ITC Ltd जल्द ही अपने Q1FY26 के नतीजे 1 अगस्त 2025 को जारी करने वाला है, और इस बार कंपनी के प्रदर्शन पर बाजार की नजरें टिकी हैं। FMCG से लेकर cigarettes तक के विविध व्यवसायों में सक्रिय ITC इस तिमाही में सबसे अधिक राजस्व दर्ज करने वाली कंपनियों में शामिल हो सकती है। आठ प्रमुख ब्रोकरेज हाउसेस के सर्वे के अनुसार, ITC का राजस्व इस तिमाही में लगभग Rs 17,718 करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के इसी अवधि में दर्ज Rs 17,000 करोड़ से 4.2 प्रतिशत अधिक होगा। निवेशकों के लिए सबसे अहम बात है कि ITC का net profit भी बढ़ने की संभावना है। इस तिमाही में कंपनी का net profit लगभग Rs 5,000 करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी है। हालांकि, विश्लेषकों के बीच net profit के आंकड़ों को लेकर मतभेद भी हैं। कुछ सबसे आशावादी विश्लेषक ITC के net profit में 4.8 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह 1.6 प्रतिशत तक गिर सकता है। इसलिए, इस तिमाही के नतीजों से स्टॉक में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ITC के कारोबार के विभिन्न खंडों में इस तिमाही के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाए तो cigarettes segment में मात्रा में 3 से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। BNP Paribas के अनुसार, cigarette business की net revenue में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसमें 3 प्रतिशत वृद्धि मात्राद्वारा और बाकी मूल्य निर्धारण और मिश्रण के कारण आएगी
हालांकि, leaf tobacco के महंगे होने के कारण cigarettes के EBIT margins पर दबाव बना रहेगा, जिससे लगभग 4 प्रतिशत की EBIT वृद्धि होने की संभावना है। जापान की ब्रोकरेज Nomura के अनुसार, यह दबाव cigarettes के मुनाफे पर असर डाल सकता है। FMCG segment में Kotak Institutional Equities का अनुमान है कि इस तिमाही में राजस्व में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो पिछले वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के 4 प्रतिशत और 3.7 प्रतिशत से बेहतर है। कृषि व्यवसाय (Agri Business) में भी अच्छी प्रगति देखने को मिल सकती है, जहां 10 प्रतिशत तक की सालाना वृद्धि की उम्मीद है। वहीं, कागज और बोर्ड (Paperboards) सेक्टर में चुनौतियां बनी रहेंगी, जिसमें घरेलू और निर्यात मांग कमजोर रहने, कम नेट रियलाइजेशन और सस्ते चीनी उत्पादों की बढ़ती उपलब्धता के कारण केवल 6 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की संभावना है। इस खंड का EBIT margin लगभग 10 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाहियों से थोड़ा बेहतर है। Margins पर नजर डालें तो Motilal Oswal का मानना है कि cigarettes का EBIT लगभग 5 प्रतिशत बढ़ेगा, लेकिन बढ़ती leaf tobacco की कीमतों के कारण margins में लगभग 40 bps की कमी आ सकती है। FMCG व्यवसाय में EBIT लगभग 16 प्रतिशत घट सकता है, और इसके साथ ही 170 bps की margin contraction भी देखने को मिल सकती है क्योंकि मूल्य वृद्धि कच्चे माल की महंगाई के मुकाबले धीमी रह सकती है। विश्लेषकों की नजरें इस बात पर भी टिकी हैं कि इस तिमाही में मेट्रो क्षेत्रों की माँग ग्रामीण इलाकों के मुकाबले कैसी रहेगी। साथ ही, बाजार में प्रतिस्पर्धा की तीव्रता भी कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है
Q1FY26 के नतीजों से पता चलेगा कि ITC ने महंगे कच्चे माल, मांग में उतार-चढ़ाव और प्रतिस्पर्धा के बीच अपना संतुलन कैसे बनाया है। ITC Ltd की Q1FY26 earnings रिपोर्ट बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी, जो FMCG और cigarette दोनों क्षेत्रों में कंपनी के भविष्य के विकास मार्ग को दर्शाएगी। निवेशक इस रिपोर्ट से आने वाले संकेतों पर ध्यान देंगे क्योंकि यह उनके निवेश निर्णयों को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर, ITC के तिमाही परिणामों में किसी भी सकारात्मक या नकारात्मक झटके से स्टॉक की कीमतों में अप्रत्याशित बदलाव संभव है, इसलिए बाजार में सतर्कता बरतना आवश्यक होगा