निफ्टी और सेंसेक्स में भारी गिरावट, IT और बैंकिंग शेयरों ने उड़ाए निवेशकों के होश बुधवार को जारी व्यापार सत्र में Benchmark indices NIFTY और SENSEX में जबरदस्त गिरावट देखी गई, जो मुख्य रूप से IT और बैंकिंग सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन और विदेशी निवेशकों के लगातार फंड आउटफ्लो के कारण हुई। इस दौरान SENSEX 528 अंक टूटकर 82,198 के स्तर पर आ गया, जबकि NIFTY 0.58% की गिरावट के साथ 25,073 पर बंद हुआ। इस उतार-चढ़ाव के बीच NIFTY50 की कंपनियों में Nestle India, Trent, Tech Mahindra, Shriram Finance, Reliance, Coal India, Infosys और HCL Tech सबसे बड़े नुकसान में रहीं। वहीं, Eternal, Dr Reddy’s, Tata Motors, Tata Consumer Products, Jio Financial Services और Tata Steel ने लाभ में कारोबार किया। Infosys के शेयरों में 1.39% की गिरावट दर्ज की गई, जो एक तरह से निवेशकों के लिए चिंता का विषय रही। कंपनी ने FY26 की पहली तिमाही में शानदार परिणाम पेश किए, जिसमें उसका consolidated net profit 8.68% बढ़कर ₹6,921 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के ₹6,368 करोड़ से अधिक है। हालांकि sequential basis पर post-tax profit में 1.59% की गिरावट आई है। कंपनी की revenue from operations भी 7.5% बढ़कर ₹42,279 करोड़ हुई। इसके बावजूद बाजार ने इसे नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। Infosys ने अपने वार्षिक राजस्व वृद्धि का अनुमान 1% से 3% के बीच रखा है
L&T ने भी बड़े ऑर्डर हासिल करने की खबरों के बावजूद 0.56% की गिरावट का सामना किया। L&T के Buildings and Factories व्यवसाय ने भारत और विदेशों में ₹2,500 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के बीच के बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं। इसमें Andhra Pradesh Capital Region Development Authority के लिए Andhra Pradesh State Secretariat और HoD ऑफिसों के साथ 21 residential towers का विकास शामिल है। मुंबई में residential towers के निर्माण का भी ऑर्डर मिला है। इसके अलावा, L&T Oman की B&F डिवीजन को Muscat में एक प्रीमियम ऑफिस स्पेस के निर्माण के लिए दोबारा ऑर्डर मिला है। दवा कंपनी Lupin के शेयरों में 1.53% की तेजी आई है क्योंकि उसे US FDA ने Liraglutide और Glucagon Injectable Products के लिए मंजूरी दी है। Liraglutide का उपयोग type 2 diabetes मरीजों में glycemic control सुधारने के लिए किया जाता है, जबकि Glucagon का उपयोग severe hypoglycemia के इलाज और radiologic जांच के दौरान gastrointestinal tract की अस्थायी रोकथाम के लिए किया जाता है। Nestle India के शेयरों में 5.4% की गिरावट आई है, जो कंपनी के Q1 में 13.39% की गिरावट के कारण है। कंपनी का consolidated net profit ₹646.59 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹746.6 करोड़ से कम है। हालांकि, Nestle India की revenue from operations में 5.86% की वृद्धि हुई है और यह ₹5,096.16 करोड़ पर पहुंच गई है
Indian Energy Exchange (IEX) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। IEX के शेयर 26% तक टूटकर ₹139.02 पर आ गए, क्योंकि Central Electricity Regulatory Commission (CERC) ने जनवरी 2026 से बिजली व्यापार के लिए phased market coupling लागू करने का फैसला किया है। Market coupling से बिजली के विभिन्न ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक समान कीमत स्थापित होगी, जिससे व्यापार में बदलाव की संभावना है। Zydus Lifesciences के शेयरों में 0.77% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि कंपनी को US FDA से Ibrutinib टैबलेट्स (140 mg, 280 mg, और 420 mg) की मंजूरी मिली है। यह दवा chronic lymphocytic leukaemia (CLL), small lymphocytic lymphoma (SLL) और Waldenstrom’s macroglobulinemia (WM) के इलाज में उपयोग होती है। IT सेक्टर के शेयरों में व्यापक गिरावट के बावजूद कई कंपनियों ने अपने तिमाही नतीजे बेहतर दिए हैं, पर बाजार में निरंतर विदेशी निवेशकों के निकासी के चलते दबाव बना हुआ है। NIFTY IT index में करीब 2% की गिरावट दर्ज हुई है, जिससे यह सेक्टर निवेशकों के लिए चिंताजनक बना हुआ है। बाजार की यह कमजोरी निवेशकों के मनोबल पर असर डाल रही है और आने वाले समय में भी सतर्कता बरतने की जरूरत बताई जा रही है। इस तरह के नतीजों और बाजार के उतार-चढ़ाव से पता चलता है कि वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों का असर भारतीय शेयर बाजार पर गहरा पड़ रहा है। निवेशकों को ऐसे समय में सूझ-बूझ और सतर्कता से निवेश करना चाहिए