के बीच सोने की भूमिका निवेशकों के पोर्टफोलियो में अत्यंत महत्वपूर्ण बनी हुई है। आने वाले महीनों में जैसे-जैसे ग्रामीण और त्योहारों की मांग बढ़ेगी, घरेलू बाजारों में Gold की खपत में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह मांग सोने को भारतीय निवेशकों के लिए धन संरक्षित करने और वित्तीय सुरक्षा का एक स्तंभ बनाए रखेगी। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि Gold का यह छोटा-मोटा correction अस्थायी है और इसका लंबी अवधि की निवेश योजना पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस समय Gold निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प के रूप में बना हुआ है, जो न केवल आर्थिक उतार-चढ़ाव के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है बल्कि निरंतर मूल्यवृद्धि का भी संकेत देता है। निवेशक अपने पोर्टफोलियो में Gold को शामिल कर भविष्य की अनिश्चितताओं से बचाव कर सकते हैं
इस प्रकार, 25 अगस्त को Gold prices में आई यह गिरावट निवेशकों के उत्साह को प्रभावित नहीं कर पाई है। भारत में Gold की मांग और निवेश की दीवानगी बरकरार है, जो आने वाले समय में भी इस धातु को आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि का प्रमुख साधन बनाए रखेगी