Nifty 50 ने अपनी दो दिन की गिरावट को रोकते हुए 21 जुलाई को लगभग आधा प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक की। हालांकि, यह इंडेक्स अभी भी अपने 10-दिन और 20-दिन के EMA के नीचे कारोबार कर रहा है, जहां lower tops-lower bottoms की संरचना जारी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब तक Nifty 25,200-25,250 के रेसिस्टेंस जोन को ऊपर से नहीं तोड़ता और उस स्तर पर स्थिर नहीं होता, तब तक मार्केट में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। इस दौरान 24,900 का मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। यदि यह सपोर्ट टूटता है, तो Nifty 24,700 तक गिर सकता है। वहीं, अगर यह रेसिस्टेंस जोन पार कर जाता है, तो 25,400 का स्तर अगला महत्वपूर्ण टारगेट होगा। Nifty ने दैनिक चार्ट पर बुलिश कैंडल बनाई है, जिसमें नीचे की छाया दिखाती है कि 25,000-24,900 के बीच सपोर्ट पर खरीदारी बनी हुई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम औसत से अधिक रहा, जो इस तेजी को मजबूती देता है। हालांकि, Nifty ने 50-दिन के EMA का सफलतापूर्वक बचाव किया, परन्तु 20-दिन के EMA के नीचे ही रहा। MACD हिस्टोग्राम में सुधार दिखा है और RSI 47.63 पर ऊपर की ओर मूव कर रहा है, परंतु अभी भी bearish crossover बना हुआ है
इसका मतलब है कि बाजार में बढ़त की संभावनाएं तो हैं, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क हैं और मजबूत ब्रेकआउट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। Bank Nifty ने भी पिछले दिन की गिरावट को पूरी तरह से वापस लेते हुए 1.2% की तेजी दिखाई। इसने दैनिक चार्ट पर बुलिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की छाया थी, जो निचले स्तरों पर खरीदारी की पुष्टि करता है। बैंकिंग इंडेक्स ने 20-दिन के EMA को पार किया और इंट्राडे में Bollinger Bands के मिडलाइन को भी टच किया। MACD और RSI दोनों में सुधार देखा गया, RSI 54.10 तक पहुंच गया जो यह संकेत देता है कि बैंकिंग सेक्टर में मजबूती के संकेत हैं और आगे तेजी की संभावना बनी हुई है। Nifty के वीकली ऑप्शन डेटा में 25,500 स्ट्राइक पर सबसे अधिक Call open interest है, जो 79.19 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स के साथ एक महत्वपूर्ण रेसिस्टेंस स्तर के रूप में उभरता है। इसके बाद 25,100 और 25,200 स्ट्राइक आते हैं। वहीं, 25,600 स्ट्राइक पर सबसे अधिक Call writing हुई है, जो बताता है कि निवेशक इस स्तर पर बाजार की तेजी पर शर्त लगा रहे हैं, लेकिन संभावित रुकावट की भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Put ऑप्शन में, 25,000 स्ट्राइक पर सबसे अधिक open interest है, जो 79.67 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स के साथ प्रमुख सपोर्ट स्तर के रूप में देखा जा रहा है। Bank Nifty के ऑप्शन डेटा में 57,000 स्ट्राइक पर अधिकतम Call open interest 16.78 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स के साथ प्रमुख रेसिस्टेंस है
इसके बाद 57,500 और 58,000 स्ट्राइक आते हैं। Put ऑप्शंस में 56,000 स्ट्राइक पर सबसे अधिक open interest (19.17 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स) है, जो बैंकिंग इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। Nifty Put-Call Ratio (PCR) में बढ़ोतरी हुई है, जो 0.96 तक पहुंच गया है, जबकि पिछली सेशन में यह 0.78 था। PCR के इस स्तर पर पहुंचने का मतलब है कि बाजार में Put ऑप्शंस की बिक्री Call ऑप्शंस की तुलना में ज्यादा हो रही है, जो बुलिश सेंटिमेंट को दर्शाता है। India VIX, जो बाजार की संभावित अस्थिरता को मापता है, 11.20 के निचले स्तर पर बना हुआ है, जो बाजार की स्थिरता का संकेत देता है, लेकिन निवेशकों को किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। ट्रेडिंग एक्टिविटी की बात करें तो 54 स्टॉक्स में Long build-up देखा गया है, जहां ओपन इंटरेस्ट और कीमत दोनों बढ़ी हैं। वहीं, 33 स्टॉक्स में Long unwinding हुआ है, जहां कीमत और ओपन इंटरेस्ट दोनों में गिरावट आई है। Short build-up 45 स्टॉक्स में हुई है, जबकि Short-covering 94 स्टॉक्स में देखी गई है, जो बाजार में खरीदारी के संकेत हैं। डिलीवरी ट्रेड्स की बात करें तो कुछ स्टॉक्स में निवेशकों की मजबूत रुचि जारी है, जिससे पता चलता है कि ये शेयर केवल ट्रेडिंग के लिए नहीं बल्कि निवेश के लिए खरीदे जा रहे हैं। F&O सेगमेंट में Bandhan Bank और RBL Bank अभी भी बैन में हैं, जबकि Angel One और Hindustan Copper को बैन से हटाया गया है
कुल मिलाकर, Nifty और Bank Nifty दोनों में अभी तकनीकी स्तर पर महत्वपूर्ण मुकाबला चल रहा है। 25,200 और 57,000 के स्तर को पार करना अगले कुछ दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा। निवेशकों के लिए इस समय सतर्क रहना और तकनीकी संकेतों पर नजर बनाए रखना आवश्यक है। — यह रिपोर्ट केवल बाजार की तकनीकी स्थिति और आंकड़ों पर आधारित है। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें