BlueStone Jewellery & Lifestyle Limited, जो डिजिटल-फर्स्ट ज्वेलरी ब्रांड के तौर पर जाना जाता है, ने 19 अगस्त 2025 को BSE और NSE पर अपनी शुरुआत की। कंपनी ने 11 से 13 अगस्त तक अपना IPO बंद किया था, जिसकी कीमत ₹517 प्रति शेयर थी। लेकिन पहले दिन ट्रेडिंग में BlueStone Jewellery के शेयर NSE पर ₹510 और BSE पर ₹508.80 पर खुले, जो issue price से लगभग 1.4% और 1.6% की गिरावट दर्शाता है। यह शुरुआत निवेशकों के लिए निराशाजनक रही और jewellery retail सेक्टर में सतर्कता को भी दिखाती है। BlueStone Jewellery का IPO ₹517 प्रति शेयर के भाव से लॉन्च हुआ था, जिसमें न्यूनतम निवेश 29 शेयर यानी ₹14,993 था। IPO को लेकर निवेशकों की प्रतिक्रिया मध्यम रही, क्योंकि कुल सब्सक्रिप्शन 2.72 गुना था। इसमें QIB (Qualified Institutional Buyers) ने 4.25 गुना, रिटेल इन्वेस्टर्स ने 1.38 गुना और NII (Non-Institutional Investors) ने केवल 0.57 गुना सब्सक्रिप्शन दिया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि jewellery सेक्टर में हाई नेट वर्थ इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी कमजोर रही। पहले दिन के ट्रेडिंग पर नजर डालें तो BlueStone Jewellery के शेयर का खुलना issue price से कम रहा, जो निवेशकों की निराशा और मार्केट की अनिश्चितता को दर्शाता है। निवेशकों की उम्मीदों के मुकाबले यह प्रदर्शन कमज़ोर माना जा रहा है
कंपनी के विकास की बात करें तो BlueStone Jewellery ने FY25 में ₹1,830.04 करोड़ का राजस्व हासिल किया, जो FY24 के ₹1,303.49 करोड़ से लगभग 40% अधिक है। यह बढ़ोतरी contemporary lifestyle jewellery की मजबूत मांग और कंपनी की सफल मार्केट विस्तार रणनीतियों को दर्शाती है। BlueStone का इंडिया में 275 स्टोर्स का नेटवर्क है, जो 117 शहरों और 26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैला हुआ है, और 12,600 से अधिक PIN कोड एरिया को कवर करता है। कंपनी की डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस मॉडल और वर्टिकली इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स इसे प्रतिस्पर्धा में कुछ हद तक मजबूती देते हैं। हालांकि, कंपनी के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं। FY25 में BlueStone Jewellery का PAT लॉस ₹221.84 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के ₹142.24 करोड़ से काफी बढ़ा है। यह नुकसान कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर सवाल उठाता है। इसके अलावा, कंपनी का debt-to-equity ratio 0.80 है, यानी ₹728.62 करोड़ का कर्ज है, जो वित्तीय दबाव और कैश फ्लो पर असर डालता है। BlueStone Jewellery के वित्तीय मैट्रिक्स भी चिंता बढ़ाते हैं। ROE -34.53%, ROCE -3.67%, PAT मार्जिन -12.53%, और RoNW -24.45% जैसे नकारात्मक संकेत कंपनी के ऑपरेशनल और मार्जिन दबावों को दर्शाते हैं
jewellery रिटेल सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है, जिससे प्राइसिंग प्रेशर और मार्जिन कॉम्प्रेशन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जो कंपनी की स्थिरता पर असर डालती हैं। IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल BlueStone Jewellery ने ₹750 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए किया है, जो इन्वेंटरी मैनेजमेंट और बिजनेस ऑपरेशन्स को सपोर्ट करता है। इसके अलावा ₹20.75 करोड़ सामान्य कॉर्पोरेट प्रयोजनों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। यह रणनीति भविष्य में व्यवसाय के विस्तार और संचालन के लिए जरूरी है। कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹7,823.26 करोड़ के करीब है, परंतु शेयर का Price to Book Value 2.01 है, जो निवेशकों के लिए mixed सिग्नल दे रहा है। EBITDA मार्जिन 4.13% है, जो कुछ हद तक कंपनी के ऑपरेशन की मजबूती को दर्शाता है, लेकिन कुल मिलाकर प्रॉफिटेबिलिटी पर निगेटिव असर बना हुआ है। BlueStone Jewellery का IPO और इसका पहला दिन का प्रदर्शन यह साफ दिखाता है कि jewellery retail सेक्टर में निवेशकों की सोच अभी सतर्क है। डिजिटल और omni-channel मॉडल के बावजूद कंपनी को प्रॉफिटेबिलिटी और कर्ज के दबाव से निपटना होगा। निवेशकों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि बाजार में jewellery रिटेल व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा और वित्तीय चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। इसलिए, BlueStone Jewellery का यह डेब्यू मौजूदा बाजार की अनिश्चितताओं और jewellery सेक्टर की चुनौतियों का प्रतिबिंब है
निवेशकों की प्रतिक्रिया ने यह संकेत दिया है कि वे इस सेक्टर में ज्यादा जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं, खासकर तब जब कंपनी के वित्तीय नतीजे अभी भी नुकसान में चल रहे हैं। आगे का रास्ता कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण होगा, जहां उसे अपनी प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने और कर्ज कम करने पर ध्यान देना होगा