Happy Square Outsourcing Services Limited, जो HR outsourcing और staffing सेवाओं में विशेषज्ञता रखती है, ने 10 जुलाई 2025 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर अपनी शुरुआत की। कंपनी ने 3 जुलाई से 7 जुलाई 2025 तक IPO के लिए बोली प्रक्रिया पूरी की थी और इसके बाद स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग शुरू हुई। हालांकि IPO को लेकर मांग ठीक-ठाक रही और सब्सक्रिप्शन 3.58 गुना हुआ, लेकिन शेयर की शुरुआती कीमत जारी मूल्य ₹76 के मुकाबले केवल ₹77 पर खुली, जो सिर्फ 1.32% का मामूली प्रीमियम दर्शाता है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि निवेशकों का HR outsourcing सेक्टर के भविष्य को लेकर कुछ हिचकिचाहट बरकरार है, भले ही इस क्षेत्र में आउटसोर्सिंग सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही हो। Happy Square Outsourcing की IPO में QIB से सबसे ज्यादा रुचि देखी गई, जहां सब्सक्रिप्शन 7.16 गुना था, वहीं नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों ने 2.24 गुना और व्यक्तिगत निवेशकों ने 2.12 गुना सब्सक्रिप्शन किया। इस मिश्रित प्रतिक्रिया से पता चलता है कि निवेशक विभिन्न वर्गों में इस कंपनी के संभावित वित्तीय प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग राय रखते हैं। IPO में न्यूनतम निवेश ₹2,43,200 था, जो 3,200 शेयरों के बराबर था। Happy Square Outsourcing की स्थापना 2017 में हुई थी और यह तकनीकी आधारित HR outsourcing सेवाएं प्रदान करती है, जिनमें recruitment, payroll, onboarding और flexible staffing शामिल हैं। कंपनी भारत और अमेरिका दोनों बाजारों में कार्यरत है और जुलाई 2024 तक इसके क्लाइंट लोकेशनों पर 4,225 कर्मचारी तैनात थे, जबकि कंपनी के 151 विभागीय कर्मचारी भी कार्यरत थे। FY25 में कंपनी ने ₹97.68 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो FY24 के ₹69.54 करोड़ से लगभग 40% अधिक है
नेट प्रॉफिट भी ₹5.90 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹4.39 करोड़ से 34% की वृद्धि दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी की ROE 61.97% और ROCE 57.75% रही, जो इसके मजबूत संचालन और वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। हालांकि, इन शानदार वित्तीय आंकड़ों के बावजूद, Happy Square Outsourcing के शेयर की सूचीबद्धता के दौरान निवेशकों की प्रतिक्रिया ठंडी रही। इसका एक कारण उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और इस क्षेत्र के मार्जिन की स्थिरता को लेकर बाजार में मौजूद शंका हो सकती है। विश्लेषकों ने FY24 में आय में अचानक हुई वृद्धि को लेकर सतत लाभप्रदता पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा, कंपनी का post-issue P/E अनुपात 14.93 है, जो बताता है कि शेयर का मूल्य पहले से ही पूरी तरह से समायोजित हो चुका है और इसमें अधिक बढ़त की संभावना सीमित लगती है। Happy Square Outsourcing ने IPO से प्राप्त राशि का ₹19 करोड़ का उपयोग कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं जैसे व्यवसाय संचालन, पेरोल प्रबंधन और क्लाइंट सेवा के लिए किया जाएगा। बाकी धनराशि का इस्तेमाल कंपनी अपनी रणनीतिक योजनाओं और अन्य परिचालन आवश्यकताओं में करेगी। कंपनी की moderate debt-to-equity ratio 1.17 है, जो वित्तीय स्थिरता की ओर संकेत करती है, परंतु इस क्षेत्र में तेज प्रतिस्पर्धा और कीमतों पर दबाव कंपनी के लिए चुनौती बने हुए हैं। कुल मिलाकर, Happy Square Outsourcing की NSE SME पर लिस्टिंग ने निवेशकों के बीच HR outsourcing सेक्टर के प्रति सतर्कता को उजागर किया है
जबकि कंपनी ने अपनी वित्तीय रिपोर्टों में अच्छा प्रदर्शन दिखाया है और आउटसोर्सिंग सेवाओं की मांग में वृद्धि जारी है, निवेशकों का भरोसा अभी भी इस सेक्टर की दीर्घकालिक वृद्धि और मार्जिन स्थिरता को लेकर अनिश्चित बना हुआ है। शेयर की मामूली बढ़त और IPO के दौरान मिली मध्यम प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि बाजार इस कंपनी के भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है