सोमवार सुबह शुरू हुए ट्रेडिंग सत्र में HDFC Bank और ICICI Bank के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। दोनों प्राइवेट सेक्टर बैंक ने शनिवार को अपने Q1FY26 के नतीजे जारी किए, जिसके बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और शेयरों में अच्छा उछाल आया। ICICI Bank के शेयर NSE पर ₹1,460 प्रति शेयर के स्तर पर 2.4% की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि HDFC Bank के शेयर ₹1,996 के करीब लगभग 2% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। ICICI Bank का शेयर प्रदर्शन HDFC Bank की तुलना में थोड़ा बेहतर रहा, जिससे साफ पता चलता है कि निवेशकों ने ICICI Bank के नतीजों को अधिक सकारात्मक रूप में लिया। इस बीच, IT सेक्टर, कंज्यूमर सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank ने निराशाजनक प्रदर्शन किया, जिससे HDFC Bank और ICICI Bank की चमक और बढ़ गई। अब बात करते हैं कि दोनों में से कौन बेहतर रहा। Advance Growth यानी अग्रिम ऋण वृद्धि दोनों बैंकों के लिए सबसे अहम मेट्रिक रहा। ICICI Bank ने इस मामले में HDFC Bank को पीछे छोड़ दिया। ICICI Bank ने 12% YoY और 1.5% QoQ की बढ़त दर्ज की, जबकि HDFC Bank ने 8.3% YoY और 1.7% QoQ की वृद्धि दिखाई। HDFC Bank के कुल advances ₹27,42,300 करोड़ तक पहुंच गए हैं
HDFC Bank के रिटेल सेगमेंट में 8.1% YoY की ग्रोथ रही, लेकिन कॉर्पोरेट एडवांस में धीमी गति से 1.7% YoY बढ़ोतरी और QoQ में 1.3% की गिरावट देखी गई। रिटेल और कॉर्पोरेट एडवांस का अनुपात 57:43 रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 56:44 से थोड़ा बेहतर है। दूसरी ओर, ICICI Bank के रिटेल और कॉर्पोरेट एडवांस में क्रमशः 6.9% और 7.5% YoY की बढ़ोतरी हुई, हालांकि कॉर्पोरेट एडवांस में QoQ सिकुड़न देखी गई। डिपॉजिट ग्रोथ की बात करें तो HDFC Bank का प्रदर्शन जबरदस्त रहा, जिसने 16.5% YoY की वृद्धि के साथ ₹26,57,600 करोड़ डिपॉजिट्स जमा किए। ICICI Bank ने भी बढ़त दिखाई और 12.8% YoY की बढ़ोतरी के साथ ₹16,08,500 करोड़ डिपॉजिट्स पर पहुंचा। CASA Ratio में ICICI Bank ने HDFC Bank को पीछे छोड़ दिया। ICICI Bank का CASA 38.7% रहा, जबकि HDFC Bank का CASA 34% पर रहा। CASA Ratio वह मापदंड है जो बैंक की कम लागत वाली जमा राशि को दिखाता है, और इसका उच्च होना बैंक के लिए लाभकारी माना जाता है। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) के मामले में ICICI Bank ने 10.6% YoY की बढ़त दिखाई और ₹21,600 करोड़ का आंकड़ा छुआ, जबकि HDFC Bank की नेट इंटरेस्ट इनकम 5.6% YoY बढ़कर ₹31,400 करोड़ पर रही। HDFC Bank ने अपनी नॉन-इंटरेस्ट इनकम में जबरदस्त उछाल दिखाया, जिसका मुख्य कारण HDB Financial Services के पब्लिक इश्यू से ₹10,000 करोड़ की हिस्सेदारी की बिक्री रही
वहीं, ICICI Bank की नॉन-इंटरेस्ट इनकम 13% YoY बढ़कर ₹7,200 करोड़ रही। IPO से मिली राशि का इस्तेमाल HDFC Bank ने अपने floating provisions के लिए किया, जिससे बैंक की वित्तीय मजबूती बनी रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) के मामले में ICICI Bank ने 4.34% का बेहतर NIM बनाए रखा, जबकि HDFC Bank का NIM 3.4% पर आ गया, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 10 bps कम है। एसेट क्वालिटी के लिहाज से दोनों बैंकों ने स्थिरता दिखाई। HDFC Bank का GNPA 1.4% पर रहा, जो पिछले साल के 1.3% के मुकाबले थोड़ा बढ़ा है। वहीं, ICICI Bank का GNPA 1.6% से घटकर 1.6% ही बना रहा, जो पिछले साल के 2.15% से बेहतर है। NNPA (Net NPA) में भी मामूली बदलाव देखने को मिला। ICICI Bank का NNPA 0.41% पर पहुंच गया, जबकि HDFC Bank का 0.5% रहा। कुल मिलाकर, दोनों बैंकों की असेट क्वालिटी मजबूत रही और किसी भी प्रकार की वित्तीय तनाव की कोई गंभीर आशंका नहीं दिखी। प्रॉफिटेबिलिटी की बात करें तो HDFC Bank का PAT 12.2% YoY बढ़कर ₹18,100 करोड़ हो गया, जबकि ICICI Bank ने 15.5% YoY की बढ़त के साथ ₹12,700 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया
दोनों बैंकों ने कम क्रेडिट ग्रोथ के बावजूद उच्च प्रावधानों के बावजूद मजबूत मुनाफा दर्ज किया, जो उनके प्रबंधन की कुशलता को दर्शाता है। संक्षेप में कहा जाए तो ICICI Bank ने इस तिमाही में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया। उनकी उन्नत और संतुलित एडवांस ग्रोथ, उच्च CASA Ratio, बेहतर NIM और मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी ने उन्हें HDFC Bank से आगे रखा। वहीं, HDFC Bank ने भी मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ और नॉन-इंटरेस्ट इनकम के जरिए अपनी पकड़ बनी रखी है। निवेशकों के लिए यह मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है, लेकिन इस तिमाही के नतीजों ने साफ कर दिया है कि ICICI Bank ने बाज़ार में एक बार फिर अपनी मजबूती साबित की है। बाजार में इन दोनों दिग्गज बैंकों की रणनीतियों और प्रदर्शन पर नजर बनी रहेगी, क्योंकि आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों और क्रेडिट डिमांड में बदलाव उनके शेयर मूल्यों पर असर डाल सकता है। फिलहाल, Q1FY26 का रिजल्ट ICICI Bank को बेहतर रैंकिंग देता है, जिसने निवेशकों का भरोसा जीतने में कामयाबी हासिल की है