भारतीय स्टॉक मार्केट और Mutual Fund इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में जबरदस्त ग्रोथ की तरफ बढ़ रही है। HDFC Mutual Fund के MD & CEO Navneet Munot ने हाल ही में इस बात को जोरशोर से कहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय Mutual Fund इंडस्ट्री की ताकत कई कारणों से बढ़ रही है, जिनमें प्रमुख हैं – अभी तक कम पैठ (under penetration), पारदर्शिता (transparency), तकनीक (technology) और निवेशकों का भरोसा (trust)। Munot ने एक कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट किया कि “बहुत बार मुझसे पूछा जाता है कि यह पार्टी कब खत्म होगी? मैं हमेशा कहता हूँ कि पार्टी तो अभी शुरू हुई है। ” Navneet Munot ने कहा कि भारतीय Mutual Fund प्रोडक्ट दुनिया में सबसे ज्यादा पारदर्शी प्रोडक्ट्स में से एक है। यह पारदर्शिता निवेशकों को एक मजबूत आधार देती है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि टेक्नोलॉजी के मामले में भारतीय बाजार वैश्विक बाजारों से आगे है। भारतीय Mutual Fund इंडस्ट्री ने न केवल पारदर्शिता के स्तर को बढ़ाया है, बल्कि निवेशकों के लिए टेक्नोलॉजी की मदद से सुविधाएं भी बेहतर की हैं। Munot ने यह भी कहा कि Mutual Fund इंडस्ट्री में अभी भी बहुत बड़ा अवसर है, खासकर ग्रामीण और मिडल टियर शहरों में। उन्होंने वितरक (distributor) और सलाहकार (advisory) समुदाय से अपील की कि वे केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि नए निवेशकों को जोड़ने के लिए बाहर निकलें
“अपने शहरों में देखें, कई लोग अभी तक पहला चेक भी काटना शुरू नहीं किए हैं। पिछले दस सालों के डेटा को देखिए, आपको पता चलेगा कि Penetration में कितना बड़ा सुधार किया जा सकता है। ” इसके अलावा, Munot ने निवेशकों को यह भी बताया कि भारतीय आर्थिक विकास की कंपाउंडिंग ग्रोथ में हिस्सा लेना अब आसान हो गया है, यहां तक कि Rs 1,000 प्रति माह की छोटी राशि से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। यह छोटी राशि भी लंबी अवधि में बड़ा लाभ दे सकती है। Mutual Fund इंडस्ट्री ने निवेशकों के लिए शिक्षा और ट्रेनिंग पर भी खासा जोर दिया है। Munot ने ‘Mutual Funds Sahi Hain’ जैसे कैम्पेन की सफलता को बताया, जो निवेशकों के बीच जागरूकता बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। इस तरह के प्रयासों से न केवल निवेशकों को सही जानकारी मिल रही है, बल्कि उनके मन में निवेश के प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात Munot ने यह कही कि निवेशकों के भरोसे को कभी भी कमजोर नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसा कुछ भी न करें जिससे निवेशकों का भरोसा टूटे। अगर यह भरोसा बना रहेगा और मजबूत होगा, तो भविष्य बहुत मजबूत होगा
” यह विश्वास भारतीय पूंजी बाजार की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बचाए रखना हर एक खिलाड़ी की जिम्मेदारी है। Navneet Munot की बातों से यह साफ होता है कि भारतीय Mutual Fund इंडस्ट्री अभी शुरुआती दौर में है और इसमें अभी बहुत संभावनाएं छिपी हैं। तकनीक, पारदर्शिता और निवेशकों के भरोसे के साथ यह इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में तेजी से विकसित होगी। निवेशकों के लिए भी यह समय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे कम पूंजी से भी इस विकास की कहानी का हिस्सा बन सकते हैं। इस पूरे परिप्रेक्ष्य में यह कहा जा सकता है कि भारतीय Mutual Fund इंडस्ट्री का भविष्य उज्जवल है और Navneet Munot ने इस बात पर जोर देते हुए सभी को इस ग्रोथ पार्टनरशिप में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है। उनकी यह बातचीत निवेशकों और मार्केट के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि भारतीय Mutual Fund इंडस्ट्री ने एक मजबूत और पारदर्शी आधार बनाया है, जिस पर भरोसा कर निवेशक लंबी अवधि के लिए बेहतर रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं