Fed के प्रमुख Jerome Powell ने Jackson Hole सम्मेलन में एक नई आर्थिक रणनीति और आगामी नीतिगत फैसलों के संकेत दिए, जिसने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। इस सम्मेलन में Powell ने साफ तौर पर कहा कि Fed सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कटौती करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, हालांकि इस फैसले पर नीति निर्माताओं के बीच मतभेद भी स्पष्ट दिखे। Powell ने अपनी भाषण में कहा कि मौजूदा आर्थिक स्थिति “चुनौतीपूर्ण” है और Fed को मुद्रास्फीति और रोजगार के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई हो रही है। Powell ने बताया कि मुद्रास्फीति अभी भी Fed के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है और बढ़ रही है, जबकि रोजगार बाजार कमजोर संकेत दे रहा है। इस स्थिति ने नीति निर्धारकों के लिए निर्णय लेना और भी जटिल बना दिया है। Chicago Fed के अध्यक्ष Austan Goolsbee ने भी सम्मेलन के दौरान कहा कि Fed का सबसे कठिन काम सही समय पर सही कदम उठाना है, खासकर ऐसे परिवर्तन के दौर में। Powell ने Fed की नई नीति रूपरेखा का भी खुलासा किया, जो 2020 में लागू की गई पिछली नीति का पुनरावलोकन है। इस नई रणनीति में मुद्रास्फीति पर फोकस को थोड़ा व्यापक बनाया गया है और इसे अधिक लचीला तथा रोजगार और मूल्य स्थिरता दोनों पर केंद्रित किया गया है। University of Chicago के Harris School की Associate Professor Carolin Pflueger ने कहा कि Powell ने स्पष्ट किया कि Fed का काम केवल मुद्रास्फीति और बेरोजगारी को नियंत्रित करना है, और यह तभी संभव है जब Fed स्वतंत्र रहेगा। Powell के भाषण के दौरान, नीति निर्माताओं के बीच स्पष्ट मतभेद भी सामने आए
जुलाई की Fed बैठक में दरों में कटौती न करने के फैसले के दौरान दो गवर्नर असहमत थे, और सितंबर में होने वाली बैठक में भी ऐसे मतभेद बढ़ सकते हैं। नीति निर्धारकों के बीच ये अलग-अलग रुख Trump प्रशासन के दबाव के बीच और जटिल हो गया है, जो ब्याज दरों को कम करने के लिए Fed पर लगातार दबाव बना रहा है। दरअसल, Powell के भाषण के दिन ही Trump ने Fed गवर्नर Lisa Cook के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वह इस्तीफा नहीं देती हैं तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। इस बार Jackson Hole सम्मेलन में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी। Fed Police, US Park Police और Teton County Sheriff’s Office के अधिकारी हथियारों के साथ मौजूद थे। यहां तक कि Trump समर्थक James Fishback को भी सुरक्षा कर्मियों ने बाहर निकाला क्योंकि उसने Lisa Cook से उनके ऊपर लगे आरोपों के बारे में सवाल किए। Powell ने अपनी भाषण में यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था से मिले संकेत मिश्रित हैं। टैरिफ के प्रभाव से कीमतों में वृद्धि तो देखी गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह मुद्रास्फीति को स्थायी रूप से बढ़ाएगा या नहीं। रोजगार बाजार की स्थिति “अजीब” है क्योंकि मांग और आपूर्ति दोनों में गिरावट देखी जा रही है। Powell के भाषण के बाद यूरो ने डॉलर के मुकाबले 1% की मजबूती दिखाई, क्योंकि Fed की नीति में संभावित कटौती से यूरो क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ सकती है
International Monetary Fund के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री Maurice Obstfeld ने भी कहा कि अमेरिका की धीमी आर्थिक वृद्धि का असर यूरो क्षेत्र और अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा। इस सम्मेलन में केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने राजनीतिक दबावों से बचने की कोशिश की, लेकिन यह बात छुपी नहीं कि White House की नजरें Fed पर टिकी हुई हैं। Harvard University की अर्थशास्त्र प्रोफेसर Karen Dynan ने कहा कि ऐसी जटिल समस्याओं का समाधान केवल विशेषज्ञता और गहन अध्ययन से ही संभव है, न कि केवल अंतर्ज्ञान या सीमित विचार-विमर्श से। आने वाले महीनों में Fed के निर्णयों पर और अधिक ध्यान रहेगा क्योंकि Powell का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है, और Trump प्रशासन Fed के पदों पर नए नामों को नियुक्त करने की तैयारी कर रहा है। संक्षेप में, Jerome Powell का Jackson Hole भाषण इस बात का संकेत है कि Fed आर्थिक परिस्थितियों के दबाव के बीच September में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, लेकिन इस फैसले को लेकर नीति निर्माताओं के बीच मतभेद और राजनीतिक दबाव इसे एक जटिल मामला बना रहे हैं। इस फैसले का असर न केवल अमेरिकी बाजारों पर बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा, जो निवेशकों और नीति निर्धारकों दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है