Hindustan Petroleum Corporation Ltd (HPCL) ने चालू वित्त वर्ष के पहले क्वार्टर (Q1 FY26) में अपने consolidated net profit में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का net profit ₹4,110.93 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹633.94 करोड़ था। यह लगभग 548.4% की भारी वृद्धि को दर्शाता है। इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे inventory gains और margin surge की भूमिका रही है, जबकि रिटेल फ्यूल की कीमतों को स्थिर रखने की रणनीति ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। खास बात यह है कि input oil cost में गिरावट के बावजूद HPCL ने रिटेल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। Q1 FY26 का यह मुनाफा, पिछले वित्त वर्ष FY25 के कुल मुनाफे ₹6,735.70 करोड़ का लगभग आधा है। कंपनी का टर्नओवर इस दौरान लगभग स्थिर रहा और ₹1.20 लाख करोड़ के करीब रहा, जो Q1 FY25 के ₹1.21 लाख करोड़ के करीब है। HPCL ने crude oil को पेट्रोल और डीजल जैसे फ्यूल में परिवर्तित कर प्रति बैरल $3.08 का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल Q1 FY25 में यह gross refining margin $5.03 प्रति बैरल था। मुनाफे में हुई इस वृद्धि का सबसे बड़ा कारण inventory gains हैं। इसका मतलब यह होता है कि कंपनी ने कच्चे माल को कम कीमत पर खरीदा और जब फाइनल उत्पाद बेचा तो कीमतें ज्यादा थीं, जिससे अतिरिक्त लाभ हुआ
इसके अलावा HPCL ने Indian Oil Corporation (IOC) और Bharat Petroleum Corporation Ltd (BPCL) की तरह रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाईं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम हुई थीं। HPCL के downstream petroleum business से प्राप्त profit before tax ₹6,144.10 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में इससे 576.7% ज्यादा था। यह वृद्धि तब भी हुई जब कंपनी ने ₹2,148.03 करोड़ का unpaid subsidy भी दिया। इससे साफ होता है कि कंपनी के core business में जबरदस्त मजबूती आई है। HPCL के शेयरों की बात करें तो 7 अगस्त को NSE पर ये 0.4% की हल्की बढ़त के साथ ₹403 के स्तर पर बंद हुए। दिन में शेयर ने ₹403.2 तक का intraday high भी छुआ। कंपनी की market capitalization अब ₹85,751.25 करोड़ के आसपास है। यह शेयर 5 सितंबर 2024 को अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹457.15 तक पहुंच चुका था, जबकि 3 मार्च 2025 को इसका 52 सप्ताह का निचला स्तर ₹287.55 रहा। हाल के समय में HPCL के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। पिछले पांच दिनों में शेयर लगभग 2.87% गिरा है, जबकि एक महीने में यह गिरावट 10.02% तक पहुंच गई है
हालांकि छह महीने के दौरान शेयर 17.66% की बढ़त दर्ज कर चुका है। वर्ष की शुरुआत से अब तक कंपनी के शेयर 2.27% नीचे आए हैं। यह लाभप्रद परिणाम HPCL के लिए नए वित्तीय वर्ष की मजबूत शुरुआत को दर्शाता है और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं। कंपनी की मार्जिन पर पकड़, inventory management और रिटेल कीमतों की स्थिरता ने इस मुनाफे की छलांग में अहम भूमिका निभाई है। बड़े तेल उत्पादक और रिफाइनिंग सेक्टर में HPCL की यह प्रगति देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि HPCL अपने downstream operations को सफलतापूर्वक मैनेज कर रहा है, और यह रणनीति कंपनी को आने वाले समय में और भी बेहतर वित्तीय प्रदर्शन देने में मदद कर सकती है। निवेशकों की नजरें अब कंपनी के अगले क्वार्टर के नतीजों पर टिकी हुई हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या HPCL इस गति को बनाए रख पाता है या नहीं। कुल मिलाकर, HPCL का Q1 FY26 का प्रदर्शन इंडियन ऑयल सेक्टर में एक नई मिसाल कायम करता दिख रहा है, जो भविष्य में कंपनी की वृद्धि और शेयरधारकों के लिए संभावित लाभ की उम्मीदों को मजबूत करता है