GST Rationalisation और US Tariff Deadline के बीच Nifty में छलांग, जानिए अगली सप्ताह क्या रहने वाला है बाजार का रुख? भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सप्ताह लगभग 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की है, जो GST rationalisation को लेकर निवेशकों में बढ़ती उम्मीदों का परिणाम माना जा रहा है। 22 अगस्त को समाप्त सप्ताह में Nifty 50 ने 239 अंक (0.97 प्रतिशत) की मजबूती दिखाते हुए 24,870 के स्तर को छुआ, वहीं BSE Sensex ने 709 अंक (0.88 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 81,307 का आंकड़ा पार किया। इस दौरान Nifty Midcap और Smallcap 100 सूचकांक ने भी 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दिखाई, जो बाजार की व्यापक मजबूती का संकेत है। हालांकि शुक्रवार को हुई थोड़ी सी गिरावट और प्रॉफिट बुकिंग ने सप्ताह की पूरी तेजी को कुछ हद तक सीमित कर दिया, जिससे बाजार में थोड़ी सतर्कता भी देखी गई। आने वाले सप्ताह (25 अगस्त से शुरू) में बाजार की चाल को लेकर विशेषज्ञों ने मिश्रित रुख अपनाया है। Wall Street की शुक्रवार को हुई तेजी और Federal Reserve के चेयरमैन Jerome Powell द्वारा September की नीति बैठक में संभावित rate cut के संकेत से सोमवार को बाजार सकारात्मक प्रतिक्रिया दे सकता है, लेकिन पूरे सप्ताह में बाजार में rangebound ट्रेडिंग रहने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों की नजरें भारत और अमेरिका की GDP रिपोर्ट पर होंगी, साथ ही US द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ की आखिरी तारीख पर भी विशेष ध्यान रहेगा। अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 1 अगस्त से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है, और अब 27 अगस्त से इस अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को लागू करने की अंतिम तारीख नजदीक है। इस टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका के बीच जारी वार्ता अभी भी जारी है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने अगस्त 25-29 के दौरान भारत की यात्रा भी रद्द कर दी है, जिससे टैरिफ की तारीख बढ़ाने या दर कम करने की संभावना कम दिख रही है। भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने इसे लेकर कहा है कि बातचीत जारी है, लेकिन किसान और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा जरूरी है, जो कुछ ‘रेड लाइन’ हैं
वैश्विक स्तर पर रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी शांति वार्ता में भी गतिरोध बना हुआ है। रूस ने हाल ही में पश्चिमी यूक्रेन पर सबसे बड़े हवाई हमले किए हैं, वहीं यूक्रेनी बलों ने रूस के डोनबास क्षेत्र के पास एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया। यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskiy ने कहा है कि रूस शांति वार्ता के लिए जरूरी बैठक को रोकने की कोशिश कर रहा है, जबकि रूस के विदेश मंत्री ने बैठक के एजेंडा को तैयार न होने की बात कही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने रूस पर दो हफ्ते के भीतर शांति समझौता न करने पर “massive sanctions” की चेतावनी दी है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर भी आगामी सप्ताह में बाजार की नजर रहेगी। 28 अगस्त को जून तिमाही के लिए अमेरिकी GDP की दूसरी तिमाही के आंकड़े, Core PCE प्राइस इंडेक्स और रियल कंज्यूमर स्पेंडिंग जारी होगी। साथ ही नए होम सेल्स, ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर, पर्सनल इनकम और खर्च जैसे डेटा भी महत्वपूर्ण होंगे, जो Federal Reserve के सितंबर के ब्याज दर निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं। वर्तमान में अमेरिकी अर्थव्यवस्था दूसरी तिमाही में 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर चुकी है, जो पहली तिमाही में 0.5 प्रतिशत की गिरावट के बाद उम्मीदों से बेहतर है। यूरोजोन और जापान के आर्थिक आंकड़ों पर भी नजर रहेगी। भारत में भी Q1FY26 के GDP आंकड़ों की बड़ी भूमिका होगी, जो 29 अगस्त को जारी होंगे
RBI के अनुमान के अनुसार इस तिमाही में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि संभव है, जो पिछले तिमाही के 7.4 प्रतिशत से कम है। SBI रिसर्च ने 6.8 से 7 प्रतिशत के बीच विकास दर का अनुमान जताया है। इसी दिन जुलाई महीने के वित्तीय घाटे, विदेशी मुद्रा भंडार, बैंक कर्ज और जमा की वृद्धि के आंकड़े भी सामने आएंगे। जुलाई का औद्योगिक उत्पादन डेटा भी 28 अगस्त को जारी होगा, जिसने जून में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई थी, जो पिछले 10 महीनों में सबसे कम है। FII (Foreign Institutional Investors) की गतिविधि भी बाजार के लिए अहम रहेगी। पिछले सप्ताह एफआईआई ने लगभग ₹1,560 करोड़ की शुद्ध बिक्री की, हालांकि यह आउटफ्लो पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में कम था। विशेषज्ञों का मानना है कि एफपीआई तब तक शीघ्र खरीदारी नहीं करेंगे जब तक अमेरिकी ब्याज दरों में कमी, टैरिफ जोखिम में कमी, रुपये का स्थिर होना और कंपनियों के आय में सुधार नहीं होता। वहीं, DIIs (Domestic Institutional Investors) ने लगातार खरीदारी जारी रखी है और इस महीने अब तक ₹66,184 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की है, जो पिछले महीने के ₹60,939 करोड़ से अधिक है। रुपये ने आठ सप्ताह बाद मजबूती दिखाई है और डॉलर के मुकाबले 0.21 प्रतिशत बढ़कर 87.3 के स्तर पर पहुंच गया है। आईपीओ मार्केट भी अगले सप्ताह काफी सक्रिय रहेगा
कुल 10 आईपीओ लगभग ₹1,240 करोड़ के लिए सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे, जिनमें Vikran Engineering और Anlon Healthcare के आईपीओ मुख्य बोर्ड पर 26 अगस्त को खुलेंगे। SME सेक्टर में भी NIS Management, Globtier Infotech, Sattva Engineering Construction, Current Infraprojects समेत कई कंपनियां निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगी। साथ ही पिछले सप्ताह खुले आईपीओ जैसे ARC Insulation & Insulators, Classic Electrodes, Shivashrit Foods, और Anondita Medicare अगले सप्ताह बंद होंगे। इसके अलावा, Patel Retail, Vikram Solar, Gem Aromatics जैसी कंपनियां भी ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगी। तकनीकी रूप से Nifty 50 ने शुक्रवार को कमजोरी दिखाई और एक बड़ी bearish candle बनाई, लेकिन 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बना रहना सकारात्मक संकेत है। यदि निफ्टी 24,700 के स्तर का समर्थन नहीं कर पाया तो कमजोरी और बढ़ सकती है, लेकिन 25,000 और 25,150 के स्तर पर रेजिस्टेंस भी मजबूत हैं। F&O डेटा के अनुसार निफ्टी 24,500 से 25,500 के बीच रहने की संभावना है। India VIX में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिससे बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। आने वाले सप्ताह बाजार कई तरह के महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रम से प्रभावित होगा। GST सुधारों के प्रति बढ़ती उम्मीदें, अमेरिकी टैरिफ की अंतिम तारीख, और अमेरिका व भारत दोनों देशों के GDP आंकड़े निवेशकों के मनोबल को तय करेंगे
ऐसे माहौल में सतर्कता के साथ निवेश करना और बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा