Tata Motors के शेयर पिछले एक साल में करीब 33 प्रतिशत टूट चुके हैं और मंगलवार, 8 जुलाई को कंपनी के शेयरों पर फिर से नजरें टिकी होंगी क्योंकि Jaguar Land Rover (JLR) ने वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के लिए अपना बिजनेस अपडेट जारी किया। JLR की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि जून 30, 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी की व्होलसेल यूनिट्स 87,286 रही, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 10.7 प्रतिशत और पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही (Q4 FY25) की तुलना में 21.7 प्रतिशत कम हैं। इस गिरावट का मुख्य कारण पुराने Jaguar मॉडल्स का फेज-आउट और अमेरिका में नए लगाए गए टैरिफ का प्रभाव बताया गया है। JLR ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि पहली तिमाही में MENA2 (मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका) क्षेत्र में व्होलसेल वॉल्यूम में 20.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, वहीं ओवरसीज मार्केट में 4.6 प्रतिशत और चीन में 1.0 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इसके विपरीत, नॉर्थ अमेरिका में 12.2 प्रतिशत, यूरोप में 13.6 प्रतिशत और यूके में 25.5 प्रतिशत की गिरावट आई। विशेष रूप से यूके में यह गिरावट पुराने Jaguar मॉडल्स के बंद होने के कारण सबसे अधिक रही। रिटेल सेल्स भी साल-दर-साल 15.1 प्रतिशत गिरकर 94,420 यूनिट्स पर आ गईं, जो तिमाही में आई चुनौतियों को दर्शाती है। अगर पिछले तिमाही (Q4 FY25) से तुलना करें तो व्होलसेल वॉल्यूम में 21.7 प्रतिशत और रिटेल वॉल्यूम में 12.8 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज हाउस Morgan Stanley ने Tata Motors के शेयरों के लिए ‘equal-weight’ रेटिंग जारी रखी है और लक्ष्य मूल्य Rs 715 प्रति शेयर रखा है। Morgan Stanley ने अपने विश्लेषण में कहा कि मजबूत प्रोडक्ट मिक्स कंपनी को कमजोर वॉल्यूम और अमेरिकी टैरिफ के नकारात्मक प्रभाव से लड़ने में मदद कर रहा है
कंपनी द्वारा हाल ही में की गई कीमत बढ़ोतरी और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स से टैरिफ के प्रभाव को आंशिक रूप से कम किया जा सकता है। Morgan Stanley का अनुमान है कि Jaguar Land Rover की Q1 FY26 में EBITDA और EBIT मार्जिन 11.4 प्रतिशत रहेगी, जबकि समग्र व्यवसाय का मार्जिन सालाना आधार पर 350 बेसिस पॉइंट गिरकर 10.9 प्रतिशत रह सकता है। JLR के व्यवसाय पर अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव काफी स्पष्ट है, जो कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बिक्री को प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही पुराने मॉडल्स के बंद होने से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे बिक्री में कमी आई है। परंतु, कंपनी ने नए मॉडल्स और कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए अपनी स्थिति मजबूत बनाने की कोशिश की है। कंपनी की इस रणनीति से आने वाले तिमाहियों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि MENA2 और चीन जैसे बाजारों में JLR की बिक्री में सुधार हुआ है, जो कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है। Tata Motors के शेयर बाजार में इस खबर के बाद भी निवेशकों के बीच हिचकिचाहट बनी हुई है, क्योंकि पिछले एक साल में शेयर की गिरावट ने निवेशकों का भरोसा कम किया है। Morgan Stanley की रिपोर्ट ने कुछ हद तक निवेशकों को आश्वस्त किया है, लेकिन टैरिफ और मॉडल्स बदलने की प्रक्रिया से उत्पन्न अनिश्चितताओं ने अभी भी बाजार में दबाव बनाए रखा है। निवेशक Q2 और आगे की तिमाहियों में कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखे हुए हैं, खासकर JLR के नए मॉडल्स की बिक्री और कीमतों में हुई बढ़ोतरी के प्रभाव को लेकर
Tata Motors के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। कंपनी को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बेहतर बनाकर और विदेशी बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करके आगे बढ़ना होगा। JLR के प्रदर्शन में सुधार और अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने के लिए उठाए गए कदम भविष्य में कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। कुल मिलाकर, Jaguar Land Rover के Q1 FY26 के परिणाम Tata Motors के लिए mixed संकेत दे रहे हैं। जहां कुछ बाजारों में बिक्री में वृद्धि हुई है, वहीं प्रमुख बाजारों में गिरावट ने कंपनी की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। Morgan Stanley के द्वारा जारी रेटिंग और लक्ष्य मूल्य से यह उम्मीद की जा रही है कि Tata Motors समय के साथ सुधार कर सकता है, लेकिन फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहना होगा। कंपनी की रणनीतियों और वैश्विक आर्थिक स्थितियों पर नजर बनी रहेगी, जो भविष्य में Tata Motors के शेयर की दिशा तय करेंगी