डिफेंस सेक्टर के शेयरों में अगस्त 4 की सुबह खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जब पिछले आठ सत्रों में से सात सत्रों में लगातार गिरावट के बाद निवेशकों ने गिरावट को मौका समझकर शेयरों में तेजी दिखाई। सुबह 10:30 बजे तक Nifty India Defence index 1.56% की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा था, जबकि पिछले आठ सत्रों में यह लगभग 8% नीचे गिर चुका था। इस तेजी का नेतृत्व Data Patterns ने किया, जो 3% से अधिक बढ़कर 2,630 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। इसके बाद Bharat Electronics Ltd और Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) के शेयर 2% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसी दौरान BEML और HAL के शेयर भी क्रमशः 1.89% और 1.71% की बढ़त के साथ ट्रेड हो रहे थे। Mazagon Dock के शेयर भी 1.6% की मजबूती के साथ 2,765.4 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए थे। हालांकि, कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट जारी रही। Zen Technologies और Paras Defence के शेयर जून तिमाही के नतीजों के बाद लगातार नीचे आ रहे हैं, जो निवेशकों में चिंता का विषय बने हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला था, जब Operation Sindoor, NATO की रक्षा खर्च में वृद्धि और Israel-Iran के बीच तनाव जैसे कारकों ने बाजार में तेजी का माहौल बनाया था। इन कारणों से डिफेंस स्टॉक्स ने 40% से लेकर 80% तक की बढ़त दर्ज की थी
लेकिन, हाल ही में Mazagon Dock और Bharat Electronics Ltd के जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से कम आए, जिससे निवेशकों की धारणा में बदलाव आया और शेयरों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। INVasset PMS के बिजनेस हेड Bhavik Joshi ने बताया कि देश में फाइटर जेट इंजन के इंडिजिनस निर्माण, निर्यात अनुबंधों में विस्तार और पब्लिक-प्राइवेट सहयोग के बढ़ने से डिफेंस सेक्टर को लंबी अवधि का समर्थन मिलेगा। Joshi ने कहा कि इस समय निवेशकों के लिए तेजी का पीछा करना कम और मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर निष्पादन क्षमता और निर्यात विस्तार वाले कंपनियों की पहचान करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि इस सेक्टर की प्रगति अब पहले जैसी तेजी से नहीं होगी, बल्कि अधिक संतुलित और मापी हुई होगी। Wealth1 के CEO और पार्टनर Naren Agarwal ने भी कहा कि भारत के डिफेंस सेक्टर के बुनियादी आधार मजबूत बने हुए हैं। घरेलू खरीद में वृद्धि, निर्यात के बेहतर अवसर और ‘Make in India’ पहल के तहत नीति समर्थन से सेक्टर का भविष्य सकारात्मक दिखाई देता है। Aerospace, naval systems और missile technology जैसे क्षेत्रों में मजबूत ऑर्डर मिलने से सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाएं बनी हुई हैं। Agarwal ने निवेशकों को सलाह दी कि वे इस समय क्वालिटी पर ध्यान दें और चुनिंदा, धैर्यपूर्ण निवेश रणनीति अपनाएं, जो समय के साथ बेहतर रिटर्न दे सकती है। इस बीच, Mazagon Dock ने जून 2025 की समेकित तिमाही में 2,625.59 करोड़ रुपये की नेट सेल्स दर्ज की, जो पिछले साल की तुलना में 11.39% अधिक है। यह संकेत है कि कंपनी के कारोबार में वृद्धि जारी है, लेकिन नतीजे उम्मीद के अनुरूप नहीं होने के कारण शेयरों पर दबाव बना हुआ है
डिफेंस सेक्टर में निवेशकों के बीच फिलहाल सतर्कता बनी हुई है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। कुछ कंपनियों के मजबूत वित्तीय परिणाम और ऑर्डर बुक निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं, जबकि कुछ के कमजोर नतीजों ने सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय निवेशकों को दीर्घकालीन दृष्टिकोण अपनाते हुए उन कंपनियों को चुनना चाहिए जिनके पास स्थिर ऑर्डर बुक, अच्छी निष्पादन क्षमता और निर्यात विस्तार की क्षमता हो। इस तरह डिफेंस शेयरों में हालिया गिरावट के बाद आई यह खरीदारी निवेशकों के बीच भरोसे और संभावनाओं के मिलेजुले संकेत को दर्शाती है। बाजार के तकनीकी पहलुओं और कंपनियों के मौलिक आंकड़ों पर नजर रखते हुए निवेशक अब बेहतर संतुलन खोजने में लगे हैं, ताकि वे अल्पकालीन उतार-चढ़ाव के बीच दीर्घकालीन लाभ हासिल कर सकें