Gold prices ने 2025 के पहले छमाही में जबरदस्त रैली दिखाई है, लेकिन अब विशेषज्ञों की मानें तो इस सप्ताह इनकी कीमतों में मजबूती से consolidation देखने को मिल सकता है। Analysts का कहना है कि निवेशक इस समय कई अहम घटनाओं के लिए तैयार हैं, जिनमें US Federal Open Market Committee (FOMC) की बैठक का नतीजा, वैश्विक व्यापार वार्ताएं और महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक डेटा शामिल हैं। ये सारे फेक्टर Gold prices के अगले रुख को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इस सप्ताह निवेशक खास तौर पर US Personal Consumption Expenditures (PCE) inflation के आंकड़ों, रोजगार डेटा, और विभिन्न क्षेत्रों के manufacturing PMI नंबरों पर नजर बनाए रखेंगे। इसके अलावा, August 1 को समाप्त हो रही Trump tariffs की suspension अवधि भी बाजार की दिशा तय करने में अहम होगी। ये tariffs कई देशों पर लगे थे, जिनमें India भी शामिल है। इस तारीख के बाद ट्रेड डील की स्थिति में बदलाव से Gold prices पर असर पड़ सकता है। JM Financial Services के Vice President, Pranav Mer ने बताया कि “Gold prices इस सप्ताह consolidation का दौर देख सकते हैं, क्योंकि US-Eurozone और US-China के बीच ट्रेड नेगोसिएशन्स के नतीजे, साथ ही US Federal Reserve और Bank of Japan की नीतिगत बैठकें निवेशकों की निगाहें इन पर टिकी होंगी। दोनों ही केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम दिखा रहे हैं, लेकिन उनकी आधिकारिक टिप्पणियां बेहद महत्वपूर्ण होंगी। ” Mer ने यह भी कहा कि Fed पर ब्याज दरें कम करने का दबाव बना हुआ है, जबकि Bank of Japan की संभावित दर वृद्धि भी बाजार को प्रभावित कर सकती है
देश के घरेलू बाजार की बात करें तो Multi Commodity Exchange (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी के लिए Gold futures ने हाल ही में ₹1,01,543 के उच्च स्तर से गिरावट लेते हुए ₹98,764 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार किया, जो लगभग 2.74% की कमी दर्शाता है। इस गिरावट से पता चलता है कि बाजार में फिलहाल खरीदार थोड़े सतर्क हो गए हैं। World Gold Council (WGC) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 के पहले क्वार्टर (जनवरी-मार्च) में Gold demand में वर्ष-दर-वर्ष 15% की गिरावट आई है, जो कि 118.1 टन रही। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से Gold का मूल्य 22% बढ़कर ₹94,030 करोड़ तक पहुंच गया। WGC ने अनुमान लगाया है कि पूरे वर्ष 2025 में भारत की Gold demand 700 से 800 टन के बीच रहने की संभावना है। Gold prices में 2025 की शुरुआत से अब तक 25% की बढ़ोतरी ने उपभोक्ता व्यवहार पर गहरा असर डाला है। ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचने से खरीदारों की क्षमता प्रभावित हुई है। इसके बावजूद, भारत में Gold की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता कम नहीं हुई है। Akshaya Tritiya और आगामी शादी के मौसम जैसे मौकों पर Gold की मांग में मजबूती बनी रहती है, जो खरीदारी के रुझान को बनाए रखता है। WGC India के CEO Sachin Jain ने कहा, “उच्च कीमतों के बावजूद, Gold की सांस्कृतिक अहमियत और त्योहारी सीजन में इसकी मांग बनी रहेगी
” अगले सप्ताह बाजार में Q1 earnings रिपोर्ट्स, Auto sales डेटा, Fed की नीति और India-U.S. ट्रेड वार्ताओं से जुड़े अपडेट निवेशकों के लिए अहम ट्रिगर्स होंगे। ये सभी कारक Gold prices के अगले रुख को प्रभावित कर सकते हैं। इस पूरी स्थिति में, Gold investors और traders को सतर्क रहना होगा और आने वाले सप्ताह में आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक निर्णयों पर नजर बनाए रखनी होगी। Gold prices की यह consolidation phase बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है। अतः, Gold prices की इस उछाल के बाद निवेशक और उपभोक्ता भविष्य में कीमतों में संभावित बदलाव के लिए तैयार रहें, क्योंकि वैश्विक और घरेलू दोनों स्तरों पर कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं